21 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक समर्थन में प्रदर्शन: मुंबई में 50 से अधिक छात्रों पर BNS के तहत मामला दर्ज

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सोनम वांगचुक समर्थन में प्रदर्शन: मुंबई में 50 से अधिक छात्रों पर BNS के तहत मामला दर्ज

सारांश

मुंबई के दादर में सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे 50 से अधिक छात्रों पर BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ — बिना अनुमति प्रदर्शन और निषेधाज्ञा उल्लंघन का आरोप। वहीं दिल्ली में जंतर-मंतर पर आंदोलन तेज होने के संकेत हैं और पाँच घंटे की वार्ता बेनतीजा रही।

मुख्य बातें

मुंबई के चैत्यभूमि परिसर, दादर में 21 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले 50 से अधिक छात्रों व आयोजकों पर मामला दर्ज।
माहिम पुलिस थाने में BNS धारा 189(2), 189(3), 189(5), 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम धारा 37 व 135 के तहत प्राथमिकी।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू थी।
हिरासत से रिहा प्रदर्शनकारियों को जाँच नोटिस जारी किए गए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया; केंद्र सरकार के साथ पाँच घंटे की वार्ता बेनतीजा रही।

मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि परिसर में 21 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ माहिम और शिवाजी पार्क पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है। आयोजकों सहित 50 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जाँच के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए न तो पूर्व अनुमति ली गई थी और न ही उस समय क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा (जमावबंदी) का पालन किया गया। इसके बावजूद छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।

यह ऐसे समय में आया है जब सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों पर देशभर में छात्र और नागरिक संगठन सक्रिय हो रहे हैं।

कानूनी धाराएँ

सूत्रों के अनुसार, माहिम पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3), 189(5) और 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 और 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएँ सामान्यतः अनधिकृत सभा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से संबंधित होती हैं।

जंतर-मंतर पर विरोध और आरोप

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपने चल रहे विरोध प्रदर्शन को और तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। रांका ने कहा, 'ऐसी कार्रवाई की उन्हें पहले कभी उम्मीद नहीं थी।' उनका आरोप है कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल प्रयोग के निर्देश दिए गए थे। हालाँकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।

वार्ता विफल, आंदोलन जारी

रांका ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब पाँच घंटे तक चली, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने माँग की कि यदि सरकार वास्तव में संवाद चाहती है, तो उसे प्रदर्शन स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधी बात करनी चाहिए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

आगे क्या

हिरासत से रिहा किए गए प्रदर्शनकारियों को जाँच नोटिस मिल चुके हैं और मामले की जाँच जारी है। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने संकेत दिया है कि जब तक माँगें नहीं मानी जातीं, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या निषेधाज्ञा का प्रयोग असहमति को सीमित करने के उपकरण के रूप में हो रहा है। जंतर-मंतर पर पाँच घंटे की वार्ता का बेनतीजा रहना और लाठीचार्ज के आरोप — यदि सत्यापित हों — यह दर्शाते हैं कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच विश्वास की गहरी खाई है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर कानूनी धाराओं पर टिकी रहती है, जबकि असली प्रश्न यह है कि शांतिपूर्ण नागरिक असहमति के लिए संवैधानिक स्थान कितना बचा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर क्या मामला दर्ज हुआ?
मुंबई के माहिम और शिवाजी पार्क पुलिस थानों में 50 से अधिक छात्रों व आयोजकों पर BNS की धारा 189(2), 189(3), 189(5), 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 व 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जाँच के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में क्यों लिया?
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी और उस समय चैत्यभूमि परिसर क्षेत्र में निषेधाज्ञा (जमावबंदी) लागू थी। इसके उल्लंघन के कारण छात्रों को हिरासत में लिया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने क्या आरोप लगाए हैं?
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया है कि पुलिस ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और उन्हें बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बल प्रयोग के निर्देश दिए गए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
केंद्र सरकार के साथ वार्ता का क्या नतीजा रहा?
आशुतोष रांका के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करीब पाँच घंटे तक चली लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। CJP ने माँग की है कि सरकार प्रदर्शन स्थल पर आकर प्रदर्शनकारियों से सीधा संवाद करे।
आगे आंदोलन की क्या स्थिति रहेगी?
CJP ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। मुंबई में हिरासत से रिहा छात्रों को नोटिस मिल चुके हैं और मामले की जाँच जारी है। जब तक माँगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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