जसवंत सिंह जसोल की पुण्यतिथि: ओम बिड़ला, भजन लाल, हिमंता सरमा समेत दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जसवंत सिंह जसोल की पुण्यतिथि पर 27 सितंबर 2026 को देशभर के राजनेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान के बाड़मेर जिले के जसोल गाँव से ताल्लुक रखने वाले जसवंत सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त, विदेश और रक्षा — तीनों प्रमुख मंत्रालयों का नेतृत्व किया था। उनके कूटनीतिक कौशल और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को नेताओं ने आज भी अमूल्य बताया।
लोकसभा अध्यक्ष और राज्यों के मुख्यमंत्रियों का नमन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'वरिष्ठ राजनेता, पूर्व केंद्रीय वित्त, विदेश एवं रक्षा मंत्री, राजस्थान के गौरव स्व. जसवंत सिंह जी जसोल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन। मालाणी के सपूत स्व. जसवंत सिंह का योगदान भारतीय राजनीति और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में सदैव स्मरणीय रहेगा।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, 'रक्षा, वित्त और विदेश मामलों में उनकी असाधारण दूरदर्शिता एवं कूटनीतिक कौशल ने राष्ट्र को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दी। मातृभूमि के गौरव, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित उनका शुचितापूर्ण जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।'
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें भाजपा के संस्थापक सदस्यों में गिनते हुए याद किया। उन्होंने लिखा, 'भारतीय राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक और हमारी पार्टी के संस्थापकों में से एक जसवंत सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। गरीबों के लिए उनके काम और देश की रक्षा-व्यवस्था को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।'
केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लिखा कि जसवंत सिंह की दूरदर्शिता और कूटनीतिक कौशल ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके अवदान को अतुलनीय बताया।
जसवंत सिंह का राजनीतिक सफर
जसवंत सिंह को 'मालाणी का सपूत' कहा जाता है। वे राजस्थान के बाड़मेर के जसोल गाँव के थे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वाजपेयी सरकार के दौर में उन्होंने देश के तीन सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों — वित्त, विदेश और रक्षा — का कुशलतापूर्वक संचालन किया। विदेश नीति में उनके कूटनीतिक कदम और रक्षा क्षेत्र में उनके सुधार आज भी नीति-विशेषज्ञों के बीच संदर्भ-बिंदु माने जाते हैं।
राष्ट्रीय महत्व और विरासत
गौरतलब है कि जसवंत सिंह उन विरल राजनेताओं में से थे जिन्होंने एक ही कार्यकाल में तीन अलग-अलग कैबिनेट मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाली। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक श्रद्धा का भाव देखने को मिला। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी रहेगी।