जेपीएससी विवाद: भाजपा सांसद विष्णु दयाल राम बोले — खियांगते की गिरफ्तारी 'बड़ी मछली' को बचाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद विष्णु दयाल राम ने 10 अगस्त को आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते की गिरफ्तारी असली दोषियों को बचाने की रणनीति है और राज्य सरकार को तत्काल पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपनी चाहिए। उनका यह बयान झारखंड में जेपीएससी भर्ती घोटाले को लेकर चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में आया है।
गिरफ्तारी पर सवाल
विष्णु दयाल राम ने कहा कि एल खियांगते की गिरफ्तारी को वे किसी 'बड़ी मछली' को बचाने की कार्रवाई मानते हैं। उनके अनुसार, यदि झारखंड सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना चाहती है, तो उसे छात्रों की मांग पर गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने कहा, 'इतने बड़े छात्र आंदोलन के बावजूद सीबीआई जांच न सौंपा जाना दाल में कुछ काला होने का संकेत देता है।'
रांची में लाठीचार्ज पर आपत्ति
रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कंटीले तार लगाए जाने पर भी सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पहले ही अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की घोषणा की थी, फिर भी प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेड और कंटीले तार लगाए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह के तारों का इस्तेमाल आमतौर पर भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे अतिसंवेदनशील इलाकों में होता है — अपने ही राज्य के छात्रों के विरुद्ध इसका उपयोग 'स्वीकार्य नहीं' है।
सरकार की प्रतिक्रिया और संसदीय जवाबदेही
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है और जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे। इस पर विष्णु दयाल राम ने कहा कि सरकार हमेशा संसद में हर विषय पर चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार रही है। उन्होंने कहा कि संसद लोकतांत्रिक बहस का सबसे उचित मंच है।
छात्र आंदोलन जारी रहने की वजह
झारखंड सरकार द्वारा जांच की घोषणा, कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई और राज्यपाल द्वारा तीन इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बावजूद छात्रों का आंदोलन थमा नहीं है। विष्णु दयाल राम ने कहा कि छात्रों को लगता है कि अब तक की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग केवल कुछ अधिकारियों की बर्खास्तगी तक सीमित नहीं, बल्कि वे पूरे घोटाले की सीबीआई जांच चाहते हैं — और यह जांच चाहे जितने बड़े व्यक्ति तक जाए, उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
अन्य राजनीतिक घटनाक्रम
सांसद ने एफसीआरए विधेयक पर कांग्रेस द्वारा 10, 11 और 12 अगस्त के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किए जाने को पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद में किसी भी विधेयक पर विस्तृत चर्चा के पक्षधर हैं। इसी बीच, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दौरे के दौरान कथित तौर पर नारेबाजी और उनकी कार पर मिट्टी व चप्पलें फेंके जाने की घटना पर विष्णु दयाल राम ने कहा कि यह जनता में व्याप्त आक्रोश का परिणाम है। जेपीएससी विवाद में आगे की कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग पर सरकार का रुख ही तय करेगा कि यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा।