पप्पू यादव का आरोप: झारखंड आंदोलन में महिलाओं को मानसिक प्रताड़ना, E20 और भरत तिवारी पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने 8 अगस्त को पत्रकारों से बातचीत में मौजूदा सरकार पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने झारखंड विरोध प्रदर्शन, E20 इथेनॉल नीति और भरत तिवारी प्रकरण — तीनों मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
महिलाओं पर अत्याचार का आरोप
पप्पू यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है। उनके अनुसार, 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारे देने वाले लोग ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड आंदोलन में हिस्सा लेने वाली लड़कियों को चिन्हित कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाएगा — एक आरोप जिसे सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
E20 इथेनॉल नीति पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा E20 नीति पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में पप्पू यादव ने कहा कि इथेनॉल मिश्रण का फैसला केंद्रीय कैबिनेट ने लिया है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह निर्णय किसके दबाव में लिया गया और आरोप लगाया कि यह नीति देशभर के वाहन मालिकों के लिए नुकसानदेह साबित होगी।
भरत तिवारी परिवार की अनदेखी का आरोप
पप्पू यादव ने भरत तिवारी प्रकरण पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की पत्नी और माँ — दोनों के बयान सार्वजनिक हो चुके हैं, जिनमें उन्होंने पुष्टि की है कि परिवार को अब तक एक रुपए की सरकारी सहायता नहीं मिली। उनके अनुसार, पहले इस परिवार से झूठ बोला गया, फिर उनका मज़ाक उड़ाया गया और अंत में शहीद के परिवार को अपमानित करने की कोशिश की गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
पप्पू यादव के इन आरोपों पर सत्तारूढ़ दल की ओर से कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इन बयानों को राजनीतिक विश्लेषक विपक्ष की उस व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहे हैं, जिसमें महिला सुरक्षा, ईंधन नीति और शहीद सम्मान जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया जा रहा है।
आगे क्या
भरत तिवारी परिवार को सरकारी सहायता और झारखंड आंदोलन में शामिल महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों पर गूँजने की संभावना है। पप्पू यादव ने संकेत दिया कि वे इन मामलों को और आगे उठाएंगे।