13 सितंबर 2026
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जौनपुर हत्याकांड: मंत्री अनिल राजभर का दावा — यूपी की 90% आपराधिक घटनाओं में सपा कनेक्शन

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जौनपुर हत्याकांड: मंत्री अनिल राजभर का दावा — यूपी की 90% आपराधिक घटनाओं में सपा कनेक्शन

सारांश

जौनपुर में ट्रेलर चालक विशाल यादव की लाठी-डंडों से हत्या के बाद मंत्री अनिल राजभर ने सपा पर 90% अपराधों में कनेक्शन का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और 28 नामजद समेत कुल 78 के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।

मुख्य बातें

11 सितंबर 2026 को जौनपुर के तिवारीपुर निवासी विशाल यादव उर्फ बिच्छी की लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमले में मौत हुई।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का दावा — यूपी की 90% आपराधिक घटनाओं में समाजवादी पार्टी का कनेक्शन सामने आता है।
पीड़ित की माँ मालती देवी ने सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
मामले में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज।
परिजनों ने शव जौनपुर-मिर्जापुर हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया था।
सरकार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने जौनपुर में विशाल यादव की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में होने वाली आपराधिक घटनाओं में से 90 प्रतिशत मामलों में किसी न किसी रूप में सपा का कनेक्शन सामने आता है। इस हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।

मुख्य घटनाक्रम

11 सितंबर 2026 को जौनपुर के तिवारीपुर निवासी विशाल यादव उर्फ बिच्छी सैलून से बाल कटवाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने उन पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण विशाल की मौत हो गई। विशाल गुजरात में ट्रेलर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

घटना से आक्रोशित परिजनों ने विशाल का शव जौनपुर-मिर्जापुर हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया। इस मामले में अब तक 28 नामजद और 50 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

परिजनों के आरोप

विशाल की माँ मालती देवी और अन्य परिजनों ने स्थानीय सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों को संरक्षण देने वालों के विरुद्ध सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा, 'ऐसे मामलों में कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने।' उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार जब तक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाता, सरकार की कार्रवाई नहीं रुकेगी।

गौरतलब है कि सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच होगी, ऐसा मंत्री ने कहा।

राजनीतिक आयाम

यह मामला केवल एक अपराध की घटना नहीं रह गया है — यह यूपी की राजनीति में सपा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच अपराध-राजनीति की बहस का नया अध्याय बन गया है। आलोचकों का कहना है कि चुनावी मौसम के नज़दीक आने के साथ इस तरह के बयान राजनीतिक रंग लेते हैं और जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या होगा आगे

मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया में जुटी है। न्यायिक जांच की मांग भी उठ रही है। पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिक समाज इस मामले में त्वरित और पारदर्शी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी कोई सत्यापन-योग्य आधार नहीं दिया गया — यह एक गंभीर आरोप है जिसके लिए साक्ष्य की जरूरत है, महज़ दावे की नहीं। विशाल यादव की हत्या एक वास्तविक त्रासदी है और परिवार के आरोप जांच के पात्र हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल के मंत्री द्वारा जांच से पहले ही राजनीतिक निष्कर्ष निकालना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यूपी में अपराध और जाति-राजनीति का गठजोड़ नया नहीं है — असली सवाल यह है कि क्या यह सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी, या यह घटना भी चुनावी बयानबाज़ी का ईंधन बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाल यादव की हत्या कब और कैसे हुई?
11 सितंबर 2026 को जौनपुर के तिवारीपुर निवासी विशाल यादव उर्फ बिच्छी सैलून से घर लौट रहे थे, तभी अराजक तत्वों ने उन पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
मंत्री अनिल राजभर ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में होने वाली 90 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं में समाजवादी पार्टी का कनेक्शन सामने आता है। उन्होंने विशाल यादव हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में भी पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
सपा विधायक लकी यादव पर क्या आरोप हैं?
विशाल यादव की माँ मालती देवी और अन्य परिजनों ने स्थानीय सपा विधायक लकी यादव पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। यह आरोप पुलिस शिकायत में दर्ज किए गए हैं और मंत्री ने कहा है कि इनकी गंभीरता से जांच की जाएगी।
इस मामले में अब तक कितने लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है?
विशाल यादव हत्याकांड में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया में जुटी है।
सरकार ने इस मामले में क्या आश्वासन दिया है?
मंत्री अनिल राजभर ने कहा है कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार के पूरी तरह संतुष्ट होने तक सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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