खड़गे के विवादित बयान पर कुशवाहा की माँग: PM मोदी पर टिप्पणी के लिए दर्ज हो मुकदमा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने 26 अक्टूबर 2026 को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए कथित विवादित बयान की कड़ी निंदा की। कुशवाहा ने स्पष्ट माँग की कि इस तरह की भाषा के लिए खड़गे के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
कुशवाहा की मुख्य आपत्ति
पटना में पत्रकारों से बातचीत में उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे अब 84 वर्ष के हो चुके हैं और उम्र के इस पड़ाव पर इस तरह की भाषा का उपयोग उचित नहीं है। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राजनीति में सड़क छाप भाषा का उपयोग स्वीकार्य नहीं।'
कुशवाहा ने यह भी जोड़ा कि खड़गे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और प्रधानमंत्री के विरुद्ध की गई अशोभनीय टिप्पणी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान के लिए खड़गे पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
'वोट चोरी' वाले बयान पर पलटवार
विपक्ष के 'वोट चोरी से सरकार बनने' संबंधी बयान पर कुशवाहा ने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी के 25 विधायक हैं — यदि वोट चोरी होती है, तो क्या वे भी उसी प्रक्रिया से चुने गए? कुशवाहा ने सुझाव दिया कि इस तरह का बयान देने से पहले तेजस्वी को अपने विधायकों से त्यागपत्र लेकर देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ चुनाव जीतने पर प्रक्रिया सही मानी जाती है, लेकिन हार पर आरोप लगाए जाते हैं। कुशवाहा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'इन सब बातों पर हमें हंसी आती है।'
विधायक अनंत सिंह के निष्कासन का बचाव
जदयू विधायक अनंत सिंह के पार्टी से निष्कासन पर कुशवाहा ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों के विरुद्ध काम कर रहे थे। कुशवाहा के अनुसार, अनंत सिंह एमएलसी चुनाव में पार्टी के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे थे और विरोधी दल के उम्मीदवारों के नामांकन तथा अन्य कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासन पर चलती है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संस्कारों के अनुरूप पार्टी में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
2025 विधानसभा चुनाव और विपक्ष के आरोपों का ज़िक्र
कुशवाहा ने याद दिलाया कि 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष ने दावा किया था कि जदयू कुछ सीटों पर सिमट जाएगी, लेकिन जनता ने यह साबित कर दिया कि बिहार में नीतीश कुमार का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाने वालों को जनता ने चुनावों में सबक सिखाया है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में एनडीए और महागठबंधन के बीच वाकयुद्ध तेज़ हो रहा है और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर बयानबाज़ी का सिलसिला जारी है।