जमशेदपुर में सिविल डिफेंस की एयर रेड व ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय के निर्देश पर हुआ आपदा प्रबंधन अभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर में 13 जुलाई 2026 को सिविल डिफेंस की व्यापक एयर रेड, ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य संभावित हवाई हमले या अन्य आपात स्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था। यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय, नई दिल्ली और झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त रमेश गोलप (भा.प्र.से.) के दिशा-निर्देश पर संपन्न हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
मॉक ड्रिल बिष्टुपुर स्थित महारानी मेंशन और सर्किट हाउस क्षेत्र में आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान एयर रेड सायरन बजाए गए, ब्लैकआउट व्यवस्था लागू की गई और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का समग्र परीक्षण किया गया। सिविल डिफेंस कर्मियों ने आपदा की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
अधिकारियों का नेतृत्व
यह अभ्यास उपायुक्त सह नियंत्रक सिविल डिफेंस राजीव रंजन और अनुमंडल पदाधिकारी सह उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा अर्णव मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल का मुख्य लक्ष्य प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना और उभरी कमियों को समय रहते दूर करना है।
विभागों के बीच समन्वय
इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षावाहिनी, एनसीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी विभागों ने आपसी तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय की क्षमता को परखा जा सका।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्पष्ट अपील की कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास था और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
आगे की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाया जा सके। मॉक ड्रिल से प्राप्त अनुभव के आधार पर राहत एवं बचाव प्रक्रियाओं को परिष्कृत किया जाएगा और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।