कश्मीरी पंडितों को धमकी पर शिवसेना का अल्टीमेटम: उमर अब्दुल्ला सरकार तुरंत करे कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने 3 सितंबर 2026 को मुंबई में कश्मीरी पंडितों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से तत्काल कार्रवाई की माँग की। हेगड़े ने स्पष्ट कहा कि कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
कश्मीरी पंडितों को धमकी: शिवसेना की चेतावनी
हेगड़े ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को धमकियाँ मिलने की जो खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि ये धमकियाँ कथित तौर पर एक ऐसे संगठन से जुड़ी हैं जिसे पुलिस लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा बताती है। हेगड़े ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य प्रशासन से माँग की कि धमकी देने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएँ और पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। गौरतलब है कि कश्मीरी पंडित समुदाय दशकों से विस्थापन और सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करता आया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में नई नियुक्ति का समर्थन
हेगड़े ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मिश्रा एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने पश्चिमी कमान का नेतृत्व किया है और ऑपरेशन सिंदूर में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हेगड़े के अनुसार, नए सीईओ ट्रस्ट के समस्त कामकाज और गतिविधियों की देखरेख करेंगे, जिससे संस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने ट्रस्ट में महासचिव पद पर गोविंद देव गिरि जी महाराज की नियुक्ति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है।
वंदे मातरम विवाद पर हेगड़े का रुख
हेगड़े ने गीतांजलि अंगमो के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वंदे मातरम में जिन देवी-देवताओं का उल्लेख है, उन्हें प्रतीकात्मक रूप से देखा जाना चाहिए — लक्ष्मी को धन, सरस्वती को ज्ञान और दुर्गा को शक्ति के प्रतीक के रूप में। हेगड़े ने कहा कि ये आकांक्षाएँ सभी धर्मों के लोगों में समान रूप से होती हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार हिंदू उर्दू गज़लों और अन्य सांस्कृतिक रूपों को अपनाते हैं, उसी प्रकार अन्य धर्मों के लोगों को भी वंदे मातरम के प्रति आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्मरण दिलाया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस राष्ट्रगीत ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया था।
अजित पवार विमान दुर्घटना: जाँच रिपोर्टों पर भरोसा
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा उठाए गए सवालों पर हेगड़े ने कहा कि यह एक अत्यंत दुखद घटना थी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच सीआईडी, डीजीसीए और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो द्वारा की गई, जिसमें ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की भी जाँच शामिल थी।
हेगड़े ने कहा कि संबंधित एजेंसियों ने अपनी-अपनी रिपोर्टें प्रस्तुत की हैं और किसी विवाद का कोई संकेत नहीं मिला। उन्होंने पटोले के बयान को उनकी निजी राय बताते हुए कहा कि उपलब्ध जाँच रिपोर्टें एक अलग तस्वीर पेश करती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार इन रिपोर्टों को सार्वजनिक करती है।