मदरसों में धार्मिक के साथ आधुनिक शिक्षा भी ज़रूरी: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखा — जिनमें पश्चिम बंगाल में 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किया जाना, समान नागरिक संहिता (UCC), वंदे मातरम्, महिला एशिया कप, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान शामिल हैं। खटाना ने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान और मानविकी जैसे आधुनिक विषयों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
मदरसा शिक्षा और आधुनिक पाठ्यक्रम
पश्चिम बंगाल में 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद किए जाने के संदर्भ में खटाना ने कहा कि मदरसा शिक्षा में सुधार की दिशा में लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक गणित (Modern Mathematics), विज्ञान (Science) और मानविकी (Humanities) जैसे विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। गौरतलब है कि मदरसा सुधार का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में विधायी और न्यायिक स्तर पर उठता रहा है।
महिला एशिया कप और पहलगाम का संदर्भ
महिला एशिया कप में भारतीय टीम की जीत पर खटाना ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत ने पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 'सख्त संदेश' की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को दुनिया को याद रखना चाहिए। खटाना के अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान में अपने प्रदर्शन से देश की भावना को व्यक्त किया है।
वंदे मातरम् और राष्ट्रीय पहचान
भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच से पहले राष्ट्रगान के साथ वंदे मातरम् गाए जाने के निर्णय का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि यह गीत देश की संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता आंदोलन से अविभाज्य रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर 'अनावश्यक विवाद' खड़ा किया जा रहा है, जबकि वंदे मातरम् को भारत की स्वाधीनता की लड़ाई में केंद्रीय स्थान प्राप्त है।
यूसीसी और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर रुख
गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (UCC) संबंधी बयान का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना यही है कि सभी नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य समान हों, इसलिए कानून भी सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर उन्होंने कहा कि भारत की मेजबानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को मज़बूत किया और सदस्य व साझेदार देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के रुख का समर्थन किया।
तकनीक के हथियारीकरण और राहुल गांधी पर पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन में तकनीक के हथियारीकरण पर जताई गई चिंता का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि तकनीक पर किसी एक देश या समूह का वर्चस्व नहीं होना चाहिए और इसके लाभ दुनिया के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचने चाहिए। राहुल गांधी द्वारा ब्रिक्स गाला डिनर को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को 'खान-पान जैसे मुद्दों' के बजाय देशहित और वैश्विक मामलों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से 'रचनात्मक राजनीति' करने और 'अनावश्यक टिप्पणियों' से बचने का आग्रह किया। आने वाले दिनों में मदरसा सुधार और यूसीसी पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।