IIT मद्रास का 'AI स्टूडियो': रिसर्च से सीधे बनेंगी AI, ML और डेटा साइंस कंपनियाँ
सारांश
मुख्य बातें
IIT मद्रास ने 15 सितंबर 2026 को एक अभूतपूर्व पहल की घोषणा की — देश का पहला शैक्षणिक संस्थान-आधारित AI वेंचर स्टूडियो, जिसका उद्देश्य संस्थान की शोध प्रयोगशालाओं से सीधे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस की नई कंपनियाँ तैयार करना है। यह स्टूडियो शोधकर्ताओं के विचारों को महज शोध-पत्रों तक सीमित न रखकर उन्हें बाज़ार-उपयोगी उत्पादों और उद्यमों में बदलने का लक्ष्य रखता है।
क्या है AI स्टूडियो
यह वेंचर स्टूडियो IIT मद्रास के वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड AI के सहयोग से स्थापित किया जा रहा है। स्टूडियो विशेष रूप से स्वास्थ्य AI, शिक्षा AI, ज़िम्मेदार AI (Responsible AI) और भारतीय भाषाओं से जुड़ी तकनीकों पर केंद्रित रहेगा — यानी वे क्षेत्र जहाँ भारत की सामाजिक ज़रूरतें और तकनीकी संभावनाएँ सबसे ज़्यादा मेल खाती हैं।
चुनी गई टीमों को शुरुआती पूंजी, क्लाउड और कंप्यूटिंग संसाधन, प्रयोगशाला सुविधाएँ और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सफल उद्यमों को IIT मद्रास के इन्क्यूबेशन सेल के माध्यम से स्वतंत्र कंपनी के रूप में आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड AI के प्रमुख प्रोफेसर बालारमन रविंद्रन ने कहा कि स्कूल का लक्ष्य AI को प्रयोगशाला से वास्तविक दुनिया तक ले जाना है। उनके अनुसार, AI वेंचर स्टूडियो इस दिशा में शोध को ऐसी कंपनियों में रूपांतरित करने पर ज़ोर देगा जो लोगों की वास्तविक ज़रूरतों को पूरा कर सकें।
AI स्टूडियो की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपा करेमुंगिकर ने कहा कि भारत में AI, उच्चस्तरीय शोध और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाएँ एक साथ आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में स्टूडियो का मकसद मज़बूत शोध के आधार पर ऐसी कंपनियाँ तैयार करना है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान दे सकें।
स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के प्रमुख प्रोफेसर सत्य शेषाद्रि ने इसे संस्थान की ओर से नई कंपनियाँ सक्रिय रूप से तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि चुनी गई टीमों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, तकनीकी संसाधन और ग्राहकों तक पहुँच उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया और कार्यक्रम की संरचना
आवेदकों के लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में प्रशिक्षण और बूटकैंप होगा, जिसके बाद चयनित उद्यमों के लिए विस्तृत स्टूडियो कार्यक्रम चलेगा। पहले समूह के लिए आवेदन 3 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगे।
चयनित उद्यमों को छह महीने का विकास और मूल्यांकन कार्यक्रम मिलेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तीन महीने तक बढ़ाया जा सकेगा। स्टूडियो वर्ष में दो समूह संचालित करेगा। गौरतलब है कि IIT मद्रास के अलावा दूसरे संस्थानों के अकादमिक उद्यमी और बाहरी उद्यमी भी आवेदन कर सकेंगे।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार AI को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित कर रही है और देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थान शोध से स्टार्टअप तक की खाई पाटने में जुटे हैं। IIT मद्रास पहले ही देश के सबसे सक्रिय स्टार्टअप इन्क्यूबेटरों में से एक माना जाता है, और AI स्टूडियो इस पारिस्थितिकी तंत्र को एक नई दिशा देने का प्रयास है।
आने वाले महीनों में पहले बैच के चयन और उसके परिणाम यह तय करेंगे कि क्या यह मॉडल भारत के अन्य प्रौद्योगिकी संस्थानों के लिए अनुकरणीय बन सकता है।