जयपुर में पालतू कुत्ते-बिल्ली का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, 30 सितंबर तक न कराने पर ₹5,000 जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर नगर निगम (JMC) ने शहर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है और चेतावनी दी है कि 30 सितंबर 2026 तक पंजीकरण न कराने वाले मालिकों पर ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने स्पष्ट किया कि यह पहल जुर्माने के लिए नहीं, बल्कि जयपुर को रेबीज-मुक्त बनाने और पशु कल्याण सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और शुल्क
नए नियमों के अंतर्गत प्रत्येक पालतू जानवर के पंजीकरण के लिए ₹1,000 प्लस GST की एकमुश्त फीस निर्धारित की गई है, जबकि सालाना नवीनीकरण शुल्क ₹500 प्लस GST रहेगा। नगर निगम ने निवासियों को रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
पंजीकरण रिकॉर्ड में टीकाकरण का विवरण भी दर्ज किया जाएगा, जिससे पूरे शहर में पालतू जानवरों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार होगा। 30 सितंबर के बाद पंजीकरण न कराने पर ₹5,000 और नियमों के आगे उल्लंघन पर ₹2,000 का अतिरिक्त जुर्माना देय होगा।
टीकाकरण नियम और पशु कल्याण
नए नियमों के तहत प्रत्येक पालतू कुत्ते और बिल्ली को तीन महीने की आयु में एंटी-रेबीज का पहला टीका लगवाना अनिवार्य होगा और इसके बाद प्रतिवर्ष बूस्टर डोज़ लेनी होगी। तीन महीने से कम आयु के पिल्लों या बिल्ली के बच्चों की खरीद पर खरीदार को एक हलफनामा देना होगा, जिसमें निर्धारित आयु पर टीकाकरण कराने की पुष्टि हो।
नगर निगम द्वारा जब्त किए गए जानवरों के लिए प्रतिदिन ₹100 का रखरखाव शुल्क भी तय किया गया है।
पेट शॉप, ब्रीडर और केनेल के लिए नए नियम
पालतू जानवरों का व्यापार करने वाले पेट शॉप, ब्रीडर और केनेल संचालकों को अब एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के पास अनिवार्य रूप से पंजीकृत होना होगा। किसी भी कुत्ते या बिल्ली को बेचने या नए मालिक को सौंपने से पहले नगर निगम में पंजीकरण कराना ज़रूरी होगा।
इसके अलावा, व्यापारियों को हर तीन महीने में खरीदे और बेचे गए सभी जानवरों का रिकॉर्ड नगर निगम को जमा करना होगा। यह प्रावधान पालतू जानवरों की अवैध बिक्री और बेहिसाब प्रजनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
2 अगस्त को 'पेट कार्निवल' का आयोजन
जयपुर नगर निगम 2 अगस्त 2026 को फ्रेंडशिप डे के अवसर पर शहर का सबसे बड़ा 'पेट कार्निवल' आयोजित करेगा। इस इवेंट में मौके पर ही पंजीकरण, मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, स्वास्थ्य जाँच और पालतू जानवरों को गोद लेने की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी।
गौरतलब है कि देश के कई अन्य शहरों — बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली — में भी पालतू जानवरों के पंजीकरण की अनिवार्यता लागू है, लेकिन क्रियान्वयन की कमी के कारण इन नीतियों की प्रभावशीलता सीमित रही है। जयपुर का यह कदम ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में रेबीज के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने नागरिकों से 30 सितंबर की समय-सीमा से पहले पंजीकरण कराने की अपील की है।