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झारखंड हाईकोर्ट ने पुष्पा महतो मामले में नरकंकाल DNA जांच की देरी पर सरकार से माँगा जवाब

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झारखंड हाईकोर्ट ने पुष्पा महतो मामले में नरकंकाल DNA जांच की देरी पर सरकार से माँगा जवाब

सारांश

बोकारो की लापता छात्रा पुष्पा महतो के कथित नरकंकाल की DNA जांच में रासायनिक पदार्थ के उपयोग से देरी हो रही है — झारखंड हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से जवाब माँगा है और SIT प्रमुख को दो सप्ताह में तलब किया है।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने 8 जून 2026 को पुष्पा कुमारी महतो मामले में DNA जांच की देरी पर सरकार से स्पष्टीकरण माँगा।
कंकाल को रिम्स, रांची भेजने के दौरान रासायनिक पदार्थ के उपयोग से वैज्ञानिक परीक्षण बाधित हुआ — अदालत ने इसका कारण पूछा।
SIT प्रमुख को अगली सुनवाई में अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश; आईजी और एसपी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट।
पुष्पा महतो बोकारो जिले से अगस्त 2025 से लापता है; परिजनों ने कंकाल की पहचान पर शुरू से सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट ने अप्रैल में DNA परीक्षण का आदेश दिया था; अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित।

झारखंड हाईकोर्ट ने 8 जून 2026 को बोकारो जिले की लापता 18 वर्षीय छात्रा पुष्पा कुमारी महतो के मामले में बरामद नरकंकाल की DNA जांच में हो रही अनावश्यक देरी पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण माँगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया में किसी भी विलंब का ठोस और दस्तावेज़ी कारण रिकॉर्ड पर लाया जाना अनिवार्य है।

अदालत में क्या हुआ

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति प्रदीप श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की। केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि पुलिस द्वारा बरामद और पुष्पा महतो का कथित नरकंकाल अब तक DNA परीक्षण से नहीं गुज़रा है। अधिवक्ता के अनुसार, कंकाल को रांची स्थित रिम्स (RIMS) भेजे जाने की प्रक्रिया में एक रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया गया था, जिसके कारण वैज्ञानिक परीक्षण बाधित हो गया।

रासायनिक पदार्थ पर अदालत का सवाल

खंडपीठ ने इस खुलासे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जानना चाहा कि कंकाल में वह रासायनिक पदार्थ किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से मिलाया गया। यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मृतका के परिजन और याचिकाकर्ता पक्ष पहले ही आशंका जता चुके हैं कि बरामद कंकाल पुष्पा का नहीं हो सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि देरी का हर कारण अभिलेख पर दर्ज होना चाहिए।

अधिकारियों की उपस्थिति और अगले कदम

सुनवाई के दौरान बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख अदालत में उपस्थित रहे। खंडपीठ ने आईजी और एसपी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी, परंतु SIT प्रमुख को अगली तारीख पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित है।

मामले की पृष्ठभूमि

बोकारो जिले की निवासी पुष्पा कुमारी महतो अगस्त 2025 से लापता है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एक नरकंकाल बरामद किया था। परिजनों और याचिकाकर्ताओं ने शुरू से ही इस कंकाल की पहचान पर सवाल उठाए हैं। इसी वर्ष अप्रैल में हाईकोर्ट ने DNA परीक्षण का आदेश दिया था और तब से जांच की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में लापता महिलाओं के मामलों में जांच की धीमी गति पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आगे अदालत की सख्त निगरानी में DNA रिपोर्ट प्रस्तुत होना इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि साक्ष्य दूषित हो चुका है तो आरोपी के खिलाफ अभियोजन कमज़ोर पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। अदालत की नियमित निगरानी ज़रूरी है, लेकिन असली जवाबदेही तभी तय होगी जब SIT यह स्पष्ट करे कि रासायनिक पदार्थ किसके आदेश पर और किस प्रोटोकॉल के तहत इस्तेमाल किया गया।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्पा कुमारी महतो कौन है और वह कब से लापता है?
पुष्पा कुमारी महतो झारखंड के बोकारो जिले की 18 वर्षीय छात्रा है, जो अगस्त 2025 से लापता है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एक नरकंकाल बरामद किया था, जिसे कथित तौर पर पुष्पा का बताया गया।
DNA जांच में देरी क्यों हो रही है?
केंद्र सरकार के अधिवक्ता के अनुसार, कंकाल को रिम्स, रांची भेजने की प्रक्रिया में एक रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया गया, जिससे वैज्ञानिक परीक्षण बाधित हो गया। झारखंड हाईकोर्ट ने इस रासायनिक पदार्थ के उपयोग का कारण और परिस्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिए हैं?
हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में DNA परीक्षण का आदेश दिया था। 8 जून की सुनवाई में खंडपीठ ने सरकार से देरी का स्पष्टीकरण माँगा, SIT प्रमुख को अगली सुनवाई में अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश दिया, और आईजी व एसपी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी।
परिजनों ने बरामद कंकाल पर क्या आपत्ति जताई है?
मृतका के परिजनों और याचिकाकर्ता पक्ष ने शुरू से आशंका जताई है कि बरामद कंकाल पुष्पा महतो का नहीं हो सकता। इसी आशंका के चलते हाईकोर्ट ने DNA परीक्षण का आदेश दिया था।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित है, जिसमें SIT प्रमुख की अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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