8 अगस्त 2026
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एनसीपीआई सांसद खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने नबान्ना में CM सुवेंदु अधिकारी से की मुलाकात

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एनसीपीआई सांसद खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने नबान्ना में CM सुवेंदु अधिकारी से की मुलाकात

सारांश

TMC छोड़कर एनसीपीआई में आए मुर्शिदाबाद के दो सांसद NDA विरोधी रुख रखते हुए भी CM सुवेंदु अधिकारी से मिले — मतदाता सूची विवाद पर। यह मुलाकात बंगाल की बदलती राजनीतिक धुरी और व्यावहारिक सहयोग की नई लकीर खींचती है।

मुख्य बातें

खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने 8 अगस्त को नबान्ना में CM सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की।
बैठक का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और ट्रिब्यूनल में देरी का था।
दोनों सांसद एनसीपीआई के NDA में शामिल होने के विरोधी हैं, फिर भी एक दिन पहले PM मोदी के आवास पर हुई बैठक में शामिल हुए।
तीसरे सांसद यूसुफ पठान ने भी NDA विरोध के बावजूद राज्य सरकार से विकास समन्वय की बात कही।
CM अधिकारी ने स्पष्ट किया — मामला अदालत में है, हस्तक्षेप नहीं होगा; लेकिन ट्रिब्यूनल-लंबित लोगों को कल्याण योजनाओं से नहीं रोका जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए मुर्शिदाबाद के दोनों लोकसभा सांसद — खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान — ने शनिवार, 8 अगस्त को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय नबान्ना में मुलाकात की। यह बैठक मुर्शिदाबाद जिले में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और ट्रिब्यूनल के फैसलों में देरी के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित रही।

बैठक का मुख्य एजेंडा

बैठक में प्रमुख रूप से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया। इसके साथ ही इन मामलों में ट्रिब्यूनल के फैसलों में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व शुक्रवार को TMC के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग प्रतिनिधिमंडल भी नबान्ना में मुख्यमंत्री से इसी मुद्दे पर मिल चुका था।

मुख्यमंत्री का रुख

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए राज्य सरकार इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालाँकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन लोगों के मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, उन्हें सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। साथ ही अधिकारी ने यह भी दोहराया कि जिन लोगों ने अब तक ट्रिब्यूनल में आवेदन नहीं किया है, वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

राजनीतिक संदर्भ: NDA से दूरी, फिर भी समन्वय

रहमान और खान दोनों एनसीपीआई के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं। इसके बावजूद दोनों ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर आयोजित उस बैठक में भाग लिया, जिसमें TMC से एनसीपीआई में आए सभी 20 लोकसभा सांसद मौजूद थे। यह राजनीतिक विरोधाभास — NDA विरोध और PM आवास पर उपस्थिति — राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यूसुफ पठान का स्पष्टीकरण

मुर्शिदाबाद के तीसरे अल्पसंख्यक सांसद और क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान ने भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि वे एनसीपीआई के NDA में शामिल होने के विरोधी हैं, परंतु अपने लोकसभा क्षेत्र के विकास के लिए वे सुवेंदु अधिकारी सरकार के साथ कार्यात्मक समन्वय बनाए रखेंगे। यह रुख तीनों सांसदों की साझा रणनीति को दर्शाता है — वैचारिक दूरी बनाए रखते हुए व्यावहारिक सहयोग।

आगे क्या

मतदाता सूची का यह विवाद पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, विशेषकर मुर्शिदाबाद जैसे अल्पसंख्यक-बहुल जिले में। ट्रिब्यूनल के फैसलों की गति और राज्य सरकार के रुख पर सभी पक्षों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ गहरे हैं। TMC से निकले और NDA-विरोधी रुख रखने वाले सांसद जब BJP के मुख्यमंत्री के दरवाज़े पर जाते हैं, तो यह एनसीपीआई की आंतरिक दरारों को उजागर करता है। मुर्शिदाबाद में मतदाता सूची का मुद्दा महज़ प्रशासनिक नहीं है — यह अल्पसंख्यक मतदाताओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से सीधे जुड़ा है, और इसे लेकर TMC बागी व एनसीपीआई दोनों एक ही दरवाज़े पर दस्तक दे रहे हैं। यह संयोग नहीं, बल्कि बंगाल में उभरते नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीपीआई सांसदों ने CM सुवेंदु अधिकारी से क्यों मुलाकात की?
खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने मुर्शिदाबाद में SIR के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और ट्रिब्यूनल के फैसलों में देरी के मुद्दे पर CM अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की। यह बैठक 8 अगस्त को नबान्ना में हुई।
CM सुवेंदु अधिकारी ने मतदाता सूची विवाद पर क्या कहा?
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण राज्य सरकार सीधा हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों वाले लोगों को कल्याण योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा।
क्या एनसीपीआई NDA में शामिल होगी?
रहमान, खान और यूसुफ पठान तीनों ने सार्वजनिक रूप से एनसीपीआई के BJP नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने का विरोध किया है। हालाँकि, तीनों ने अपने लोकसभा क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार से समन्वय बनाए रखने की बात कही है।
यूसुफ पठान का इस पूरे मामले में क्या रुख है?
मुर्शिदाबाद के तीसरे एनसीपीआई सांसद यूसुफ पठान ने स्पष्ट किया है कि वे NDA गठबंधन के विरोधी हैं, लेकिन अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सुवेंदु अधिकारी सरकार के साथ कार्यात्मक सहयोग जारी रखेंगे।
TMC बागी गुट ने भी नबान्ना में बैठक की — इसका क्या संदर्भ है?
एक दिन पूर्व शुक्रवार को निष्कासित TMC विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग प्रतिनिधिमंडल भी नबान्ना में CM से मिला था और यही मतदाता सूची का मुद्दा उठाया था। दो अलग-अलग राजनीतिक गुटों का एक ही मुद्दे पर एक ही दरवाज़े पर पहुँचना इस विवाद की गंभीरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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