22 जुलाई 2026
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ममता बनर्जी का 'असली चेहरा' बेनकाब — TMC छोड़ने वालों पर टिप्पणी के बाद दिलीप घोष का तीखा पलटवार

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ममता बनर्जी का 'असली चेहरा' बेनकाब — TMC छोड़ने वालों पर टिप्पणी के बाद दिलीप घोष का तीखा पलटवार

सारांश

TMC छोड़ने वालों पर ममता बनर्जी के 'कर्म ही संपत्ति है' वाले बयान के जवाब में मंत्री दिलीप घोष ने पलटवार किया — 'कर्मी गए, बाकी संपत्ति के खाते सील हैं।' बंगाल की राजनीति में यह तीखी नोकझोंक TMC के भीतर बढ़ते असंतोष की पृष्ठभूमि में आई है।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 22 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'कर्म ही संपत्ति' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
घोष ने कहा — 'बाकी संपत्ति बैंक में है और बैंक खाते सील हैं, इसलिए बोलने को कुछ नहीं बचा।' ममता के जिला दौरे के ऐलान पर व्यंग्य करते हुए कहा — 'एक बार दार्जिलिंग जाना चाहिए।' घोष ने कांग्रेस पर 'देश-विरोधी ताकतों का समर्थन' करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का हवाला देते हुए विरोधियों को 'विदेशी सुर से मिलाने वाला' बताया।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार, 22 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि पार्टी छोड़ने वालों पर उनकी टिप्पणी ने सबके सामने उनका 'असली चेहरा' उजागर कर दिया है। यह बयान उस वक्त आया जब ममता ने मंगलवार को कहा था कि 'जो चले गए, उन्हें जाने दो — कर्म ही संपत्ति है।'

मुख्य घटनाक्रम

मीडिया से बात करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'कर्मी छोड़कर चले गए, संपत्ति क्या बची है? बाकी संपत्ति बैंक में है और बैंक खाते सील हैं। इसलिए बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से TMC नेतृत्व पर कानूनी और वित्तीय दबाव की ओर इशारा करती है।

घोष ने आगे आरोप लगाया कि ममता बनर्जी वर्षों तक 'सत्ता के दुरुपयोग' के बल पर अपना जनाधार बनाए रखती थीं। उनके अनुसार, 'मीट-भात खिलाकर लोगों को बुलाया जाता था और पुलिस भीड़ इकट्ठा करने का काम करती थी। अब न तो पुलिस है, न गुंडे — वे बिल्कुल अकेली पड़ गई हैं।'

जिला दौरे के ऐलान पर कटाक्ष

ममता बनर्जी द्वारा सभी जिलों का दौरा करने की घोषणा पर दिलीप घोष ने तंज कसा। उन्होंने कहा, 'जिलों में नहीं, वह अब तक मुंबई, दिल्ली और मद्रास जाती थीं। क्या वह रास्ता भूल गई हैं? उन्हें एक बार दार्जिलिंग जाना चाहिए।' यह बयान ममता के राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर सीधा निशाना है।

कांग्रेस पर हमला

प्रधानमंत्री आवास के निकट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के विरोध प्रदर्शन पर भी घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 'हमेशा देश-विरोधी ताकतों का समर्थन किया है — कभी कम्युनिस्टों का, कभी आतंकवादियों का, तो कभी अलगाववादी ताकतों का।' घोष के अनुसार, यही कारण है कि कांग्रेस 'दिन-ब-दिन सिमटती जा रही है।'

उन्होंने यह भी कहा कि देश का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है और कुछ 'विदेशी ताकतें' तथा उनसे सुर मिलाने वाले देशवासी इससे खुश नहीं हैं।

राष्ट्रीय अखंडता पर कड़ा संदेश

दिलीप घोष ने अपने बयान के अंत में कांग्रेस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'उन्हें भारत को श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान या नेपाल जैसा बनाने की साजिशें भूल जानी चाहिए। यह हिंदुस्तान है — इस देश के लोग न तो किसी को देश के खिलाफ काम करने देंगे और न ही खुद ऐसा करेंगे।'

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है और TMC से बड़े पैमाने पर नेताओं के पलायन की खबरें सामने आ रही हैं। आने वाले समय में यह राजनीतिक संघर्ष और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो TMC नेताओं के खिलाफ जारी हैं। असल सवाल यह है कि क्या TMC से पलायन महज़ कानूनी दबाव की प्रतिक्रिया है या संगठनात्मक असंतोष की गहरी जड़ें हैं — यह फर्क 2026 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक साबित होगा। ममता का 'जिला दौरा' ऐलान इसी दबाव का जवाब लगता है, लेकिन घोष का तंज बताता है कि BJP इस कमज़ोरी को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी वर्षों तक सत्ता के दुरुपयोग, पुलिस बल और 'मीट-भात' जैसे प्रलोभनों के दम पर जनाधार बनाए रखती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि TMC के बैंक खाते सील हैं और पार्टी छोड़ने वाले कर्मियों के जाने के बाद ममता के पास 'बोलने को कुछ नहीं बचा।'
ममता बनर्जी ने TMC छोड़ने वालों के बारे में क्या कहा था?
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा था कि 'जो चले गए हैं, उन्हें जाने दो — कर्म ही संपत्ति है और कर्म ही आगे ले जाएगा।' इसी बयान के जवाब में दिलीप घोष ने बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया दी।
दिलीप घोष ने ममता के जिला दौरे के ऐलान पर क्या कहा?
घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ममता बनर्जी पहले मुंबई, दिल्ली और मद्रास जाती थीं — और उन्हें एक बार दार्जिलिंग जाना चाहिए। यह टिप्पणी ममता की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं पर सीधा निशाना मानी जा रही है।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री आवास के निकट कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर घोष ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश-विरोधी ताकतों — कम्युनिस्टों, आतंकवादियों और अलगाववादियों — का समर्थन किया है। उनके अनुसार, इसीलिए कांग्रेस दिन-ब-दिन सिमटती जा रही है।
पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है?
पश्चिम बंगाल में TMC से बड़े पैमाने पर नेताओं के पलायन और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाइयों के बीच BJP और TMC का टकराव तेज़ हो गया है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह राजनीतिक संघर्ष और गहरा होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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