सोनम वांगचुक समर्थन में प्रदर्शन: मुंबई में 50 से अधिक छात्रों पर BNS के तहत मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि परिसर में 21 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ माहिम और शिवाजी पार्क पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है। आयोजकों सहित 50 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जाँच के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए न तो पूर्व अनुमति ली गई थी और न ही उस समय क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा (जमावबंदी) का पालन किया गया। इसके बावजूद छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।
यह ऐसे समय में आया है जब सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों पर देशभर में छात्र और नागरिक संगठन सक्रिय हो रहे हैं।
कानूनी धाराएँ
सूत्रों के अनुसार, माहिम पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3), 189(5) और 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 और 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएँ सामान्यतः अनधिकृत सभा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से संबंधित होती हैं।
जंतर-मंतर पर विरोध और आरोप
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपने चल रहे विरोध प्रदर्शन को और तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। रांका ने कहा, 'ऐसी कार्रवाई की उन्हें पहले कभी उम्मीद नहीं थी।' उनका आरोप है कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल प्रयोग के निर्देश दिए गए थे। हालाँकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
वार्ता विफल, आंदोलन जारी
रांका ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब पाँच घंटे तक चली, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने माँग की कि यदि सरकार वास्तव में संवाद चाहती है, तो उसे प्रदर्शन स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधी बात करनी चाहिए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
आगे क्या
हिरासत से रिहा किए गए प्रदर्शनकारियों को जाँच नोटिस मिल चुके हैं और मामले की जाँच जारी है। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने संकेत दिया है कि जब तक माँगें नहीं मानी जातीं, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।