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क्या सर्दी, खांसी और जुकाम से राहत चाहिए? घर में मौजूद यह विंटर कॉम्बो देगा आराम

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क्या सर्दी, खांसी और जुकाम से राहत चाहिए? घर में मौजूद यह विंटर कॉम्बो देगा आराम

सारांश

सर्दियों में जब ठंडी हवा और बीमारी का मौसम होता है, तो गुड़ और सोंठ का यह संयोजन आपको राहत दे सकता है। जानिए कैसे यह प्राकृतिक उपाय आपकी इम्युनिटी को मजबूत कर सकता है।

मुख्य बातें

गुड़ और सोंठ का संयोजन सर्दी-जुकाम के लिए प्रभावी है।
यह प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर है।
गुड़ श्वसन तंत्र को साफ करता है।
सोंठ में मौजूद जिंजरॉल एंटी-बैक्टीरियल गुण प्रदान करता है।
इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे सर्दियों में तापमान गिरता है, लोग अक्सर गले में खराश, छींक, और सर्दी-जुकाम का सामना करते हैं। इस स्थिति में अधिकतर लोग सिरप और दवाइयों की ओर भागते हैं, लेकिन अगर हम कहें कि रसोई में ही एक सरल और प्रभावी उपाय मौजूद है? गुड़ और सोंठ का यह संयोजन इस समस्या का समाधान हो सकता है। आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर माना गया है।

आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ और सोंठ दोनों की तासीर गर्म होती है। इसका लाभ यह है कि यह शरीर में जमा कफ और ठंड को पिघलाने में सहायता करता है। गुड़ श्वसन तंत्र को साफ करता है और आयरन की प्रचुरता के कारण हीमोग्लोबिन में वृद्धि करता है, जिससे शरीर को ठंड से लड़ने की शक्ति मिलती है।

सोंठ में उपस्थित जिंजरॉल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जो फेफड़ों की सूजन को कम करने और संक्रमण से लड़ने में सहायक है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी इसे खांसी, जुकाम, और शरीर में बढ़े कफ को दूर करने वाला बताया गया है।

इसे इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं। सूखी खांसी के लिए गुड़ और सोंठ की गोलियां तैयार की जा सकती हैं। आधा कप कद्दूकस किया हुआ गुड़ लें, उसमें 2 चम्मच सोंठ पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर थोड़ा घी डालें और गोलियां बना लें। दिन में 2-3 बार एक गोली चूसने से गले की खराश और खांसी में राहत मिलती है।

जमे हुए कफ के लिए गुनगुना काढ़ा भी लाभकारी है। एक गिलास पानी में गुड़ और सोंठ डालकर आधा उबालें और रात को सोने से पहले पिएं। यह छाती में जमा बलगम को साफ करने में मदद करता है। वहीं, शरीर को गर्म रखने और ठंड से बचने के लिए सोंठ और गुड़ के लड्डू बनाने की पुरानी परंपरा है। इसे सुबह दूध के साथ खाने से जुकाम और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

हालांकि, ध्यान रखें कि गुड़ और सोंठ की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही सेवन करें। नाक से खून आने, बवासीर या पेट की अल्सर जैसी समस्याओं वाले लोग इसे कम लें। हमेशा गहरे रंग या जैविक गुड़ का ही चुनाव करें। साथ ही इसे गुनगुने पानी या घी के साथ लेना सबसे अच्छा रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना सही होगा कि सर्दियों में सर्दी और खांसी से राहत पाने के लिए प्राकृतिक उपायों को अपनाना एक समझदारी भरा निर्णय है। गुड़ और सोंठ जैसे सरल घरेलू उपाय न केवल हमारी सेहत को बेहतर बनाते हैं, बल्कि इन्हें आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुड़ और सोंठ का सेवन कैसे करें?
गुड़ और सोंठ को गोलियों के रूप में या गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
क्या गुड़ और सोंठ सभी के लिए सुरक्षित हैं?
नहीं, जिन लोगों को नाक से खून आने, बवासीर या पेट की अल्सर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें इसका सेवन सीमित करना चाहिए।
गुड़ और सोंठ के फायदे क्या हैं?
गुड़ और सोंठ इम्युनिटी को बूस्ट करते हैं, कफ को पिघलाते हैं और खांसी में राहत देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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