सेंसेक्स 1,695 अंक उछला, निवेशकों को ₹10 लाख करोड़ का फायदा; अमेरिका-ईरान डील की उम्मीद से बाजार में जोश
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुक्रवार, 12 जून को 1,695.40 अंक यानी 2.30 प्रतिशत की छलांग के साथ 75,527.95 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,622.90 पर स्थिर हुआ। इस जोरदार तेजी के चलते BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹10 लाख करोड़ बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हो गया।
तेजी की वजह: अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद
बाजार में इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को माना जा रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को समाप्त करने की बात शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ होने वाली डील 'करीब पूरी होने वाली है' और इसे यूरोप में सप्ताहांत तक साइन किया जा सकता है।
इस खबर से कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र गिरावट आई। खबर लिखे जाने तक शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर WTI क्रूड का भाव 3.74 प्रतिशत लुढ़ककर $84.33 प्रति बैरल पर आ गया था। कच्चे तेल के आयातक देश के रूप में भारत के लिए यह सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे आयात बिल और मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव कम होता है।
मुख्य घटनाक्रम: लार्जकैप से स्मॉलकैप तक चौतरफा तेजी
बाजार में यह तेजी सर्वव्यापी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,442.70 अंक यानी 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,768.10 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 494.35 अंक यानी 2.80 प्रतिशत की उछाल के साथ 18,197.45 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, L&T, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, इटरनल, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ICICI बैंक, SBI, ट्रेंट और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख गेनर्स रहे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड लाल निशान में बंद हुए।
सेक्टोरल प्रदर्शन: IT को छोड़ सब हरे
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी ऑटो और निफ्टी एनर्जी सर्वाधिक लाभ में रहे। केवल निफ्टी IT 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ — यह उल्लेखनीय है, क्योंकि IT क्षेत्र आमतौर पर अमेरिकी आर्थिक संकेतों के प्रति संवेदनशील रहता है।
आगे क्या: कच्चे तेल और भू-राजनीति पर नजर
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर सतर्क थे। अमेरिका-ईरान डील पर अंतिम मुहर लगने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट संभव है, जो भारत के चालू खाता घाटे के लिए राहत की खबर होगी। विश्लेषकों के अनुसार, अगले सप्ताह डील की पुष्टि या खंडन बाजार की दिशा तय करेगा।