19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राघव चड्ढा अमृतसर के ज्ञानी टी स्टॉल पहुँचे, चाय की चुस्कियों के बीच पंजाब की राजनीति पर चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राघव चड्ढा अमृतसर के ज्ञानी टी स्टॉल पहुँचे, चाय की चुस्कियों के बीच पंजाब की राजनीति पर चर्चा

सारांश

BJP सांसद राघव चड्ढा की अमृतसर यात्रा महज एक चाय की चुस्की नहीं थी — यह पंजाब में भाजपा की जमीनी रणनीति का हिस्सा है। 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के बाद ज्ञानी टी स्टॉल पर यह अनौपचारिक राजनीतिक संवाद दर्शाता है कि भाजपा AAP को नशे के मुद्दे पर सीधे घेरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

राघव चड्ढा 19 सितंबर 2026 को देर रात अमृतसर के ज्ञानी टी स्टॉल पर पहुँचे और स्थानीय लोगों से पंजाब की राजनीति पर चर्चा की।
चड्ढा ने एक्स पर अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए कहा — 'नशे में नाश है, चाय में विश्वास है।' इससे एक दिन पहले पठानकोट में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को हरी झंडी दिखाई गई।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार के साढ़े चार साल में 'चिट्टा' जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई बेरोकटोक बढ़ी है।
अभियान का उद्देश्य ड्रग्स की समस्या को उजागर कर पंजाब में जनमत तैयार करना है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा देर रात अमृतसर के प्रसिद्ध ज्ञानी टी स्टॉल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने पारंपरिक अमृतसरी चाय का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर देर रात तक विचार-विमर्श किया। 19 सितंबर 2026 को हुई इस अनौपचारिक मुलाकात की तस्वीरें चड्ढा ने सोशल मीडिया पर साझा कीं।

ज्ञानी टी स्टॉल और उसकी पहचान

ज्ञानी टी स्टॉल अमृतसर का एक जाना-माना अड्डा है, जो अपनी पारंपरिक चाय के लिए शहर में विशेष स्थान रखता है। यह स्थल सोशल मीडिया पर भी खासी लोकप्रियता हासिल कर चुका है और पर्यटकों के बीच स्थानीय खान-पान और चाय संस्कृति को जानने की चाहत रखने वालों के लिए एक पसंदीदा ठिकाना बन गया है।

चड्ढा की इस यात्रा ने एक बार फिर इस चाय के ठेले को राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया।

चड्ढा का बयान और चाय पर टिप्पणी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए चड्ढा ने लिखा, 'दिन भर के काम निपटाने के बाद, मैं अमृतसर के मशहूर ज्ञानी टी स्टॉल पहुँचा। चाय की चुस्कियों के बीच, वहाँ मौजूद लोगों के साथ पंजाब की राजनीति पर देर रात तक चर्चा होती रही।'

उन्होंने नशे और चाय की तुलना करते हुए एक सार्थक टिप्पणी भी की: 'नशे में नाश है, चाय में विश्वास है। कुछ लोगों में भ्रम है, लेकिन चाय में दम है।' यह टिप्पणी भाजपा के नशा-विरोधी अभियान के संदर्भ में भी प्रासंगिक मानी जा रही है।

नशा मुक्त पंजाब यात्रा को हरी झंडी

अमृतसर दौरे से एक दिन पहले, शुक्रवार को पठानकोट में, चड्ढा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मिलकर 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान का मूल उद्देश्य पंजाब में फैली ड्रग्स की समस्या को उजागर करना और प्रभावित परिवारों की पीड़ा को जन-जन तक पहुँचाना है।

चड्ढा ने बताया कि उन्होंने ड्रग्स के दुष्प्रभाव से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की और उनकी दर्दनाक कहानियाँ सुनीं। उनके अनुसार, 'ड्रग्स सिर्फ जिंदगी ही बर्बाद नहीं करते, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देते हैं।'

AAP सरकार पर सीधा निशाना

चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार ने सत्ता में आने से पहले ड्रग्स की समस्या को जड़ से खत्म करने का वादा किया था, परंतु कथित तौर पर वह उस वादे को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह समस्या और गहरी हो गई है।

सांसद के मुताबिक, 'चिट्टा' जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की सप्लाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और राज्य में यह बेरोकटोक जारी है। यह आरोप भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी पंजाब में AAP सरकार को ड्रग्स के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रही है।

आगे की राह

'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के माध्यम से भाजपा पंजाब में जनमत तैयार करने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। चड्ढा की अमृतसर यात्रा और इस तरह की जन-संपर्क पहलें यह दर्शाती हैं कि भाजपा पंजाब में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे भाजपा की सुनियोजित पंजाब रणनीति साफ दिखती है — 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' और जन-संपर्क अभियान के ज़रिए AAP को उसी मुद्दे पर घेरना, जिस पर वह 2022 में सत्ता में आई थी। सवाल यह है कि क्या चड्ढा जैसे राज्यसभा सांसद, जो दिल्ली की राजनीति से पंजाब में उतरे हैं, स्थानीय जनता से वास्तविक जुड़ाव बना पाएँगे या यह महज फोटो-ऑप तक सीमित रहेगा। ड्रग्स पंजाब की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है, लेकिन इसे विपक्षी राजनीति का औज़ार बनाना उस पीड़ा की गहराई को कितना न्याय देता है — यह सवाल मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राघव चड्ढा ज्ञानी टी स्टॉल पर क्यों गए?
BJP राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा 19 सितंबर 2026 को अमृतसर दौरे के दौरान देर रात ज्ञानी टी स्टॉल पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने पारंपरिक चाय का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। यह दौरा 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' अभियान के तहत उनकी पंजाब यात्रा का हिस्सा था।
नशा मुक्त पंजाब यात्रा क्या है?
'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' भाजपा का एक अभियान है, जिसे पठानकोट में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राघव चड्ढा ने मिलकर हरी झंडी दिखाई। इसका उद्देश्य पंजाब में ड्रग्स की समस्या की व्यापकता को उजागर करना और प्रभावित परिवारों की आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाना है।
राघव चड्ढा ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने ड्रग्स खत्म करने का वादा किया था, लेकिन कथित तौर पर पिछले साढ़े चार वर्षों में यह समस्या और बढ़ी है। उनके मुताबिक 'चिट्टा' जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की सप्लाई राज्य में बेरोकटोक जारी है।
ज्ञानी टी स्टॉल अमृतसर में क्यों मशहूर है?
ज्ञानी टी स्टॉल अमृतसर की पारंपरिक चाय के लिए शहर में विशेष पहचान रखता है। यह सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय हो चुका है और स्थानीय खान-पान संस्कृति का अनुभव लेने आए पर्यटकों के बीच एक जाना-माना ठिकाना बन गया है।
राघव चड्ढा ने एक्स पर क्या लिखा?
चड्ढा ने एक्स पर यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि दिन भर के काम के बाद वे ज्ञानी टी स्टॉल पहुँचे और वहाँ पंजाब की राजनीति पर देर रात चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा — 'नशे में नाश है, चाय में विश्वास है।'
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले