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सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निवेशकों को ₹10 लाख करोड़ का फायदा; अमेरिका-ईरान डील की उम्मीद से बाजार में जोश

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सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निवेशकों को ₹10 लाख करोड़ का फायदा; अमेरिका-ईरान डील की उम्मीद से बाजार में जोश

सारांश

अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद ने शुक्रवार को भारतीय बाजार में जान फूंक दी — सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में ₹10 लाख करोड़ बढ़ी। कच्चे तेल में 3.74% की गिरावट ने राहत और दी।

मुख्य बातें

सेंसेक्स शुक्रवार, 12 जून को 1,695.40 अंक (2.30%) उछलकर 75,527.95 पर बंद हुआ।
निफ्टी 461.30 अंक (1.99%) की बढ़त के साथ 23,622.90 पर बंद।
BSE का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹10 लाख करोड़ बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हुआ।
तेजी की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान शांति समझौते की संभावना; WTI क्रूड 3.74% गिरकर $84.33/बैरल पर।
निफ्टी IT एकमात्र सेक्टर जो 0.09% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड सेंसेक्स पैक में एकमात्र लाल निशान में बंद होने वाले शेयर।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुक्रवार, 12 जून को 1,695.40 अंक यानी 2.30 प्रतिशत की छलांग के साथ 75,527.95 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,622.90 पर स्थिर हुआ। इस जोरदार तेजी के चलते BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹10 लाख करोड़ बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हो गया।

तेजी की वजह: अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद

बाजार में इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को माना जा रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करने की बात शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ होने वाली डील 'करीब पूरी होने वाली है' और इसे यूरोप में सप्ताहांत तक साइन किया जा सकता है।

इस खबर से कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट आई। खबर लिखे जाने तक शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर WTI क्रूड का भाव 3.74 प्रतिशत लुढ़ककर $84.33 प्रति बैरल पर आ गया था। कच्चे तेल के आयातक देश के रूप में भारत के लिए यह सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे आयात बिल और मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव कम होता है।

मुख्य घटनाक्रम: लार्जकैप से स्मॉलकैप तक चौतरफा तेजी

बाजार में यह तेजी सर्वव्यापी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,442.70 अंक यानी 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,768.10 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 494.35 अंक यानी 2.80 प्रतिशत की उछाल के साथ 18,197.45 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, L&T, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, इटरनल, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ICICI बैंक, SBI, ट्रेंट और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख गेनर्स रहे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड लाल निशान में बंद हुए।

सेक्टोरल प्रदर्शन: IT को छोड़ सब हरे

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी ऑटो और निफ्टी एनर्जी सर्वाधिक लाभ में रहे। केवल निफ्टी IT 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ — यह उल्लेखनीय है, क्योंकि IT क्षेत्र आमतौर पर अमेरिकी आर्थिक संकेतों के प्रति संवेदनशील रहता है।

आगे क्या: कच्चे तेल और भू-राजनीति पर नजर

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर सतर्क थे। अमेरिका-ईरान डील पर अंतिम मुहर लगने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट संभव है, जो भारत के चालू खाता घाटे के लिए राहत की खबर होगी। विश्लेषकों के अनुसार, अगले सप्ताह डील की पुष्टि या खंडन बाजार की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी नींव अभी भी एक 'संभावित' डील पर टिकी है जिसे अंतिम रूप नहीं मिला है — और अमेरिका-ईरान वार्ताओं का इतिहास बताता है कि अंतिम क्षण में पेच फँसना असामान्य नहीं। निफ्टी IT का लाल निशान में बंद होना एक संकेत है कि बाजार भू-राजनीतिक राहत और अमेरिकी आर्थिक सुस्ती के बीच अंतर कर रहा है। कच्चे तेल में गिरावट भारत के लिए संरचनात्मक राहत हो सकती है, लेकिन केवल तभी जब डील टिकाऊ साबित हो। अगर सप्ताहांत में समझौता नहीं हुआ, तो सोमवार को बाजार में उतनी ही तेज प्रतिक्रिया उल्टी दिशा में भी देखी जा सकती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 जून को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक बढ़े?
12 जून को सेंसेक्स 1,695.40 अंक (2.30%) उछलकर 75,527.95 पर और निफ्टी 461.30 अंक (1.99%) की बढ़त के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ। यह एकल दिन की बड़ी रैली रही।
भारतीय शेयर बाजार में आज इतनी तेजी क्यों आई?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावना को तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डील 'करीब पूरी' है और इसे यूरोप में सप्ताहांत तक साइन किया जा सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
निवेशकों को आज कितना फायदा हुआ?
BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में करीब ₹10 लाख करोड़ बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हो गया। यह निवेशकों के लिए एकल सत्र में बड़ा लाभ रहा।
कच्चे तेल की कीमतों पर इस खबर का क्या असर पड़ा?
अमेरिका-ईरान डील की उम्मीद से WTI क्रूड का भाव 3.74% गिरकर $84.33 प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल के बड़े आयातक भारत के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि इससे आयात खर्च और मुद्रास्फीति पर दबाव कम होता है।
आज कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा बढ़े और कौन गिरा?
निफ्टी रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, PSU बैंक, ऑटो, एनर्जी और डिफेंस सहित लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। केवल निफ्टी IT 0.09% की मामूली गिरावट के साथ एकमात्र लाल निशान वाला सेक्टर रहा।
राष्ट्र प्रेस
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