सेंसेक्स 967 अंक उछला, निफ्टी 23,437 पर; पश्चिम एशिया तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार में जोश
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 12 जून को सुबह करीब 9:18 बजे 967.34 अंक यानी 1.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,799.89 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी50 275.85 अंक या 1.19 प्रतिशत बढ़कर 23,437.45 पर पहुँच गया। पश्चिम एशिया में तनाव घटने के संकेतों — खासकर अमेरिका और ईरान के बीच कथित बड़े समझौते की खबर — ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को मजबूत किया और सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय बाजार को व्यापक तेजी के साथ खोला।
बाजार का शुरुआती कारोबार
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,832.55 से 876.72 अंक उछलकर 74,709.27 पर खुला। निफ्टी50 अपने पिछले बंद 23,161.60 से 250.95 अंक की बढ़त के साथ 23,412.55 पर खुला। दोनों प्रमुख बेंचमार्क में 1 प्रतिशत से अधिक की शुरुआती बढ़त दर्ज की गई, जो पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद राहत की बयार लेकर आई।
व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन
व्यापक बाजारों में भी तेजी का रुख रहा — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.38 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे आगे रहा, जिसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.37 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.30 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.23 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.15 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.13 प्रतिशत की बढ़त रही।
निफ्टी50 के शीर्ष लाभार्थी शेयरों में इंडिगो, इटरनल, लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, हिंडाल्को, डॉ. रेड्डी, बजाज-ऑटो और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
पश्चिम एशिया समझौते का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है और अब केवल दस्तावेजों को अंतिम रूप देना शेष है। उनके अनुसार, आगामी कुछ दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। यह खबर वैश्विक तेल आपूर्ति और भू-राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से अहम मानी जा रही है, और इसी के चलते भारतीय बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट पर विराम लगा।
एफआईआई और डीआईआई की गतिविधि
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बीते कारोबारी दिन 11 जून को लगातार 12वें सत्र में बिकवाली जारी रखी और करीब ₹1,987 करोड़ के शेयर बेचे। हालाँकि हाल के सत्रों में बिकवाली की गति धीमी पड़ी है, जिसे विदेशी निवेशकों के दबाव में कमी का संकेत माना जा रहा है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार 18वें सत्र में खरीदारी करते हुए ₹4,224 करोड़ के शेयर खरीदे, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रही।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव में कमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों तथा प्रमुख कमोडिटी कीमतों में स्थिरता ने बाजार की धारणा को मजबूत बनाए रखा है। तकनीकी दृष्टिकोण से, निफ्टी के लिए 23,000–23,100 का दायरा मजबूत सपोर्ट है, जबकि 23,600–23,650 के बीच अहम रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। विशेषज्ञ के मुताबिक, यदि सूचकांक इस रेजिस्टेंस को पार कर मजबूती बनाए रखता है, तो आगे और तेजी की संभावना है।