नाना पटोले का BJP-RSS पर हमला: 'मुगलों जैसी लूट, मंदिरों का दान भी सुरक्षित नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विधायक नाना पटोले ने 4 जुलाई को नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बद्रीनाथ धाम और अयोध्या राम मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दान राशि के कथित दुरुपयोग के मामलों में BJP-RSS की संलिप्तता है। पटोले के अनुसार, अब मुगलों और BJP-RSS में कोई फर्क नहीं रहा — दोनों ने मंदिरों को 'लूटा' है।
मंदिर दान पर गंभीर आरोप
पटोले ने आरोप लगाया कि बद्रीनाथ धाम, अयोध्या राम मंदिर, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर और पंढरपुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा, 'दान के पैसे की लूट और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना BJP-RSS की राजनीति का हिस्सा बन गया है।' उनके अनुसार, संबंधित लोगों को सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए और उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
SIT जाँच पर संदेह
इस मामले में गठित विशेष जाँच दल (SIT) पर भी पटोले ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि यह SIT मामले को दबाने का माध्यम बन सकती है और वास्तविक जिम्मेदारों को बचाया जा सकता है। कांग्रेस को जल्द ही इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज मिलने की उम्मीद है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की जाएगी।
पंजाब कांग्रेस नेतृत्व विवाद पर प्रतिक्रिया
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की माँग पर पटोले ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है जहाँ हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी माँगें और चर्चाएँ लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं और पार्टी में तानाशाही की कोई जगह नहीं है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ में तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर पैनल की बातचीत में चन्नी सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं, जबकि 20 से अधिक मौजूदा और पूर्व कांग्रेस विधायकों ने उनका समर्थन किया है।
चुनाव प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल
पटोले ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद चुनाव आयोग सहित कई संस्थाओं के माध्यम से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए गए हैं। उन्होंने माँग की कि चुनाव फिर से बैलेट पेपर के जरिए कराए जाने चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब EVM की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक बहस जारी है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के अनुसार, मंदिर दान दुरुपयोग से जुड़े दस्तावेज जल्द सार्वजनिक किए जाएँगे। पटोले ने धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा को सभी दलों की साझा जिम्मेदारी बताया। BJP और RSS की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।