23 सितंबर 2026
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महाराष्ट्र किसानों के लिए जल्द आएगा राहत पैकेज: भाजपा नेता राम कदम का ऐलान

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महाराष्ट्र किसानों के लिए जल्द आएगा राहत पैकेज: भाजपा नेता राम कदम का ऐलान

सारांश

भाजपा नेता राम कदम ने एक साथ चार बड़े मुद्दों पर दो टूक बात की — सूखाग्रस्त किसानों के लिए आने वाला राहत पैकेज, एसआईआर को लेकर विपक्ष पर पलटवार, 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प और आईआईटी बॉम्बे केस में राजनीति से परहेज़ की अपील।

मुख्य बातें

भाजपा नेता राम कदम ने 23 सितंबर 2026 को कहा कि महाराष्ट्र सरकार सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों के लिए जल्द राहत पैकेज लाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हर मंत्री को खेतों और किसानों के घर जाकर नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।
एसआईआर प्रक्रिया पर कदम ने कहा — फर्जी वोटर हटाना पारदर्शिता है, राजनीति नहीं; विपक्ष पर फर्जी मतदान समर्थन का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 2029 तक नशामुक्त भारत की समयसीमा को कदम ने युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी बताया।
आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस पर कदम ने कहा — यह राजनीति का नहीं, संवेदना का समय है; परिवार को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राम कदम ने 23 सितंबर 2026 को मुंबई में महाराष्ट्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे किसानों के लिए शीघ्र राहत पैकेज, चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया, नशा-विरोधी अभियान और आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस — इन सभी विषयों पर कदम ने स्पष्ट बयान दिए।

किसान राहत पैकेज पर सरकार की प्रतिबद्धता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सूखे जैसे हालात में किसानों के लिए तत्काल सहायता की घोषणा के बाद राम कदम ने कहा, 'महाराष्ट्र के सभी मंत्री फील्ड में हैं और किसानों के साथ हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान राज्य सरकार के लिए हमेशा प्राथमिकता रहे हैं और आगे भी रहेंगे।

कदम के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मंत्री को निर्देश दिया है कि वे सीधे खेतों और किसानों के घरों तक जाएँ, नुकसान का आकलन करें और उसके आधार पर एक व्यापक राहत पैकेज तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।'

एसआईआर विवाद: विपक्ष के आरोपों पर पलटवार

चुनाव आयोग की विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आलोचना पर राम कदम ने कहा कि यह एक पारदर्शी संवैधानिक प्रक्रिया है। उनके अनुसार, मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाना और वास्तविक मतदाताओं का नाम दर्ज करना ही इस प्रक्रिया का एकमात्र उद्देश्य है।

कदम ने विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जो लोग फर्जी वोटर हटाने का विरोध कर रहे हैं, वे क्या देश में फर्जी मतदान का समर्थन करते हैं? उन्होंने कहा, 'मतदाता को एक ही वोट देने का अधिकार है — एक व्यक्ति के चार नाम क्यों होने चाहिए, इसका जवाब देना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।

नशामुक्त भारत अभियान और 2029 की समयसीमा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ड्रग्स के खिलाफ जंग के लिए 2029 की समयसीमा तय किए जाने पर कदम ने इसे देश के भविष्य के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की रीढ़ हैं और उन्हें नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना उज्ज्वल भारत के निर्माण की दिशा में अहम कदम है।

कदम ने गर्व के साथ कहा कि भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और ऐसे उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशामुक्ति अनिवार्य है।

आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस: राजनीति नहीं, संवेदना

आईआईटी बॉम्बे में हुए सुसाइड केस पर राम कदम ने राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि यह संवेदना प्रकट करने का समय है, न कि राजनीति करने का। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार के साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़ी है और परिवार को न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है।

आगे क्या

किसान राहत पैकेज की रूपरेखा मंत्रियों के क्षेत्र दौरों के पूरे होने के बाद तय होगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात हर साल लाखों किसानों को प्रभावित करते हैं, और इस बार राज्य सरकार का दावा है कि मंत्री-स्तरीय सीधी निगरानी पैकेज को अधिक प्रभावी बनाएगी। एसआईआर प्रक्रिया और आईआईटी बॉम्बे केस दोनों पर आने वाले दिनों में अधिक स्पष्टता सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे वास्तविक नीतिगत घोषणा की बजाय आश्वासन के स्तर पर रखता है। एसआईआर पर विपक्ष को 'फर्जी वोटिंग समर्थक' कहना आक्रामक फ्रेमिंग है, लेकिन मूल सवाल — कि यह प्रक्रिया किन समुदायों को अनुपातहीन रूप से प्रभावित करती है — अनुत्तरित रहता है। आईआईटी बॉम्बे केस पर 'राजनीति न करने' की अपील तब तक अधूरी है जब तक सरकार संस्थागत जवाबदेही के ठोस कदम न उठाए।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र किसान राहत पैकेज कब तक आएगा?
राम कदम के अनुसार, मंत्रियों के क्षेत्र दौरे और किसानों के नुकसान के आकलन के बाद राज्य सरकार जल्द एक व्यापक राहत पैकेज लाएगी। सटीक तिथि या राशि अभी घोषित नहीं की गई है।
एसआईआर प्रक्रिया क्या है और विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष सघन पुनरीक्षण — चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची से फर्जी या दोहरे नाम हटाए जाते हैं और वास्तविक मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इससे कुछ वर्गों के वैध मतदाता भी सूची से बाहर हो सकते हैं, जबकि भाजपा इसे पारदर्शी और संवैधानिक बता रही है।
भारत को नशामुक्त बनाने की 2029 की समयसीमा किसने तय की?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान के लिए 2029 की समयसीमा निर्धारित की है। राम कदम ने इसे युवाओं और देश के भविष्य के लिए अनिवार्य बताया।
आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस में महाराष्ट्र सरकार का क्या रुख है?
राम कदम ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति करने से परहेज़ की अपील की।
महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति में सरकार क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर सभी मंत्री सीधे खेतों और किसानों के घरों तक जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। इस आकलन के आधार पर किसानों के हित में एक राहत पैकेज तैयार किए जाने की बात राम कदम ने कही।
राष्ट्र प्रेस
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