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मध्य प्रदेश भाजपा ने महिला शराब दुकान वायरल दावों को नकारा, कहा — यह कांग्रेस का 2020 का प्रस्ताव था

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मध्य प्रदेश भाजपा ने महिला शराब दुकान वायरल दावों को नकारा, कहा — यह कांग्रेस का 2020 का प्रस्ताव था

सारांश

मध्य प्रदेश भाजपा ने महिलाओं के लिए अलग शराब दुकान खोलने के वायरल दावों को झूठा करार दिया। पार्टी का कहना है कि यह प्रस्ताव फरवरी 2020 में कमल नाथ की कांग्रेस सरकार का था, जिसे भाजपा के विरोध के बाद वापस लिया गया था — और मार्च 2020 में सरकार बदलने के बाद कभी लागू नहीं हुआ।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश भाजपा ने 4 जुलाई 2025 को महिला शराब दुकान से जुड़े वायरल दावों को 'पूरी तरह भ्रामक और झूठा' बताया।
भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव फरवरी 2020 में कमल नाथ की कांग्रेस सरकार का था।
भाजपा के विरोध के बाद कांग्रेस सरकार ने यह प्रस्ताव वापस लिया था; मार्च 2020 में सरकार बदलने के बाद यह कभी लागू नहीं हुआ।
वर्तमान भाजपा सरकार का ऐसे किसी प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं — धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें बंद करना पार्टी की नीति बताई गई।
भाजपा ने नागरिकों से अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट आगे साझा करने से पहले तथ्य जाँच करने की अपील की।

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 4 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहे उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें आरोप लगाया जा रहा था कि राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकानें खोलने की योजना बना रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव फरवरी 2020 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) सरकार का था, जिसे अब जानबूझकर भाजपा से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है।

वायरल दावे और भाजपा का खंडन

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर यह दावा वायरल हो रहा था कि मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए विशेष शराब की दुकानें खोलने जा रही है। भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा, 'विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर भाजपा सरकार को महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकानों से जोड़ने का जो दावा फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक, निराधार और झूठा है। यह निर्णय 2020 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा लिया गया था।'

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भाजपा के अनुसार, फरवरी 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने महिला-अनुकूल शराब दुकानें खोलने का प्रस्ताव रखा था। उस समय विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। मार्च 2020 में राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद यह प्रस्ताव कभी लागू नहीं हुआ। गौरतलब है कि यह वही दौर था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों के कांग्रेस छोड़ने के बाद कमल नाथ सरकार गिर गई थी और भाजपा सत्ता में लौटी थी।

भाजपा की नीतिगत स्थिति

अग्रवाल ने यह भी कहा, 'भाजपा ने कभी भी महिलाओं के लिए शराब की दुकानें खोलने का समर्थन नहीं किया है और न ही वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। हमारी सरकार ने धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास शराब की दुकानें बंद करके अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।' पार्टी ने मादक पदार्थों के सेवन से मुक्त समाज की वकालत को अपनी नीतिगत प्रतिबद्धता बताया।

नागरिकों से तथ्य जाँच की अपील

भाजपा ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्टों पर आँख मूँद कर भरोसा न करें और किसी भी सामग्री को आगे साझा करने से पहले तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। पार्टी ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के एक पुराने फैसले को वर्तमान भाजपा सरकार से जोड़कर जानबूझकर गलत सूचना फैलाई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और राजनीतिक माहौल गर्म है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन खंडन हमेशा उतनी तेज़ी से नहीं फैलता जितनी तेज़ी से भ्रामक सामग्री। असली सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दलों की फैक्ट-चेक अपीलें डिजिटल भ्रम की काट बन सकती हैं — या यह महज़ पीआर प्रबंधन है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए अलग शराब दुकान का वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि मध्य प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार महिलाओं के लिए अलग शराब की दुकानें खोलने की योजना बना रही है। भाजपा ने इसे पूरी तरह भ्रामक और झूठा बताते हुए खारिज किया है।
महिला शराब दुकान का प्रस्ताव असल में किसने दिया था?
यह प्रस्ताव फरवरी 2020 में कमल नाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दिया था। भाजपा के विरोध के बाद कांग्रेस ने इसे वापस ले लिया और मार्च 2020 में सरकार बदलने के बाद यह कभी लागू नहीं हुआ।
क्या वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए शराब दुकान खोलने पर विचार कर रही है?
नहीं। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि न तो वर्तमान राज्य सरकार का और न ही पार्टी का ऐसे किसी प्रस्ताव से कोई संबंध है। पार्टी ने धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें बंद करने को अपनी नीतिगत प्रतिबद्धता बताया है।
भाजपा ने इस मामले में नागरिकों से क्या अपील की है?
भाजपा ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्टों पर भरोसा न करें और किसी भी सामग्री को आगे साझा करने से पहले स्वतंत्र रूप से तथ्यों की पुष्टि करें। पार्टी ने इसे जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना बताया है।
भाजपा ने शराब नीति पर अपना रुख क्या बताया है?
भाजपा ने कहा है कि उसने कभी महिलाओं के लिए शराब दुकानें खोलने का समर्थन नहीं किया। पार्टी ने धार्मिक और संवेदनशील स्थानों के पास शराब दुकानें बंद करने को अपनी सरकार की नीति का उदाहरण बताया और मादक पदार्थ-मुक्त समाज की वकालत को पार्टी की प्रतिबद्धता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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