31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेंसेक्स 1,200 अंक उछला, निफ्टी 23,984 पर खुला — अमेरिका-ईरान शांति समझौते से बाजार में जबरदस्त तेजी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेंसेक्स 1,200 अंक उछला, निफ्टी 23,984 पर खुला — अमेरिका-ईरान शांति समझौते से बाजार में जबरदस्त तेजी

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा ने भारतीय बाजारों में जान फूँक दी — सेंसेक्स 1,200 अंक उछला, निफ्टी मेटल 3.6% चढ़ा और ब्रेंट क्रूड 5% गिरकर $83 पर आया। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की उम्मीद ने ऊर्जा आयातक भारत के लिए GDP और महँगाई के अनुमान दोनों बेहतर किए।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स सोमवार को 1,200 अंक (1.6%) उछलकर 76,725.27 पर खुला; निफ्टी 50 ने 23,984.85 पर शुरुआत की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य से नौसैनिक अवरोध हटाने की घोषणा की।
ब्रेंट क्रूड लगभग 5% गिरकर $83.05 प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.74% गिरकर लगभग $80 प्रति बैरल पर आया।
निफ्टी मेटल में सर्वाधिक 3.61% की तेजी; निफ्टी फार्मा और हेल्थकेयर में गिरावट।
विशेषज्ञों के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में GDP वृद्धि दर 6.9% और CPI मुद्रास्फीति 4.6% तक संशोधित हो सकती है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 16 जून 2025 को लगभग 1,200 अंक यानी 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,725.27 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 करीब 360 अंक यानी 1.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,984.85 पर खुला। यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक जोखिम भावना में आई मजबूती का सीधा परिणाम है। पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद ने निवेशकों में उत्साह भर दिया।

बाजार का शुरुआती प्रदर्शन

खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 1,089.96 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,617.91 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 341.45 अंक यानी 1.45 प्रतिशत ऊपर 23,964.35 पर ट्रेड कर रहा था। व्यापक बाजारों में भी खरीदारी का जोश दिखा — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

सेक्टरवार तेजी: मेटल और रियल्टी सबसे आगे

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मेटल में सबसे अधिक 3.61 प्रतिशत की बढ़त रही। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स दोनों में 2.3 प्रतिशत, तथा निफ्टी ऑटो में 2.2 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.9 प्रतिशत, और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। हालाँकि, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी के केवल 5 शेयर लाल निशान में रहे, जबकि श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, इटरनल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी सबसे बड़े लाभार्थी रहे।

अमेरिका-ईरान समझौता: पृष्ठभूमि और महत्व

राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। मैं इसके द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की पूर्ण रूप से अनुमति देता हूँ और साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक अवरोध को तत्काल हटाने की भी अनुमति देता हूँ।' रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान तत्काल समाप्त करने की घोषणा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले चार महीनों में हजारों लोगों की जान जा चुकी थी और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

कच्चे तेल में भारी गिरावट, भारत को राहत

समझौते की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 5 प्रतिशत गिरकर $83.05 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 5.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग $80 प्रति बैरल पर पहुँच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है, जो भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देशों के लिए बड़ी राहत है।

विशेषज्ञों की राय: GDP और महँगाई अनुमान सुधरे

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाएँ बेहतर हुई हैं। एक विशेषज्ञ ने कहा कि इस बदले परिदृश्य में वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान संशोधित कर 6.9 प्रतिशत और CPI मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत किया जा सकता है। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल की कीमतों में हर बड़ी गिरावट सीधे चालू खाते के घाटे और मुद्रास्फीति पर असर डालती है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक इस समझौते के क्रियान्वयन और वैश्विक प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी नींव अभी भी एक राजनयिक घोषणा पर टिकी है — न कि किसी सत्यापित युद्धविराम पर। होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और कच्चे तेल की कीमतें गिरने से भारत को दोहरा लाभ मिलता दिख रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया में ऐसे समझौते पहले भी टूटे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह संघर्षविराम धरातल पर टिकता है — यदि नहीं, तो तेल फिर चढ़ेगा और बाजार उतनी ही तेजी से लुढ़केगा। निवेशकों को उत्साह के साथ-साथ भू-राजनीतिक अनिश्चितता को भी ध्यान में रखना होगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान शांति समझौते का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?
समझौते की घोषणा के बाद सोमवार को सेंसेक्स 1,200 अंक और निफ्टी 360 अंक की बढ़त के साथ खुले। वैश्विक जोखिम भावना में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ।
ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते में क्या घोषणा की?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिकी नौसैनिक अवरोध तत्काल हटाया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान बंद करने की घोषणा की है।
कच्चे तेल की कीमतों पर इस समझौते का क्या असर पड़ा?
ब्रेंट क्रूड लगभग 5 प्रतिशत गिरकर $83.05 प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.74 प्रतिशत गिरकर लगभग $80 प्रति बैरल पर आ गया। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
किन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ और किन्हें नुकसान?
निफ्टी मेटल में 3.61%, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.3% और ऑटो में 2.2% की तेजी रही। दूसरी तरफ, निफ्टी फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
इस समझौते से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक असर क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत और CPI मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत तक संशोधित किया जा सकता है। भारत बड़ा कच्चे तेल आयातक है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट चालू खाते के घाटे और महँगाई दोनों के लिए राहतदायक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले