ओमप्रकाश राजभर 'रेडियो की तरह' — सपा नेता मानसिंह यादव का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता मानसिंह यादव ने 18 जुलाई को कौशाम्बी में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला। राजभर द्वारा यादव और मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए बयानों को मानसिंह यादव ने 'राजनीतिक बयानबाजी' करार देते हुए कहा कि ऐसे नेता को गंभीरता से लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।
'रेडियो' वाला तंज
मानसिंह यादव ने राजभर की राजनीतिक स्वायत्तता पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, 'जो व्यक्ति रेडियो की तरह हो, जिसमें आप कभी भी कोई भी स्टेशन ट्यून कर सकते हैं, वह एक स्वतंत्र व्यक्ति नहीं रह जाता। रेडियो की अपनी कोई मर्जी नहीं होती। आप उसे बीबीसी लंदन या बीबीसी भारती पर ट्यून कर सकते हैं।' उनका इशारा साफ था — राजभर परिस्थितियों के अनुसार अपने विचार बदलते रहते हैं।
न्यायालय की सूची का हवाला
सपा नेता ने दावा किया कि हाल ही में न्यायालय द्वारा जारी एक सूची ने राज्य सरकार को 'आईना दिखाने का काम किया है।' उनके अनुसार, उस सूची में योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न मामलों में वांछित रहे कई ऐसे लोगों के नाम शामिल थे, जो सरकार के सजातीय समुदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ओमप्रकाश राजभर ने वह सूची नहीं देखी थी। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि सरकार और उसके सहयोगी दलों में साहस है, तो सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएँ।
असली मुद्दों की अनदेखी का आरोप
मानसिंह यादव ने कहा कि प्रदेश और देश के सामने रोज़गार, युवाओं का भविष्य, महंगाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, इन ज्वलंत सवालों से ध्यान हटाने के लिए जातीय आधार पर अपराध को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
महंगाई और एथेनॉल नीति पर निशाना
सपा नेता ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम जनता महंगाई से त्रस्त है। उन्होंने एथेनॉल नीति को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाया कि इस नीति के माध्यम से लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महंगाई जैसे जनसरोकार के विषयों पर बहस होनी चाहिए, न कि किसी विशेष जाति को निशाना बनाकर सामाजिक तनाव बढ़ाया जाना चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन तथा विपक्ष दोनों सामाजिक समीकरण साधने में जुटे हैं। गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर पहले सपा के साथ रहे और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुए — इसी राजनीतिक यात्रा को मानसिंह यादव ने 'स्टेशन बदलने' से जोड़ा। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।