मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द: कांग्रेस विधायक भाई जगताप बोले — सुधार का मौका मिलना चाहिए था
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने के विवाद पर कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने 11 जून 2026 को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि दस्तावेज़ों में त्रुटि होने पर उम्मीदवार को सुधार का अवसर दिए बिना नामांकन रद्द करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, इस फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
नामांकन रद्द होने पर क्या बोले भाई जगताप
भाई जगताप ने कहा कि वे स्वयं लंबे समय से चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने कई चुनाव लड़े हैं। उनका तर्क है कि यदि किसी उम्मीदवार के कागज़ात में कोई कमी हो, तो उसे दुरुस्त करने का समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बिना सुधार का मौका दिए नामांकन रद्द करना प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।'
जगताप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी पर सीधा आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन ऐसी घटनाएँ जनता में असंतोष और संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोपरि होनी चाहिए, अन्यथा लोकतंत्र की नींव कमज़ोर होती है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का संकेत
भाई जगताप ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसी को लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है, तो सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का पूरा हक है। उनके अनुसार, इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का रुख किए जाने की संभावना है।
पीएम मोदी के बयान पर पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी जगताप ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें पीएम ने कहा था कि कांग्रेस की नाकामियों से देश को उबारकर भारत को विकास की राह पर लाना एक बड़ी उपलब्धि है। जगताप ने कहा कि 2014 से पहले देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत स्थिति में था और कई क्षेत्रों में प्रगति हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने कई मोर्चों पर विफलता दिखाई है और 'जुमलों की राजनीति' से जनता अब संतुष्ट नहीं है।
युवाओं और पेपर लीक पर गंभीर सवाल
भाई जगताप ने नीट परीक्षा में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से छात्रों का भरोसा टूटता है और उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उनके अनुसार, सरकार इन समस्याओं को रोकने में नाकाम रही है और समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
विपक्षी एकता और कांग्रेस-टीएमसी गठबंधन की अटकलें
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संभावित मर्जर या गठबंधन की अटकलों पर जगताप ने कहा कि फिलहाल किसी औपचारिक मर्जर की बात नहीं है। हालाँकि, उन्होंने ज़ोर दिया कि महंगाई, बेरोज़गारी, महिलाओं पर अत्याचार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन से जुड़े अंतिम निर्णय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिए जाएँगे। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज़ है।