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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर 30,000 जवानों के इस्तीफे का दावा फर्जी: पीआईबी ने AI वीडियो का भंडाफोड़ किया

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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर 30,000 जवानों के इस्तीफे का दावा फर्जी: पीआईबी ने AI वीडियो का भंडाफोड़ किया

सारांश

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स ने एआई से बनाया फर्जी वीडियो — जिसमें सीडीएस जनरल सुब्रमणि को 30,000 जवानों के इस्तीफे का दावा करते दिखाया गया। पीआईबी ने मूल वीडियो सामने रखकर भंडाफोड़ किया: असल में वह डूरंड कप के लिए आमंत्रण दे रहे थे।

मुख्य बातें

पीआईबी फैक्ट चेक ने 25 जुलाई को पुष्टि की कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के कारण 30,000 सेना जवानों के इस्तीफे का दावा पूरी तरह फर्जी है।
फर्जी वीडियो एआई-जनरेटेड (डीपफेक) है और पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा प्रसारित किया जा रहा है।
राजा सुब्रमणि ने वायरल वीडियो में दिखाया गया कोई बयान नहीं दिया।
मूल वीडियो में सीडीएस इंडियनऑयल डूरंड कप ( 25 जुलाई – 23 अगस्त ) के लिए आमंत्रण दे रहे थे।
संदिग्ध कंटेंट की शिकायत +91 8799711259 या factcheck@pib.gov.in पर की जा सकती है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने 25 जुलाई को स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण 30,000 भारतीय सेना के जवानों के इस्तीफे का दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। पीआईबी के अनुसार, पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स एक एआई-जनरेटेड वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसे झूठे तरीके से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का बताकर फैलाया जा रहा है।

फर्जी वीडियो में क्या दावा किया गया

पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी आधिकारिक पोस्ट में बताया कि डिजिटल तरीके से बदले गए इस वीडियो में सीडीएस जनरल सुब्रमणि को यह कहते हुए गलत तरीके से दिखाया गया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बच्चों को लाठियों से पीटे जाने के विरोध में 30,000 से अधिक सेना के जवानों ने इस्तीफा दे दिया है और वे सरकार की सेवा करने से इनकार कर रहे हैं। इसी कथित वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा दिलाने की 'रिक्वेस्ट' भी की गई है।

पीआईबी ने स्पष्ट किया, 'चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।' यह वीडियो एआई तकनीक से निर्मित है और पूरी तरह मनगढ़ंत है।

असली वीडियो में क्या था

पीआईबी फैक्ट चेक ने उस मूल वीडियो को भी सार्वजनिक किया जिसके साथ छेड़छाड़ की गई थी। असली क्लिप में सीडीएस जनरल सुब्रमणि इंडियनऑयल डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए लोगों को आमंत्रित करते नज़र आ रहे हैं। उन्होंने कहा था, 'एशिया का यह मशहूर कॉम्पिटिशन 25 जुलाई से 23 अगस्त तक पाँच वाइब्रेंट शहरों — कोलकाता, इंफाल, शिलांग, गुवाहाटी और पहली बार रांची — में होस्ट किया जाएगा।' इस वीडियो का विरोध प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं था।

पीआईबी ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस महीने की शुरुआत में डूरंड कप ट्रॉफी का अनावरण किया था, जिससे इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की विरासत एक बार फिर रेखांकित हुई।

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की भूमिका

पीआईबी फैक्ट चेक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह फर्जी वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा फैलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में छात्र आंदोलनों को लेकर सोशल मीडिया पर सूचना-युद्ध तेज़ हो रहा है। एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो के ज़रिए सेना और सरकार के बीच दरार दिखाने की यह कोशिश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है।

नागरिकों के लिए सलाह और रिपोर्टिंग व्यवस्था

पीआईबी फैक्ट चेक ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन फैल रहे मैनिपुलेटेड कंटेंट से सावधान रहें और केवल भरोसेमंद आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें। भारत सरकार से जुड़े किसी भी संदिग्ध कंटेंट की सूचना +91 8799711259 पर या factcheck@pib.gov.in पर दी जा सकती है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि खंडन आने से पहले यह वीडियो कितने लाख लोगों तक पहुँच चुका था। जब तक फैक्ट चेक वायरल होता है, तब तक झूठ कई गुना आगे निकल चुका होता है — और इसी अंतराल का फायदा विदेशी प्रोपेगेंडा तंत्र उठाते हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सच में 30,000 भारतीय सेना के जवानों ने इस्तीफा दिया है?
नहीं। पीआईबी फैक्ट चेक ने 25 जुलाई को स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। यह एआई-जनरेटेड वीडियो के ज़रिए फैलाया गया झूठ है, जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
सीडीएस जनरल सुब्रमणि के नाम पर कौन सा फर्जी वीडियो वायरल हुआ?
एआई तकनीक से बनाए गए इस वीडियो में सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को यह कहते दिखाया गया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के कारण 30,000 जवानों ने इस्तीफा दिया और उन्होंने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगने की अपील की। पीआईबी ने पुष्टि की कि जनरल सुब्रमणि ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।
असली वीडियो में सीडीएस जनरल सुब्रमणि क्या कह रहे थे?
मूल वीडियो में सीडीएस इंडियनऑयल डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट (25 जुलाई – 23 अगस्त) के लिए लोगों को आमंत्रित कर रहे थे। इस वीडियो का विरोध प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं था।
यह फर्जी वीडियो कौन फैला रहा है और क्यों?
पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स इस वीडियो को प्रसारित कर रहे हैं। उद्देश्य भारतीय सेना और सरकार के बीच दरार दिखाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भ्रम फैलाना है।
ऐसे फर्जी वीडियो की शिकायत कहाँ करें?
भारत सरकार से जुड़े किसी भी संदिग्ध कंटेंट की सूचना पीआईबी फैक्ट चेक को +91 8799711259 पर या factcheck@pib.gov.in पर दी जा सकती है। पीआईबी ने नागरिकों से केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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