असम में एनसीबी की तीसरी त्रैमासिक जेसीसी बैठक, ड्रग तस्करी के खिलाफ नेटवर्क-केंद्रित रणनीति मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 7 नवंबर 2026 को गुवाहाटी स्थित पुलिस मुख्यालय में असम के लिए तीसरी त्रैमासिक राज्य-स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक आयोजित की, जिसमें ड्रग तस्करी के खिलाफ बहु-एजेंसी रणनीति को और पुख्ता करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में 'नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण' को केंद्रबिंदु बनाते हुए खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जाँच और समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई।
बैठक का नेतृत्व और भागीदारी
इस बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के उप महानिदेशक आर. सुधाकर ने की। बैठक में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), कस्टम्स, आयकर विभाग, राज्य आतंकवाद-रोधी एवं नशा-विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) सहित अनेक एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि असम के 13 संवेदनशील जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी इस बैठक में शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने जिलों में ड्रग-संबंधी प्रवृत्तियों तथा प्रवर्तन चुनौतियों की जानकारी साझा की।
मुख्य एजेंडा और रणनीतिक चर्चाएँ
बैठक में असम में नशीले पदार्थों की मौजूदा स्थिति, तस्करी के उभरते मार्गों और एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम से जुड़े अहम मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी जुटाने के लिए निदान पोर्टल, नैटग्रिड और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) से प्राप्त इनपुट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत म्यांमार और 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाले नशीले पदार्थों के पारगमन मार्ग के रूप में चिन्हित किया जाता रहा है। असम की भौगोलिक स्थिति — जो कई पड़ोसी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ी है — इसे तस्करी नेटवर्क के लिए संवेदनशील बनाती है।
ऑपरेशन ट्राइडेंट की उपलब्धियाँ रेखांकित
बैठक में 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' की उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। यह एनसीबी, ईडी और मिजोरम पुलिस का संयुक्त अभियान था, जिसमें 38 टीमों ने उत्तर-पूर्व के तीन राज्यों में 38 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने इस अभियान को बहु-एजेंसी समन्वय का सफल उदाहरण बताया और भविष्य में इसी मॉडल को आगे बढ़ाने की बात कही।
राजस्थान जेसीसी बैठक से तुलना
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले महीने जयपुर में राजस्थान के लिए एनसीबी की तीसरी त्रैमासिक जेसीसी बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक की सह-अध्यक्षता एनसीबी (पश्चिमी क्षेत्र) के उप महानिदेशक और राजस्थान एएनटीएफ के महानिरीक्षक ने संयुक्त रूप से की थी। जयपुर बैठक में भी खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जाँच, गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़, अफीम और पोस्त के भूसे की अवैध तस्करी पर अंकुश और नशामुक्ति केंद्रों की स्थिति पर चर्चा हुई थी। इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि एनसीबी अपनी त्रैमासिक जेसीसी बैठकों को एक व्यवस्थित राष्ट्रीय ढाँचे के तहत संचालित कर रही है।
आगे की दिशा
बैठक में ड्रग कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रवर्तन उपायों में तेजी लाने पर सहमति बनी। संयुक्त पूछताछ और खुफिया साझेदारी के माध्यम से तस्करी गिरोहों को भंग करने की कार्ययोजना पर भी विचार हुआ। सभी भागीदार एजेंसियों ने 'नशा मुक्त भारत' के विजन को साकार करने की सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।