बर्धमान में TMC सांसद कीर्ति आजाद के पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़, BJP पर लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद ने 20 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि बर्धमान शहर के कर्जन गेट इलाके में स्थित उनके पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई है, उनकी नेमप्लेट हटाकर पास के कूड़ेदान में फेंक दी गई है, और आधिकारिक लेटरहेड तथा मुहरें चुरा ली गई हैं। बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित आजाद ने इस घटना के लिए कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है, हालाँकि BJP ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
घटनाक्रम का विवरण
कीर्ति आजाद का यह कार्यालय बर्धमान शहर के कर्जन गेट इलाके में है और कथित तोड़फोड़ से पहले कई दिनों से बंद था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कार्यालय के दरवाजे पर लगी सांसद की नेमप्लेट कार्यालय के बगल में रखे एक कूड़ेदान में पड़ी मिली। आजाद ने तोड़फोड़ की तस्वीरें और नेमप्लेट की स्थिति दर्शाने वाली छवियाँ सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
आजाद ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैंने अपने ट्वीट में कहा था कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं है। भाजपा के गुंडों ने मेरे कार्यालय में तोड़फोड़ की है और मेरे आधिकारिक दस्तावेज, मुहर तथा लेटरहेड उठा ले गए हैं। कृपया इस मामले पर ध्यान दें। राजनीतिक लड़ाई लड़ने का यह तरीका नहीं है। मैं आपको आमने-सामने लाइव बहस की चुनौती देता हूँ।' उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से भी इस मामले का संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करने की अपील की।
TMC की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस के नेता देबू टुडु ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कथित तौर पर BJP के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों ने सांसद के कार्यालय में तोड़फोड़ की है। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा, 'पूजा के समय जब सभी लोग एकजुट होते हैं, ऐसे घटनाक्रम दुखद हैं। बंगाल में पहले इस तरह की संस्कृति नहीं थी।' पार्टी की ओर से इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।
BJP का खंडन
BJP ने सांसद और TMC के स्थानीय नेतृत्व द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के जिला सचिव देबज्योति सिन्हा रॉय ने कहा, 'इस घटना से BJP का कोई लेना-देना नहीं है। BJP किसी के पार्टी कार्यालय या पुस्तकालय में तोड़फोड़ करने की राजनीति में विश्वास नहीं करती।' उन्होंने यह भी कहा कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आएगी। सिन्हा रॉय ने स्पष्ट किया कि यदि जाँच में किसी BJP कार्यकर्ता की संलिप्तता साबित होती है, तो पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि बंगाल में प्रतिद्वंद्वी दलों के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, जो राज्य की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल खड़े करती हैं। कीर्ति आजाद, जो पहले BJP में थे और बाद में TMC में शामिल हुए, अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों के केंद्र में रहते हैं।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।