जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस जवान की 'हार्टअटैक से मौत' की खबर फर्जी, पुलिस ने किया आधिकारिक खंडन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 22 जुलाई को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान 42 वर्षीय जवान सतीश की हार्टअटैक से मौत होने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई यह खबर जाँच के बाद फर्जी साबित हुई, और अधिकारियों के अनुसार किसी भी स्तर पर ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई।
वायरल दावा और उसकी सच्चाई
बुधवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यह दावा तेज़ी से फैला कि जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के पास ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की हार्टअटैक से मौत हो गई। खबर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी स्तरों पर तथ्यों की पड़ताल की, लेकिन कहीं से भी इस घटना की पुष्टि नहीं हो सकी।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित इकाइयों से जानकारी जुटाने की कोशिश की, परंतु सतीश नामक किसी जवान की मौत की पुष्टि नहीं हुई। अधिकारी ने कहा, 'फिलहाल हमारे पास ऐसी किसी घटना की कोई जानकारी नहीं है।' साथ ही पुलिस ने यह भी अपील की कि यदि किसी को इस खबर के मूल स्रोत की जानकारी हो, तो वे सूचित करें ताकि संबंधित व्यक्ति या प्लेटफॉर्म से जवाब माँगा जा सके।
गोलीबारी की अलग घटना का संदर्भ
इसी दौरान एक अधिकारी ने यह भी बताया कि किसी स्थान पर संक्षिप्त समय के लिए गोलीबारी हुई थी, जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया। हालाँकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी जंतर-मंतर पर वायरल हो रही पुलिसकर्मी की मौत की खबर से किसी भी प्रकार संबंधित नहीं है।
नागरिकों से अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। पुलिस के अनुसार, अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएँ फैलाने से समाज में अफवाहों का माहौल बनता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
क्या होगा आगे
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस फर्जी खबर के मूल स्रोत की पहचान की जाएगी और जिम्मेदार व्यक्ति या प्लेटफॉर्म के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा सकती है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों की गंभीर समस्या को रेखांकित करती है।