नीट पेपर लीक: कोर्ट ने यश यादव को 21 जून परीक्षा और बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी यश यादव को 21 जून को पुलिस कस्टडी में पुनः आयोजित होने वाली नीट-यूजी परीक्षा में बैठने और अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों अवसरों पर यश यादव को पुलिस की निगरानी में ही ले जाया जाएगा।
अदालत का आदेश और यश यादव की याचिका
यश यादव ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत की माँग की थी, ताकि वे 21 जून को होने वाली पुनः नीट-यूजी परीक्षा में सम्मिलित हो सकें और अपनी बहन के विवाह समारोह में भाग ले सकें। कोर्ट ने जमानत देने के बजाय पुलिस कस्टडी में उन्हें इन दोनों अवसरों पर उपस्थित होने की अनुमति दी — जो एक असामान्य किंतु न्यायसंगत व्यवस्था मानी जा रही है।
मामले में अन्य आरोपियों की हिरासत
इससे पहले 15 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण में 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी थी। हिरासत की अवधि समाप्त होने पर इन आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। जिन आरोपियों की हिरासत बढ़ाई गई उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं।
सीबीआई को जेल में पूछताछ की अनुमति
कोर्ट ने केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को जेल के भीतर तीन आरोपियों — शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे — से 17, 18 और 19 जून को पूछताछ करने की अनुमति दी है। प्रत्येक आरोपी से एक-एक घंटे तक पूछताछ की जाएगी। सीबीआई इस मामले में परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल करने और उसे वितरित करने में कथित तौर पर शामिल नेटवर्क की जाँच कर रही है।
डॉ. शिरुरे और कथित मास्टरमाइंड की भूमिका
सीबीआई के अनुसार, लातूर के डॉ. मनोज शिरुरे ने परीक्षा से पहले कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के प्रश्न प्राप्त कर तीन छात्रों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई, जिनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर मालिक का पुत्र भी शामिल था। 1 जून को कोर्ट ने डॉ. शिरुरे, तेजस हर्षदकुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।
जाँच की स्थिति
सीबीआई अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जाँच एजेंसी उस कथित नेटवर्क की परतें उघाड़ने में जुटी है जिसने परीक्षा से पहले नीट-यूजी प्रश्न पत्र लीक कर उन्हें अभ्यर्थियों तक पहुँचाया। यह मामला देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की परीक्षा की विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा है और आगामी सुनवाइयों में नए खुलासे संभव हैं।