21 अगस्त 2026
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पुर्तगाल में सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर ₹3.35 लाख तक जुर्माना

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पुर्तगाल में सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर ₹3.35 लाख तक जुर्माना

सारांश

फ्रांस के डेढ़ दशक बाद पुर्तगाल ने सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लागू किया। धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी के विधेयक को संसद की मंजूरी मिली, राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए। उल्लंघन पर ₹3.35 लाख तक जुर्माना। कानूनी संस्थाओं ने असंवैधानिकता की आशंका जताई है।

मुख्य बातें

पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने 21 अगस्त 2026 को सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लागू किया।
उल्लंघन पर 150 यूरो से 3,000 यूरो (लगभग ₹17,000 से ₹3.35 लाख ) तक जुर्माने का प्रावधान।
विधेयक धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी द्वारा लाया गया; जुलाई में संसद ने दक्षिणपंथी गठबंधन के समर्थन से पारित किया।
स्वास्थ्य, पेशेवर, कलात्मक, मौसम संबंधी कारणों और धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध से छूट ।
पुर्तगाली बार एसोसिएशन और अन्य कानूनी संस्थाओं ने असंवैधानिकता की आशंका जताई।
फ्रांस ने यही कानून 2010 में पास कर अप्रैल 2011 से लागू किया था।

पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने 21 अगस्त 2026 को सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को लागू कर दिया। इस कानून का उल्लंघन करने पर 150 यूरो से 3,000 यूरो (लगभग ₹17,000 से ₹3.35 लाख) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम फ्रांस के बाद यूरोप में इस तरह का प्रतिबंध लागू करने वाला एक और बड़ा उदाहरण बन गया है।

कानून में क्या है

यह कानून सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा छिपाने या पहचान रोकने के उद्देश्य से पहने जाने वाले किसी भी कपड़े पर प्रतिबंध लगाता है। यह प्रतिबंध लिंग, धर्म, आयु या मूल — किसी भी कारण से चेहरा ढकने पर लागू होता है।

हालाँकि, कानून में कुछ अपवाद भी रखे गए हैं। स्वास्थ्य, पेशेवर, कलात्मक या मौसम संबंधी कारणों से चेहरा ढकने की अनुमति होगी। इसके अलावा धार्मिक स्थलों, राजनयिक मिशनों और विमानों में भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

संसद में कैसे पास हुआ विधेयक

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विधेयक धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी द्वारा लाया गया था और जुलाई में पुर्तगाल की संसद ने इसे सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी गठबंधन तथा धुर-दक्षिणपंथी दलों के समर्थन से मंजूरी दी। सेंटर-राइट की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (PSD) ने भी इसका समर्थन किया।

वहीं, वामपंथी दलों ने इसके विरुद्ध मतदान किया। राष्ट्रपति सेगुरो ने विधेयक पर हस्ताक्षर करते हुए मंगलवार देर रात एक बयान में कहा, 'चेहरे को मानव पहचान और संचार का एक केंद्रीय तत्व माना जाना चाहिए।'

विरोध और कानूनी आशंकाएँ

इस कानून को लेकर व्यापक विरोध भी सामने आया है। पुर्तगाली बार एसोसिएशन, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस की हाई काउंसिल और पुर्तगाली महिला वकीलों के एसोसिएशन ने इस पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसके असंवैधानिक होने की आशंका जताई है।

सेंटर-लेफ्ट की सोशलिस्ट पार्टी (PS), ग्रीन-लेफ्ट की लिवरे और पुर्तगाली कम्युनिस्ट पार्टी (PCP) ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि इससे इस्लामोफोबिया को बढ़ावा मिल सकता है।

PS ने कहा कि 'विधेयक के व्याख्यात्मक ज्ञापन में इस्लामोफोबिक उद्देश्य स्पष्ट था, जिस कट्टरपंथी माहौल में हम रह रहे हैं और इससे सीधे तौर पर निशाना बनाए जा रहे समुदायों के लिए जो जोखिम पैदा हो रहे हैं, वह निंदनीय है।' PCP ने तर्क दिया कि इस प्रस्ताव का महिला अधिकारों या सुरक्षा से कोई संबंध नहीं, बल्कि इसका मकसद नस्लवादी और जेनोफोबिक सोच को बल देना है।

फ्रांस से तुलना

गौरतलब है कि फ्रांस ने 2010 में संसद से इसी तरह का कानून पास किया था, जो अप्रैल 2011 से पूरे देश में प्रभावी हुआ। पुर्तगाल का यह कदम यूरोप में इस प्रवृत्ति को और मजबूत करता है, जहाँ सार्वजनिक पहचान और धार्मिक परिधान के बीच तनाव एक बड़ी राजनीतिक बहस बन चुका है।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह के कानून मुस्लिम महिलाओं को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं, हालाँकि कानून का पाठ धर्म-तटस्थ भाषा में लिखा गया है। आने वाले दिनों में इस कानून को संवैधानिक न्यायालय में चुनौती दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी उत्पत्ति — धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी का विधेयक — और इसे लेकर की गई राजनीतिक बहस यह छिपाती नहीं कि निशाना कौन है। जब देश की खुद की बार एसोसिएशन और अभियोजन परिषद असंवैधानिकता की चेतावनी दे रहे हों, तो सरकार का इसे लागू करना न्यायिक जोखिम को जानबूझकर स्वीकारना है। यूरोप में यह प्रवृत्ति बढ़ रही है — फ्रांस से शुरू होकर अब पुर्तगाल तक — और हर बार 'सुरक्षा' या 'पहचान' की आड़ में अल्पसंख्यक महिलाओं की स्वायत्तता पर सवाल उठाया जाता है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह कानून संवैधानिक न्यायालय की समीक्षा झेल पाएगा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुर्तगाल में चेहरा ढकने पर प्रतिबंध का कानून क्या है?
पुर्तगाल ने 21 अगस्त 2026 को सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया, जिसमें उल्लंघन पर 150 यूरो से 3,000 यूरो (लगभग ₹17,000 से ₹3.35 लाख) तक जुर्माने का प्रावधान है। यह कानून लिंग, धर्म, आयु या मूल — किसी भी कारण से सार्वजनिक स्थल पर चेहरा छिपाने पर लागू होता है।
पुर्तगाल के इस कानून में किन्हें छूट दी गई है?
स्वास्थ्य, पेशेवर, कलात्मक या मौसम संबंधी कारणों से चेहरा ढकने की अनुमति है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों, राजनयिक मिशनों और विमानों में यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
यह कानून किसने लाया और संसद में कैसे पास हुआ?
यह विधेयक धुर-दक्षिणपंथी चेगा पार्टी द्वारा लाया गया था और जुलाई में पुर्तगाली संसद ने सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी गठबंधन तथा धुर-दक्षिणपंथी दलों के समर्थन से इसे मंजूरी दी। वामपंथी दलों ने इसके विरुद्ध मतदान किया।
इस कानून का विरोध क्यों हो रहा है?
पुर्तगाली बार एसोसिएशन, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस की हाई काउंसिल और महिला वकीलों के एसोसिएशन ने इसके असंवैधानिक होने की आशंका जताई है। सोशलिस्ट पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि यह कानून इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देता है और मुस्लिम समुदाय को सीधे निशाना बनाता है।
फ्रांस ने इसी तरह का कानून कब लागू किया था?
फ्रांस ने 2010 में संसद से यह कानून पास किया और अप्रैल 2011 से इसे पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया। पुर्तगाल फ्रांस के बाद यूरोप में इस तरह का प्रतिबंध लागू करने वाला प्रमुख देश बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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