15 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मदुरंतकम-धरपुरम उपचुनाव पर रोक की मांग, 16 सितंबर को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मदुरंतकम-धरपुरम उपचुनाव पर रोक की मांग, 16 सितंबर को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

सारांश

तमिलनाडु में अप्रैल 2026 में जीते छह विधायकों के इस्तीफे और सत्तारूढ़ दल में शामिल होने के बाद मदुरंतकम-धरपुरम उपचुनाव पर रोक की PIL मद्रास हाईकोर्ट पहुँची। 16 सितंबर को सुनवाई होगी। याचिका में करदाताओं के पैसे की जवाबदेही और 'राजनीतिक इस्तीफा' देने वाले विधायकों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी की माँग भी उठाई गई है।

मुख्य बातें

मद्रास उच्च न्यायालय में 16 सितंबर 2026 को मदुरंतकम और धरपुरम उपचुनाव पर रोक की माँग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई होगी।
अप्रैल 2026 चुनावों में जीते छह विधायकों ने इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ दल में शामिल हो लिए, जिससे उपचुनाव की स्थिति बनी।
भारत निर्वाचन आयोग ने मदुरंतकम और धरपुरम में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव घोषित किए हैं।
हाईकोर्ट पहले ही अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर, विरालीमलाई और तिरुचिरापल्ली पूर्व में उपचुनाव पर रोक लगा चुका है।
TVK उम्मीदवारों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा का नामांकन स्वीकार करने पर भी रोक की माँग की गई है।
याचिका में राजनीतिक इस्तीफा देने वाले विधायकों को एक निश्चित अवधि के लिए चुनाव लड़ने से रोकने हेतु कानून बनाने की भी माँग है।

तमिलनाडु के मदुरंतकम और धरपुरम विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिस पर 16 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित है। चेन्नई के सैदापेट निवासी अधिवक्ता सुधन द्वारा दायर इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग से उपचुनाव की प्रक्रिया और राजनीतिक कारणों से इस्तीफा देने वाले विधायकों की जवाबदेही तय करने की माँग की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

अप्रैल 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मदुरंतकम, धरपुरम, अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर और विरालीमलाई विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित छह विधायकों ने चुनाव परिणामों के तुरंत बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए। इन इस्तीफों के बाद इन सभी क्षेत्रों में उपचुनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने पहले ही अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर, विरालीमलाई और तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा पर रोक लगा दी है, क्योंकि वहाँ चुनाव याचिकाएँ लंबित हैं।

मदुरंतकम और धरपुरम में उपचुनाव क्यों हो रहे हैं

भारत निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि मदुरंतकम और धरपुरम में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होंगे, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में कोई चुनाव याचिका लंबित नहीं है। इन क्षेत्रों में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने पूर्व विधायकों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा को अपने उम्मीदवार के रूप में घोषित किया है।

जनहित याचिका में क्या मांगें हैं

याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधन ने निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की माँग की है कि वह एक ऐसी प्रक्रिया बनाए, जिसके तहत राजनीतिक कारणों से चुनाव परिणाम के तुरंत बाद इस्तीफा देने वाले विधायकों को उपचुनाव में नामांकन दाखिल करते समय निर्धारित चुनाव खर्च की राशि जमा करनी हो।

याचिका में यह भी माँग की गई है कि चुनाव आयोग TVK उम्मीदवारों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा का नामांकन पत्र तब तक स्वीकार न करे, जब तक इस मामले का निपटारा न हो जाए। साथ ही, चुनाव आयोग से तिरुचिरापल्ली पूर्व, करूर, विरालीमलाई, पेरुंदुरई, अम्बासमुद्रम, मदुरंतकम और धरपुरम सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों में उपचुनाव पर होने वाले खर्च का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश माँगा गया है।

विधायी सुधार की माँग

याचिका में एक दूरगामी प्रस्ताव भी रखा गया है — सरकार से आग्रह किया गया है कि ऐसे कानून बनाने पर विचार किया जाए, जिससे चुनाव जीतने के तुरंत बाद राजनीतिक कारणों से इस्तीफा देने वाले विधायकों को एक निश्चित अवधि के लिए चुनाव लड़ने से वंचित किया जा सके। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसे इस्तीफे जनता के जनादेश की अवहेलना करते हैं और करदाताओं के पैसे पर अनावश्यक बोझ डालते हैं।

अदालत में अगली सुनवाई

यह मामला न्यायमूर्ति एस.एन. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति कृष्णस्वामी गोविंदराजन की खंडपीठ के समक्ष 16 सितंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है और इसे 12वें मामले के रूप में सूचीपत्र में स्थान दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में उपचुनाव की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है और TVK सहित अन्य दल अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं। अदालत का निर्णय न केवल इन दो क्षेत्रों, बल्कि राज्य की उपचुनाव प्रक्रियाओं के व्यापक स्वरूप को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ जनता का जनादेश चुनाव के कुछ हफ्तों में ही राजनीतिक सौदेबाज़ी की भेंट चढ़ जाता है और सरकारी खज़ाने से करोड़ों रुपये उपचुनाव पर खर्च होते हैं। तमिलनाडु में यह पहली बार नहीं है कि जीते हुए विधायकों ने सत्तारूढ़ दल में शामिल होने के लिए इस्तीफा दिया हो। असली सवाल यह है कि क्या अदालत इस बार विधायिका के इस 'राजनीतिक पलायन' को संवैधानिक जाँच के दायरे में लाने का साहस दिखाएगी — और क्या यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे कानूनों की माँग को नई ऊर्जा देगा।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मदुरंतकम और धरपुरम में उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?
अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इन क्षेत्रों से निर्वाचित विधायकों ने चुनाव परिणाम के तुरंत बाद इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने 6 अक्टूबर 2026 को इन दोनों क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा की।
मद्रास हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में क्या माँगें हैं?
याचिका में मामले के निपटारे तक मदुरंतकम और धरपुरम उपचुनाव पर रोक, TVK उम्मीदवारों का नामांकन अस्वीकार करने का निर्देश, उपचुनाव खर्च का विस्तृत विवरण, और राजनीतिक इस्तीफा देने वाले विधायकों को एक निश्चित अवधि के लिए चुनाव लड़ने से रोकने हेतु कानून बनाने का अध्ययन करने की माँग की गई है।
16 सितंबर 2026 की सुनवाई किस पीठ के सामने होगी?
यह मामला न्यायमूर्ति एस.एन. सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति कृष्णस्वामी गोविंदराजन की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। इसे 16 सितंबर के सूचीपत्र में 12वें मामले के रूप में रखा गया है।
किन अन्य विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव पर पहले से रोक है?
मद्रास उच्च न्यायालय ने अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर, विरालीमलाई और तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा पर पहले ही रोक लगा दी है, क्योंकि वहाँ चुनाव याचिकाएँ लंबित हैं।
TVK के किन उम्मीदवारों के नामांकन पर रोक की माँग की गई है?
याचिका में चुनाव आयोग को पूर्व विधायकों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा का नामांकन पत्र स्वीकार न करने का निर्देश देने की माँग की गई है। ये दोनों तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के उम्मीदवार के रूप में घोषित किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले