भारतीय चुनाव प्रणाली विश्वस्तरीय, अमेरिका भी ले सकता है सीख: BJP सांसद योगेंद्र चंदोलिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली इतनी मज़बूत और पारदर्शी है कि अमेरिका भी इससे प्रेरणा ले सकता है। उनकी यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'सेव अमेरिका एक्ट' के समर्थन में भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण दिया था।
चुनाव आयोग की भूमिका पर चंदोलिया का बयान
चंदोलिया ने कहा, "भारत का चुनाव आयोग हमेशा सुरक्षित चुनाव कराने और सही लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान देता है। वोटर लिस्ट और वोटर आईडी चुनाव आयोग के लिए बहुत अहम हैं। इसीलिए हमारे चुनावों में धांधली के आरोप नहीं लगते।" उन्होंने आगे कहा कि वोटर आईडी कार्ड लागू होने के बाद से बोगस मतदान पर प्रभावी रोक लगी है और पुनर्मतदान की नौबत भी नहीं आती। उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को स्वयं यह जानकर हैरानी हुई कि अमेरिका में चुनाव किस प्रकार संपन्न होते हैं।
झारखंड परीक्षा विवाद पर BJP सांसद का रुख
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC-CGL और TDPL के अंतर्गत आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले पर चंदोलिया ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले छात्रों पर जिस तरह का व्यवहार किया, वह निंदनीय था। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षाएँ रद्द हो जाने के बाद छात्रों को अपना आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने केंद्र में नीट विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि तब परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजित की गई थी।
खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान पर चंदोलिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "जिस कांग्रेस पार्टी के वे प्रमुख हैं, उसे देखते हुए साफ है कि कांग्रेस अध्यक्ष का स्तर कितना गिर गया है। आज कांग्रेस, जिसने 60 साल तक देश पर शासन किया, अब हाशिए पर है। हमें खड़गे साहब से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस अभी भी देश के मतदाताओं का फैसला स्वीकार नहीं कर पा रही।
NTA और छात्र हितों पर BJP नेता की राय
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर चंदोलिया ने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी एजेंसी की खामियों को दूर करने में जुटे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी देश का भविष्य है और किसी भी परिस्थिति में छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।