तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार: शपथ में राजनीतिक नारे लगाने पर राज्यपाल ने कांग्रेस मंत्री को रोका, दोबारा दिलाई शपथ

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तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार: शपथ में राजनीतिक नारे लगाने पर राज्यपाल ने कांग्रेस मंत्री को रोका, दोबारा दिलाई शपथ

सारांश

तमिलनाडु के TVK सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस मंत्री ने शपथ के बीच राजनीतिक नारे लगाए, राज्यपाल ने तत्काल रोककर दोबारा शपथ दिलाई। कई दशकों बाद कांग्रेस की राज्य मंत्रिमंडल में वापसी हुई, लेकिन समारोह राजनीतिक प्रतीकवाद की छाया में रहा।

मुख्य बातें

21 मई 2026 को चेन्नई के लोक भवन में तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ।
राजेश कुमार ने शपथ के दौरान के.
कामराज , राजीव गांधी और राहुल गांधी की जय-जयकार की।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तत्काल हस्तक्षेप कर कहा, 'यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है', और दोबारा शपथ दिलाई।
राजेश कुमार के शामिल होने से कांग्रेस की तमिलनाडु मंत्रिमंडल में कई दशकों बाद वापसी हुई।
विजय तमिलन पार्थिबन और थेन्नारासु ने भी शपथ के दौरान राजनीतिक नारे लगाए।

तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार के शपथ ग्रहण समारोह में 21 मई 2026 को उस समय अप्रत्याशित व्यवधान उत्पन्न हुआ, जब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के लोक भवन में कांग्रेस मंत्री एस. राजेश कुमार को शपथ के बीच राजनीतिक नारे लगाने पर तत्काल टोका और उन्हें निर्धारित संवैधानिक प्रारूप के अनुसार शपथ दोबारा दिलाई। यह घटना तमिलनाडु वेट्री कजगम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार के दौरान हुई।

मुख्य घटनाक्रम

किल्लियूर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेश कुमार मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार में मंत्री पद की शपथ ले रहे थे। शपथ पाठ के दौरान वे स्वीकृत पाठ से हटकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं — के. कामराज, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी — की जय-जयकार करने लगे।

राज्यपाल आर्लेकर ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा, 'यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है।' इसके बाद एक अधिकारी ने मनोनीत मंत्री के समक्ष रखे स्वीकृत पाठ की ओर इशारा किया, और राजेश कुमार ने निर्धारित प्रारूप के अनुसार शपथ पुनः पूरी की।

कांग्रेस की कई दशकों बाद वापसी

राजेश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने से कांग्रेस की तमिलनाडु राज्य मंत्रिमंडल में कई दशकों बाद वापसी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब TVK सरकार ने अपने पहले कैबिनेट विस्तार में गठबंधन दलों को प्रतिनिधित्व देने का निर्णय किया।

अन्य मंत्रियों का राजनीतिक उत्साह

समारोह में TVK से जुड़े कुछ नवनियुक्त मंत्रियों की ओर से भी इसी तरह का राजनीतिक उत्साह देखा गया। सलेम दक्षिण के विधायक ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने शपथ पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री विजय के समर्थन में 'वाजगा थलाइवर, वलर्गा तमिल' (नेता अमर रहें, तमिल समृद्ध हो) का नारा लगाया।

इसी प्रकार, श्रीपेरुम्बुदूर के TVK विधायक थेन्नारासु ने शपथ के दौरान पार्टी नेतृत्व और संगठन के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। गौरतलब है कि इन नारों ने कुछ समय के लिए औपचारिक संवैधानिक कार्यवाही से ध्यान हटाकर राजनीतिक पहचान के प्रदर्शन की ओर मोड़ दिया।

संवैधानिक मर्यादा और राजनीतिक प्रतीकवाद

शपथ ग्रहण समारोह मूलतः सुचारू रूप से संपन्न हुआ, परंतु इन प्रसंगों ने संवैधानिक कार्यवाही की गरिमा और राजनीतिक अभिव्यक्ति के बीच की सीमा-रेखा को लेकर चर्चा छेड़ दी है। राज्यपाल का हस्तक्षेप संवैधानिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की दृष्टि से उल्लेखनीय माना जा रहा है।

आगे क्या

नवगठित विस्तारित मंत्रिमंडल के साथ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार अब अपने शासन एजेंडे को आगे बढ़ाने की स्थिति में है। कांग्रेस और TVK के बीच गठबंधन की यह पहली बड़ी परीक्षा होगी कि दोनों दल मिलकर किस प्रकार कार्य करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह प्रसंग एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है — क्या भारतीय राजनीति में शपथ जैसी औपचारिक संवैधानिक कार्यवाही अब भी पार्टी-प्रदर्शन से मुक्त रह सकती है? यह TVK के पहले कैबिनेट विस्तार में ही हुआ, जो दर्शाता है कि गठबंधन की राजनीति में प्रत्येक दल अपनी पहचान को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करने की होड़ में रहता है। कांग्रेस की कई दशकों बाद तमिलनाडु मंत्रिमंडल में वापसी एक उल्लेखनीय राजनीतिक घटना है, परंतु इस वापसी की पहली छाप एक संवैधानिक अनियमितता के रूप में दर्ज हुई — जो नई सरकार के लिए एक अनचाहा संकेत है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार में राज्यपाल ने कांग्रेस मंत्री को क्यों रोका?
कांग्रेस मंत्री एस. राजेश कुमार ने शपथ पाठ के दौरान स्वीकृत संवैधानिक पाठ से हटकर कांग्रेस नेताओं की जय-जयकार की, जो शपथ का निर्धारित हिस्सा नहीं था। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोका और निर्धारित प्रारूप के अनुसार शपथ दोबारा दिलाई।
TVK सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस को प्रतिनिधित्व कैसे मिला?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की TVK सरकार ने अपने पहले कैबिनेट विस्तार में गठबंधन दल कांग्रेस को प्रतिनिधित्व दिया। किल्लियूर विधायक एस. राजेश कुमार को मंत्री पद दिया गया, जिससे कई दशकों बाद कांग्रेस की तमिलनाडु मंत्रिमंडल में वापसी हुई।
क्या TVK के अन्य मंत्रियों ने भी शपथ के दौरान नारे लगाए?
हाँ, सलेम दक्षिण के विधायक ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने शपथ के बाद 'वाजगा थलाइवर, वलर्गा तमिल' का नारा लगाया, और श्रीपेरुम्बुदूर के TVK विधायक थेन्नारासु ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति निष्ठा व्यक्त की। हालांकि, राज्यपाल ने केवल राजेश कुमार के मामले में हस्तक्षेप किया क्योंकि वे शपथ पाठ के दौरान ही नारे लगा रहे थे।
तमिलनाडु कैबिनेट विस्तार समारोह 21 मई को कहाँ आयोजित हुआ?
यह समारोह 21 मई 2026 को चेन्नई के लोक भवन में आयोजित किया गया। यह TVK नेतृत्व वाली सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार था।
एस. राजेश कुमार कौन हैं और वे किस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?
एस. राजेश कुमार कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं और तमिलनाडु के किल्लियूर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। TVK सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्री पद दिया गया, जो गठबंधन राजनीति में कांग्रेस की भागीदारी का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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