एनआईईपीए का 20वां स्थापना दिवस: इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एआई और आर्ट्स के नए कोर्स लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) ने 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में अपना 20वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आर्ट्स से संबंधित नए पाठ्यक्रमों का शुभारंभ किया, जो भारत की बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
मुख्य अतिथि का संबोधन
भारत प्रकाशन (दिल्ली) लिमिटेड के संपादक और ऑर्गनाइजर प्रफुल्ल केतकर इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने एनआईईपीए को भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक बताते हुए कहा कि यह संस्थान देश की शिक्षा नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।
केतकर ने 'विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका' विषय पर बोलते हुए कहा कि 2035 तक भारत को अपनी सोच को औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान की सराहना करते हुए यह भी कहा कि देशप्रेम केवल किसी अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए — वह हर व्यक्ति के मन में सतत रूप से विद्यमान रहना चाहिए।
चांसलर का दृष्टिकोण
एनआईईपीए के चांसलर प्रोफेसर रामा शंकर दुबे ने कहा, 'अगर हम समाज में बदलाव के जरिए को देखें, तो वह शिक्षा है। हम शिक्षा के जरिए ही समाज बदल सकते हैं। इसलिए, हमें ऐसी मानव पूंजी तैयार करनी चाहिए, जो काबिल हो और जो हमारी राष्ट्रीय, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर सके।'
प्रोफेसर दुबे ने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की केंद्रीय भूमिका है। उनके अनुसार, इन संस्थानों को ज्ञान, नवाचार और जिम्मेदार नेतृत्व के केंद्र के रूप में कार्य करना होगा।
रजिस्ट्रार की प्रतिबद्धता
एनआईईपीए के रजिस्ट्रार सी.एस. सूर्य नारायण मिश्रा ने संस्थान की दो दशकों की यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि एनआईईपीए की नीति भारत की शिक्षा प्रणाली की रीढ़ है। उन्होंने कहा, 'हम पॉलिसी को लागू करने और पॉलिसी बनाने में सबसे आगे रहेंगे।'
मिश्रा ने बताया कि संस्थान शिक्षा नीति, शोध और बेहतर योजना के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है, और इसका मूल उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना तथा नीतियों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में उच्च शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी एकीकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को लेकर व्यापक विमर्श जारी है। एनआईईपीए के नए एआई और आर्ट्स पाठ्यक्रम इस दिशा में एक ठोस कदम माने जा रहे हैं, जो भविष्य की शिक्षा प्रणाली को तकनीक और मानविकी दोनों के साथ संतुलित करने का प्रयास करते हैं।