14 जुलाई 2026
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जमशेदपुर में सिविल डिफेंस की एयर रेड व ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय के निर्देश पर हुआ आपदा प्रबंधन अभ्यास

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जमशेदपुर में सिविल डिफेंस की एयर रेड व ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय के निर्देश पर हुआ आपदा प्रबंधन अभ्यास

सारांश

जमशेदपुर के बिष्टुपुर में गृह मंत्रालय के निर्देश पर सिविल डिफेंस की एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल हुई। पुलिस, अग्निशमन, एनसीसी और गृह रक्षावाहिनी सहित कई विभागों ने मिलकर आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया।

मुख्य बातें

13 जुलाई 2026 को जमशेदपुर के बिष्टुपुर में सिविल डिफेंस की एयर रेड, ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल आयोजित हुई।
अभ्यास गृह मंत्रालय और झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त रमेश गोलप के दिशा-निर्देश पर हुआ।
उपायुक्त राजीव रंजन और अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा के मार्गदर्शन में ड्रिल संपन्न हुई।
पुलिस, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षावाहिनी और एनसीसी सहित कई विभागों ने भाग लिया।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की।

जमशेदपुर में 13 जुलाई 2026 को सिविल डिफेंस की व्यापक एयर रेड, ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य संभावित हवाई हमले या अन्य आपात स्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था। यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय, नई दिल्ली और झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त रमेश गोलप (भा.प्र.से.) के दिशा-निर्देश पर संपन्न हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

मॉक ड्रिल बिष्टुपुर स्थित महारानी मेंशन और सर्किट हाउस क्षेत्र में आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान एयर रेड सायरन बजाए गए, ब्लैकआउट व्यवस्था लागू की गई और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का समग्र परीक्षण किया गया। सिविल डिफेंस कर्मियों ने आपदा की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

अधिकारियों का नेतृत्व

यह अभ्यास उपायुक्त सह नियंत्रक सिविल डिफेंस राजीव रंजन और अनुमंडल पदाधिकारी सह उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा अर्णव मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल का मुख्य लक्ष्य प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना और उभरी कमियों को समय रहते दूर करना है।

विभागों के बीच समन्वय

इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षावाहिनी, एनसीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी विभागों ने आपसी तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय की क्षमता को परखा जा सका।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्पष्ट अपील की कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास था और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

आगे की तैयारी

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाया जा सके। मॉक ड्रिल से प्राप्त अनुभव के आधार पर राहत एवं बचाव प्रक्रियाओं को परिष्कृत किया जाएगा और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नागरिकों को इन प्रक्रियाओं से परिचित कराने का काम अभी भी अधूरा दिखता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल क्यों आयोजित की गई?
यह ड्रिल संभावित हवाई हमले या अन्य आपात स्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता परखने के लिए आयोजित की गई। गृह मंत्रालय और झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर यह अभ्यास 13 जुलाई 2026 को हुआ।
मॉक ड्रिल में कौन-कौन से विभागों ने भाग लिया?
इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षावाहिनी, एनसीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने मिलकर आपातकालीन प्रतिक्रिया और राहत-बचाव प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान क्या-क्या किया गया?
अभ्यास के दौरान एयर रेड सायरन बजाए गए, ब्लैकआउट व्यवस्था लागू की गई और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया गया। सिविल डिफेंस कर्मियों ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया।
क्या जमशेदपुर के नागरिकों को घबराने की ज़रूरत थी?
नहीं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास था और नागरिकों को किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और किसी वास्तविक आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
इस तरह की मॉक ड्रिल कितनी बार होती है?
अधिकारियों के अनुसार, आपदा प्रबंधन तंत्र को प्रभावी बनाए रखने के लिए इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। इनसे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होता है और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
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