18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पप्पू यादव का केंद्र सरकार पर हमला: 'सच्चाई से भाग रही है सरकार, ताश के पत्तों की तरह बिखरेगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पप्पू यादव का केंद्र सरकार पर हमला: 'सच्चाई से भाग रही है सरकार, ताश के पत्तों की तरह बिखरेगी'

सारांश

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने पटना में केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया — 'ताश के पत्तों की तरह बिखरेगी'। इथेनॉल नीति, सात करोड़ छात्रों का संकट और सोनम वांगचुक का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने संसद न चलने देने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 18 जुलाई को पटना में केंद्र सरकार को 'सच्चाई से भागने वाली' सरकार करार दिया।
उन्होंने कहा कि इथेनॉल नीति का फैसला कैबिनेट स्तर पर हुआ, यानी सीधे प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी।
सोनम वांगचुक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मानवीय मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों पर हमला लोकतंत्र की हत्या है।
परीक्षा अनियमितताओं से सात करोड़ बच्चे प्रभावित होते हैं — यादव ने रोज़गार संकट को भी रेखांकित किया।
मृत्युंजय तिवारी के आरजेडी छोड़ने पर उन्होंने कहा — 'घर में मतभेद होना स्वाभाविक है।'

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 18 जुलाई को पटना में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सच्चाई से मुँह मोड़ रही है और एक दिन यह ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी।

सरकार पर सीधा आरोप

पप्पू यादव ने कहा, 'यह सरकार कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं का आज तक सामना नहीं कर पाई।' उनके अनुसार, मौजूदा सरकार 'डरी और थकी हुई' है और उसने पूरे देश को थका दिया है। उन्होंने कहा कि इस शासनकाल में लोकतंत्र खतरे में है और गरीबों तथा छात्रों की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जो सरकार मंदिर और सनातन पर हमला करने पर उतारू हो जाए, उससे कोई उम्मीद नहीं रखी जा सकती।

इथेनॉल और कैबिनेट फैसले पर सवाल

निर्दलीय सांसद ने इथेनॉल नीति को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके अनुसार, इथेनॉल से संबंधित निर्णय कैबिनेट की ओर से लिया गया, जिसका अर्थ है कि यह सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के स्तर का फैसला था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

सोनम वांगचुक और लोकतंत्र का सवाल

पप्पू यादव ने सोनम वांगचुक का उल्लेख करते हुए कहा कि वे बच्चों और छात्रों के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं होती और मानवीय मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों पर हमला किया जाता है, तो क्या यही लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में संसद को चलने नहीं देना चाहिए।

छात्र और रोज़गार संकट

सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से छात्रों के मुद्दे उठाते आ रहे हैं और इसके लिए पदयात्राएँ भी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से एक-दो नहीं, बल्कि सात करोड़ बच्चे प्रभावित होते हैं। रोज़गार की संभावनाएँ समाप्त होने और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं पर उन्होंने गहरी चिंता जताई।

मृत्युंजय तिवारी के आरजेडी छोड़ने पर प्रतिक्रिया

मृत्युंजय तिवारी के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) छोड़ने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि घर-परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है और तिवारी 'बहुत अच्छे आदमी' हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने देश की बुनियाद और विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों को मज़बूत किया, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बने पुल ध्वस्त हो रहे हैं। आने वाले दिनों में विपक्ष का यह आक्रामक रुख संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पप्पू यादव ने कहा कि केंद्र सरकार सच्चाई से भाग रही है और एक दिन ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं का सामना करने में असमर्थ है।
पप्पू यादव ने इथेनॉल नीति पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इथेनॉल से जुड़ा फैसला कैबिनेट ने लिया, जिसका मतलब है कि यह सीधे प्रधानमंत्री स्तर का निर्णय था। उनके अनुसार इस मुद्दे पर आम लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
पप्पू यादव ने सात करोड़ छात्रों का ज़िक्र क्यों किया?
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से सात करोड़ बच्चे प्रभावित होते हैं और रोज़गार की सभी संभावनाएँ समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने राहुल गांधी के छात्र-हित प्रयासों को भी रेखांकित किया।
पप्पू यादव ने सोनम वांगचुक का उल्लेख किस संदर्भ में किया?
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक बच्चों और छात्रों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने की बजाय मानवीय मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों पर हमला कर रही है।
मृत्युंजय तिवारी के आरजेडी छोड़ने पर पप्पू यादव की क्या प्रतिक्रिया रही?
पप्पू यादव ने कहा कि घर-परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है और मृत्युंजय तिवारी 'बहुत अच्छे आदमी' हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई तीखी टिप्पणी नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले