तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री ने मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह का बहिष्कार किया, 'तमिल थाई वाऴ्थु' प्रोटोकॉल पर विवाद
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने 29 जुलाई 2025 को तिरुनेलवेली स्थित मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह का बहिष्कार कर दिया। विवाद की जड़ में आधिकारिक कार्यक्रम में 'तमिल थाई वाऴ्थु' को 'वंदे मातरम्' के बाद तीसरे क्रम पर रखा जाना था, जिसे मंत्री ने अस्वीकार्य बताया। इसी समारोह में डिग्री वितरण की प्रक्रिया में अंतिम समय पर बदलाव के कारण छात्रों और उनके परिजनों में भी नाराजगी देखी गई।
गीतों के क्रम पर प्रोटोकॉल विवाद
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम्' से हुई, जबकि तमिलनाडु का राज्य वंदना गीत 'तमिल थाई वाऴ्थु' तीसरे स्थान पर रखा गया था। उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने इस क्रम पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राज्य गान को इस प्रकार पीछे रखना स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद उन्होंने समारोह में भाग लेने से इनकार कर दिया।
मंत्री के समर्थन में तिरुनेलवेली से टीवीके विधायक मुरुगन और कडायनल्लूर से विधायक राजेंद्रन ने भी दीक्षांत समारोह का बहिष्कार किया। यह घटना तमिलनाडु में राज्य-केंद्र प्रोटोकॉल विवादों की उस लंबी कड़ी से जुड़ती है, जहाँ राज्य वंदना गीत के स्थान को लेकर बार-बार राजनीतिक तनाव उभरता रहा है।
डिग्री वितरण में अंतिम समय पर बदलाव, छात्रों में निराशा
विश्वविद्यालय ने पहले घोषणा की थी कि मुख्य अतिथि एवं कुलाधिपति के रूप में उपस्थित राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर 871 छात्रों को व्यक्तिगत रूप से डिग्रियाँ प्रदान करेंगे। कुल 37,877 विद्यार्थियों को इस समारोह में डिग्रियाँ दी जानी थीं।
हालाँकि, कार्यक्रम शुरू होने से कुछ समय पहले विश्वविद्यालय ने संशोधित सूचना जारी की, जिसमें बताया गया कि केवल 113 स्वर्ण पदक विजेता छात्रों को ही राज्यपाल के हाथों सीधे डिग्री मिलेगी। शेष छात्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रमाणपत्र वितरित किए जाएँगे।
यह अप्रत्याशित बदलाव छात्रों और उनके परिजनों के लिए निराशाजनक रहा। कई परिवार राज्यपाल से सीधे डिग्री प्राप्त करने की उम्मीद लेकर विश्वविद्यालय पहुँचे थे। छात्रों ने कहा कि पूर्व घोषणा से उनकी अपेक्षाएँ बढ़ गई थीं और अंतिम क्षण में बदलाव ने भ्रम और असंतोष पैदा किया।
करीब 45 मिनट की देरी से शुरू हुआ समारोह
दोनों विवादों के कारण समारोह करीब 45 मिनट की देरी से शुरू हो सका। राज्यपाल आर्लेकर की अध्यक्षता में दीक्षांत समारोह अंततः संपन्न हुआ, जिसमें 113 स्वर्ण पदक विजेताओं को राज्यपाल ने डिग्रियाँ प्रदान कीं और अन्य विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिग्रियाँ वितरित की गईं।
गौरतलब है कि प्रोटोकॉल और डिग्री वितरण पर हुए इन दोहरे विवादों ने पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया और हजारों स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियाँ चर्चा के केंद्र से बाहर हो गईं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल के बीच विभिन्न मुद्दों पर तनाव पहले से चला आ रहा है। राज्य वंदना गीत के प्रोटोकॉल को लेकर यह पहली बार नहीं है कि राजनीतिक दल आपत्ति दर्ज करा चुके हों। आलोचकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कार्यक्रम की रूपरेखा पहले से सुनिश्चित कर लेनी चाहिए थी, ताकि छात्रों का उत्सव विवादों की छाया में न आता। विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।