ओडिशा: वन रेंजर रबींद्र कुमार नायक गिरफ्तार, आय से 372% अधिक संपत्ति उजागर
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सतर्कता विभाग ने गुरुवार, 9 जुलाई को केंद्रपाड़ा वन रेंज के वन रेंजर रबींद्र कुमार नायक को गिरफ्तार किया। सतर्कता अधिकारियों के अनुसार, नायक के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से 372 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति पाई गई, जिसका वह कथित तौर पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कटक के विशेष सतर्कता न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।
छापेमारी और बरामदगी का ब्यौरा
सतर्कता विभाग ने बुधवार को नायक और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी संपत्तियों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बरंगा क्षेत्र के मुंडुली में स्थित एक चार मंजिला आवासीय भवन, कटक के बांकी क्षेत्र के सहदापाड़ा में एक अन्य भवन, और बरंगा क्षेत्र में छह उच्च मूल्य के भूखंड चिह्नित किए गए।
इसके अलावा अधिकारियों ने ₹2.14 लाख नकद, 283.5 ग्राम सोने के आभूषण, 511 ग्राम चांदी के आभूषण, ₹76 लाख की बैंक जमा राशि, एक चार पहिया वाहन, दो दो पहिया वाहन और लगभग ₹22 लाख मूल्य का घरेलू सामान भी जब्त किया।
मामला और कानूनी कार्रवाई
नायक के खिलाफ कटक सतर्कता पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोपों के संबंध में की गई। सतर्कता विभाग ने स्पष्ट किया कि गहन तलाशी, इन्वेंट्री और पूछताछ के बाद ही संपत्ति का आकलन किया गया।
आय और संपत्ति का अनुपात
सतर्कता अधिकारियों ने नायक की समग्र आय, व्यय और संपत्ति का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस आकलन में पाया गया कि उनके पास जमा चल और अचल संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से 372 प्रतिशत अधिक है। गौरतलब है कि एक सरकारी वन रेंजर के वेतनमान को देखते हुए यह अंतर असाधारण रूप से बड़ा माना जा रहा है।
आगे की जाँच
ओडिशा सतर्कता विभाग ने संकेत दिया है कि मामले की जाँच जारी है और आगे भी पूछताछ की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों को तेज़ किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ सरकारी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत हैं।