मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: रामजी गौतम बोले — सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला, फैसला अदालत करेगी
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने 11 जून 2026 को नागपुर में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि उनके लिए कानूनी विकल्प अभी भी उपलब्ध हैं और वे चाहें तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। गौतम के अनुसार, यह विषय पूरी तरह तकनीकी और कानूनी है, और अंतिम निर्णय न्यायालय को ही लेना है।
नामांकन विवाद: क्या है मामला
गौतम ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी मामले या एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। नामांकन के दौरान दाखिल किए जाने वाले शपथपत्र (एफिडेविट) में ऐसी सभी जानकारियाँ देना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा, 'राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, लेकिन अब यह मामला न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ चुका है — इसलिए सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले पर रहेगी।'
विदेश नीति पर सवाल: मोदी सरकार के 12 वर्ष
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के संदर्भ में जवाहरलाल नेहरू से तुलना किए जाने पर गौतम ने कहा कि किसी भी नेता की दूसरे से तुलना उचित नहीं है। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने हाल की कुछ समुद्री घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय क्रू से जुड़े मामलों ने विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका पर बढ़ती निर्भरता भविष्य में देश के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
UP 2027: BSP अकेले लड़ेगी चुनाव
उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव पर गौतम ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का सबसे बड़ा गठबंधन समाज के सभी वर्गों के साथ है। उनका दावा है कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और विभिन्न सरकारों को आजमा चुकने के बावजूद अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
कानून-व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई पर निशाना
गौतम ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों, विशेषकर गरीब और कमजोर वर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से किया जा रहा है, जबकि बड़े अपराधियों और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और आगामी चुनाव में इसका असर दिखेगा।
मायावती के नेतृत्व में BSP की वापसी का दावा
गौतम ने विश्वास जताया कि BSP प्रमुख मायावती के नेतृत्व में पार्टी 2027 में मजबूत वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि गाँवों और कस्बों में पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है और बड़ी संख्या में लोग मायावती को एक बार फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। BSP सामाजिक न्याय, सर्वजन हित और मजबूत प्रशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।