1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भगवा और भगवान राम का अपमान गंभीर अपराध: बाबा रामदेव का पप्पू यादव के संसद-प्रदर्शन पर कड़ा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भगवा और भगवान राम का अपमान गंभीर अपराध: बाबा रामदेव का पप्पू यादव के संसद-प्रदर्शन पर कड़ा जवाब

सारांश

योग गुरु बाबा रामदेव ने भगवा और भगवान राम के अपमान को गंभीर अपराध करार दिया — यह बयान संसद में पप्पू यादव के उस सांकेतिक नाटक के बाद आया, जिसमें राम मंदिर के दान की कथित चोरी दिखाई गई। रामदेव ने साथ ही अराजक विरोध प्रदर्शनों को अर्थहीन बताते हुए संवैधानिक तरीकों की वकालत की।

मुख्य बातें

बाबा रामदेव ने 1 अगस्त 2026 को नोएडा में कहा कि भगवा, संतों और भगवान राम का अपमान एक गंभीर अपराध है।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद में भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर दान की कथित चोरी दिखाने वाला नुक्कड़ नाटक किया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई सांसदों ने इस सांकेतिक प्रदर्शन में हिस्सा लिया और संसद में चर्चा की माँग की।
रामदेव ने अपशब्दों के प्रयोग को भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया और युवाओं में रचनात्मक सोच विकसित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अराजक आंदोलन सार्थक नहीं होते; विरोध लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से होना चाहिए।

योग गुरु बाबा रामदेव ने 1 अगस्त 2026 को नोएडा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि भगवा, संतों, भगवान राम या सनातन विरासत के किसी भी पहलू का अपमान करना न केवल बेहद आपत्तिजनक है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उनका यह बयान शुक्रवार को संसद में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आया।

संसद में क्या हुआ

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को भगवा वस्त्र धारण कर संसद पहुँचे और अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए प्राप्त दान की कथित चोरी को उजागर करने के लिए एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। विपक्ष के कई सांसदों ने श्रद्धालुओं की भूमिका निभाई और दान पेटी में पैसे डाले। पुजारी की भूमिका में यादव ने कथित तौर पर दान पेटी में पैसे डालने के बजाय उन्हें अपनी जेब में रख लिया, जिसे सपा के एक सांसद ने श्रद्धालु बनकर चुनौती दी।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई सांसदों को भी इस सांकेतिक प्रदर्शन में दान पेटी में पैसे डालते देखा गया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की माँग भी की।

बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया

इस प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने कहा, 'भगवा, संतों, भगवान राम या हमारी सनातन विरासत के किसी भी हिस्से का अपमान करना बेहद आपत्तिजनक और गंभीर अपराध है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपशब्दों का प्रयोग भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

गौरतलब है कि रामदेव से नीट पेपर लीक को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कहा कि अपशब्दों का उपयोग भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा नहीं है और युवाओं में रचनात्मक सोच विकसित करना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।

लोकतांत्रिक विरोध पर रामदेव का नज़रिया

बाबा रामदेव ने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन अराजकता में बदल जाते हैं, तो वे अपना मूल उद्देश्य खो देते हैं। उनके अनुसार, अराजक आंदोलन का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता और इसमें शामिल लोगों के लिए दीर्घकालिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर असहमति जतानी हो, तो वह मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से होनी चाहिए। रामदेव ने यह भी जोड़ा कि समाज का दृष्टिकोण समस्या-केंद्रित नहीं, बल्कि समाधान-केंद्रित होना चाहिए और सत्ता में बैठे लोगों की जवाबदेही के साथ-साथ नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी।

आम जनता और सामाजिक संदेश

रामदेव ने माता-पिता और समाज के जिम्मेदार सदस्यों से अपील की कि वे बच्चों में रचनात्मक और सकारात्मक सोच विकसित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे, विनाशकारी सोच या भागने की प्रवृत्ति से दूर रखना हर बड़े की नैतिक जिम्मेदारी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विरोध प्रदर्शनों के तरीकों को लेकर व्यापक बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसके तरीके ने मूल मुद्दे को पृष्ठभूमि में धकेल दिया। यह ऐसे समय में हुआ है जब धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग और उस पर प्रतिक्रिया — दोनों ही जनमानस को ध्रुवीकृत करने के औज़ार बन चुके हैं। असली सवाल — राम मंदिर के दान का हिसाब-किताब — इस पूरी बहस में कहीं पीछे छूट गया।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेव ने भगवा और भगवान राम के अपमान पर क्या कहा?
बाबा रामदेव ने 1 अगस्त 2026 को नोएडा में कहा कि भगवा, संतों, भगवान राम या सनातन विरासत के किसी भी हिस्से का अपमान करना बेहद आपत्तिजनक और गंभीर अपराध है। यह बयान उन्होंने संसद में हुए एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में दिया।
पप्पू यादव ने संसद में क्या विरोध प्रदर्शन किया?
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को संसद में भगवा वस्त्र पहनकर पहुँचे और अयोध्या के राम मंदिर के लिए मिले दान की कथित चोरी को दर्शाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई सांसदों ने भाग लिया और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की माँग की।
रामदेव ने अराजक विरोध प्रदर्शनों पर क्या राय दी?
बाबा रामदेव ने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन अराजकता में बदल जाते हैं, तो उनका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता और इसमें शामिल लोगों के लिए दीर्घकालिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से जताई जानी चाहिए।
रामदेव ने अपशब्दों के इस्तेमाल पर क्या कहा?
बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया कि अपशब्दों का प्रयोग भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने माता-पिता और समाज से अपील की कि बच्चों में रचनात्मक और सकारात्मक सोच विकसित की जाए, न कि विनाशकारी प्रवृत्तियाँ।
राम मंदिर दान विवाद क्या है जिसे विपक्ष ने उठाया?
विपक्षी सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं से प्राप्त दान के कथित गबन का मुद्दा उठाया है। पप्पू यादव के नेतृत्व में संसद में इस पर नुक्कड़ नाटक के ज़रिए ध्यान आकर्षित किया गया और सदन में इस पर चर्चा की माँग की गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 33 मिनट पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 4 घंटे पहले
  4. 19 घंटे पहले
  5. 23 घंटे पहले
  6. कल
  7. कल
  8. कल