14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मदरसों में धार्मिक के साथ आधुनिक शिक्षा भी ज़रूरी: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मदरसों में धार्मिक के साथ आधुनिक शिक्षा भी ज़रूरी: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना

सारांश

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने एक ही मंच से कई अहम मुद्दों पर BJP का पक्ष रखा — पश्चिम बंगाल के मदरसों से लेकर यूसीसी, वंदे मातरम् और ब्रिक्स तक। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मदरसा नियमन और UCC को लेकर राष्ट्रीय बहस एक बार फिर गर्म है।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने 14 सितंबर 2026 को कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
पश्चिम बंगाल के 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किए जाने पर उन्होंने मदरसों में आधुनिक गणित, विज्ञान और मानविकी पढ़ाने की वकालत की।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना लोकतंत्र की बुनियाद है।
महिला एशिया कप में भारत की जीत को 'राष्ट्रीय गौरव' बताया और पहलगाम आतंकी हमले को वैश्विक स्मृति में रखे जाने पर ज़ोर दिया।
राहुल गांधी के ब्रिक्स गाला डिनर संबंधी बयान को 'अनावश्यक टिप्पणी' करार दिया; कांग्रेस से रचनात्मक राजनीति की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखा — जिनमें पश्चिम बंगाल में 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किया जाना, समान नागरिक संहिता (UCC), वंदे मातरम्, महिला एशिया कप, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान शामिल हैं। खटाना ने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान और मानविकी जैसे आधुनिक विषयों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

मदरसा शिक्षा और आधुनिक पाठ्यक्रम

पश्चिम बंगाल में 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किए जाने के संदर्भ में खटाना ने कहा कि मदरसा शिक्षा में सुधार की दिशा में लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक गणित (Modern Mathematics), विज्ञान (Science) और मानविकी (Humanities) जैसे विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। गौरतलब है कि मदरसा सुधार का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में विधायी और न्यायिक स्तर पर उठता रहा है।

महिला एशिया कप और पहलगाम का संदर्भ

महिला एशिया कप में भारतीय टीम की जीत पर खटाना ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत ने पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 'सख्त संदेश' की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को दुनिया को याद रखना चाहिए। खटाना के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान में अपने प्रदर्शन से देश की भावना को व्यक्त किया है।

वंदे मातरम् और राष्ट्रीय पहचान

भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच से पहले राष्ट्रगान के साथ वंदे मातरम् गाए जाने के निर्णय का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि यह गीत देश की संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता आंदोलन से अविभाज्य रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर 'अनावश्यक विवाद' खड़ा किया जा रहा है, जबकि वंदे मातरम् को भारत की स्वाधीनता की लड़ाई में केंद्रीय स्थान प्राप्त है।

यूसीसी और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर रुख

गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (UCC) संबंधी बयान का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना यही है कि सभी नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य समान हों, इसलिए कानून भी सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर उन्होंने कहा कि भारत की मेजबानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को मज़बूत किया और सदस्य व साझेदार देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के रुख का समर्थन किया।

तकनीक के हथियारीकरण और राहुल गांधी पर पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन में तकनीक के हथियारीकरण पर जताई गई चिंता का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि तकनीक पर किसी एक देश या समूह का वर्चस्व नहीं होना चाहिए और इसके लाभ दुनिया के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचने चाहिए। राहुल गांधी द्वारा ब्रिक्स गाला डिनर को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को 'खान-पान जैसे मुद्दों' के बजाय देशहित और वैश्विक मामलों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से 'रचनात्मक राजनीति' करने और 'अनावश्यक टिप्पणियों' से बचने का आग्रह किया। आने वाले दिनों में मदरसा सुधार और यूसीसी पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मदरसों में आधुनिक शिक्षा की वकालत का स्वागत होना चाहिए, लेकिन असली सवाल यह है कि 252 मदरसे बंद करने का निर्णय शिक्षा-सुधार की दृष्टि से लिया गया या राजनीतिक दबाव में — और इसमें पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य कौन सुनिश्चित करेगा। वंदे मातरम् और ब्रिक्स डिनर जैसे मुद्दों को एक ही प्रेस वार्ता में जोड़ना यह भी दिखाता है कि मुख्य खबर — मदरसा नीति — को कई 'विषयांतरणों' के बीच दबाया जा रहा है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने मदरसों के बारे में क्या कहा?
खटाना ने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक गणित, विज्ञान और मानविकी जैसे विषय भी पढ़ाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' इस दिशा में पहले से काम कर रही है।
पश्चिम बंगाल में 252 मदरसे क्यों बंद किए गए?
पश्चिम बंगाल में 252 मदरसे गैर-मान्यता प्राप्त होने के कारण बंद किए गए हैं। खटाना ने इस कदम के संदर्भ में मदरसा सुधार और आधुनिक पाठ्यक्रम को अनिवार्य बनाने की ज़रूरत पर बल दिया।
वंदे मातरम् विवाद पर भाजपा सांसद का क्या कहना है?
खटाना ने भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच में राष्ट्रगान के साथ वंदे मातरम् गाए जाने के निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 'अनावश्यक विवाद' खड़ा किया जा रहा है और यह गीत भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का अभिन्न हिस्सा है।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर खटाना का क्या रुख है?
खटाना ने गृह मंत्री अमित शाह के UCC समर्थन में दिए गए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद समानता है, इसलिए देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद ने क्या जवाब दिया?
राहुल गांधी द्वारा ब्रिक्स गाला डिनर को लेकर की गई टिप्पणी पर खटाना ने कहा कि विपक्ष को 'खान-पान जैसे मुद्दों' पर ध्यान देने के बजाय देशहित और वैश्विक मामलों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से 'रचनात्मक राजनीति' करने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 49 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. 13 घंटे पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले