मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का पोस्टकार्ड अभियान: नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने की PM से माँग
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में महिला कांग्रेस ने 4 मई 2026 को भोपाल के टी.टी. नगर पोस्ट ऑफिस से प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड भेजकर देशव्यापी अभियान की शुरुआत की। इस अभियान की माँग है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और ओबीसी, एससी एवं एसटी वर्ग की महिलाओं को इसमें संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएँ।
अभियान का स्वरूप और शुरुआत
महिला कांग्रेस का यह पोस्टकार्ड अभियान पूरे देश में एक साथ चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में इसकी औपचारिक शुरुआत सोमवार, 4 मई को राजधानी भोपाल से हुई। पार्टी की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने टी.टी. नगर पोस्ट ऑफिस पहुँचकर प्रधानमंत्री को संबोधित पोस्टकार्ड प्रेषित किए। इस अवसर पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिला आरक्षण कानून का शीघ्र क्रियान्वयन देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्य माँगें
मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट माँग की है कि महिला आरक्षण कानून को बिना किसी विलंब के लागू किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि आरक्षण के दायरे में समाज के सभी वर्गों — विशेषकर ओबीसी, एससी एवं एसटी महिलाओं — को सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप उनका न्यायोचित प्रतिनिधित्व मिले। पार्टी का तर्क है कि कानून में इन वर्गों को शामिल किए बिना आरक्षण अधूरा रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेत्रियाँ
कार्यक्रम में संतोष कंसाना (पूर्व पार्षद), रूपाली शर्मा (महासचिव), महक राणा (महासचिव), रतन पांडे (ब्लॉक अध्यक्ष), माया विश्वकर्मा और रेखा मोड सहित महिला कांग्रेस की अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) लगातार महिला आरक्षण को एक प्रमुख सियासी मुद्दे के रूप में उठाती रही है। कांग्रेस की महिला इकाई इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी केंद्र तथा राज्य सरकारों को घेरती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पारित होने के बावजूद परिसीमन और जनगणना की शर्तों के कारण अभी तक लागू नहीं हो पाया है।
आगे की दिशा
पोस्टकार्ड अभियान के ज़रिए महिला कांग्रेस केंद्र सरकार पर सार्वजनिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। यह देखना होगा कि इस अभियान का देशभर में कितना असर पड़ता है और क्या केंद्र सरकार महिला आरक्षण लागू करने की समयसीमा पर कोई स्पष्ट जवाब देती है।