13 अगस्त 2026
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मध्यप्रदेश में टोरेंट ग्रुप का ₹43,000 करोड़ का ऊर्जा निवेश, 15,000 से अधिक रोजगार का लक्ष्य

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मध्यप्रदेश में टोरेंट ग्रुप का ₹43,000 करोड़ का ऊर्जा निवेश, 15,000 से अधिक रोजगार का लक्ष्य

सारांश

टोरेंट ग्रुप का ₹43,000 करोड़ से अधिक का निवेश मध्यप्रदेश की ऊर्जा रणनीति का सबसे बड़ा एकल दांव है — थर्मल से लेकर पंप्ड स्टोरेज और पवन ऊर्जा तक। 15,000 रोजगार का वादा और 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य, यह राज्य के ऊर्जा भविष्य की नई इबारत लिखता है।

मुख्य बातें

टोरेंट ग्रुप मध्यप्रदेश में ₹43,000 करोड़ से अधिक का निवेश करेगा, जिससे 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे।
अनूपपुर में ₹22,000 करोड़ की लागत से 1,600 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित हो रही है; पावर परचेज एग्रीमेंट 27 जनवरी 2026 को हस्ताक्षरित।
छिंदवाड़ा में ₹7,500 करोड़ की 1,500 मेगावाट पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना और रतलाम-उज्जैन में ₹2,000 करोड़ की 250 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन।
800 मेगावाट की दूसरी थर्मल परियोजना में ₹11,000 करोड़ का निवेश और 3,500 रोजगार का अनुमान।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार 2036-37 तक राज्य को 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत की जरूरत होगी।
टोरेंट पावर की मौजूदा स्थापित क्षमता 5.1 गीगावाट ; 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य।

मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए टोरेंट ग्रुप ने राज्य में ₹43,000 करोड़ से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे 15,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अहमदाबाद में टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से उच्चस्तरीय बैठक कर इन परियोजनाओं की प्रगति और भावी निवेश योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

अहमदाबाद में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, सचिव जॉन किंसले और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टोरेंट ग्रुप का यह निवेश राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति और मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

राज्य की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए अनूपपुर जिले में टोरेंट पावर द्वारा 1,600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। ₹22,000 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से 7,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट निष्पादित किया जा चुका है।

भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और एलएंडटी तथा टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों को निर्माण कार्य सौंप दिया गया है। पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद स्थल पर प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियाँ तेज गति से जारी हैं।

हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम

नवीकरणीय ऊर्जा के मोर्चे पर, छिंदवाड़ा में 1,500 मेगावाट की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर काम प्रगति पर है। इसमें ₹7,500 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 4,000 रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा रतलाम और उज्जैन में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन है, जिसमें ₹2,000 करोड़ का निवेश और 500 रोजगार शामिल हैं। मंदसौर में समूह की 36 मेगावाट की पवन इकाई पहले से संचालित है।

इसके साथ ही टोरेंट ग्रुप 800 मेगावाट की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल परियोजना पर कार्य कर रहा है। ₹11,000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से 3,500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

भविष्य की ऊर्जा जरूरतें और नई निविदा

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार 2036-37 तक मध्यप्रदेश को 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत की आवश्यकता होगी। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता खरीद के लिए DBFOO आधार पर पारदर्शी निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री ने टोरेंट पावर को इस निविदा में भाग लेने का आमंत्रण दिया है।

फार्मा क्षेत्र में भी टोरेंट की उपस्थिति

ऊर्जा के अतिरिक्त, टोरेंट ग्रुप धार के पीथमपुर में USFDA अनुमोदित फार्मा इकाई भी संचालित कर रहा है। ₹300 करोड़ के निवेश वाली इस इकाई में 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद स्थित टोरेंट पावर की कुल स्थापित क्षमता 5.1 गीगावाट है और कंपनी 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा विकसित करने के लक्ष्य पर कार्यरत है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की होड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह निवेश आँकड़ों में प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — अनूपपुर परियोजना में पर्यावरण मंजूरी के बाद भी प्री-कंस्ट्रक्शन चरण जारी है, जो दर्शाता है कि घोषणा और धरातल के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई। 15,000 रोजगार का वादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों को मिलाकर बनाया गया है, जिससे इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना कठिन है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति बिजली खपत राष्ट्रीय औसत से कम है, इसलिए क्षमता विस्तार तभी सार्थक होगा जब वितरण अवसंरचना भी समानांतर मजबूत हो।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टोरेंट ग्रुप मध्यप्रदेश में कितना निवेश कर रहा है और इससे कितने रोजगार मिलेंगे?
टोरेंट ग्रुप मध्यप्रदेश में ₹43,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर रहा है, जिससे 15,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। यह निवेश थर्मल, पंप्ड स्टोरेज, पवन ऊर्जा और फार्मा क्षेत्र में फैला हुआ है।
अनूपपुर ताप विद्युत परियोजना क्या है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
अनूपपुर में टोरेंट पावर द्वारा ₹22,000 करोड़ की लागत से 1,600 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट हस्ताक्षरित हो चुका है, भूमि अधिग्रहण पूरा है और एलएंडटी व टाटा प्रोजेक्ट्स को निर्माण कार्य सौंपा जा चुका है।
पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना क्या है?
पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना छिंदवाड़ा में स्थापित हो रही 1,500 मेगावाट की हरित ऊर्जा परियोजना है। इसमें ₹7,500 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 4,000 रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
मध्यप्रदेश सरकार की नई ऊर्जा निविदा प्रक्रिया क्या है?
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार 2036-37 तक राज्य को 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत की जरूरत होगी। इसे देखते हुए राज्य सरकार DBFOO आधार पर 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता खरीद के लिए पारदर्शी निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिसमें टोरेंट पावर को भाग लेने का आमंत्रण दिया गया है।
टोरेंट ग्रुप का 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है?
टोरेंट पावर की मौजूदा कुल स्थापित क्षमता 5.1 गीगावाट है और कंपनी 2030 तक 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा विकसित करने के लक्ष्य पर कार्यरत है। मध्यप्रदेश में पवन, पंप्ड स्टोरेज और सोलर परियोजनाएँ इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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