13 अगस्त 2026
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रघुवर दास के छात्र आंदोलन में शामिल होने की घोषणा पर कांग्रेस का पलटवार: 'पश्चाताप के लिए करें अनशन'

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रघुवर दास के छात्र आंदोलन में शामिल होने की घोषणा पर कांग्रेस का पलटवार: 'पश्चाताप के लिए करें अनशन'

सारांश

रांची में 20 दिनों से जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया है। रघुवर दास के अनशन की धमकी पर कांग्रेस ने उनके ही कार्यकाल का आईना दिखाया — 2014-2019 में एक भी जेसीएसपी परीक्षा नहीं हुई। असली सवाल यह है कि छात्रों की सीबीआई जाँच की माँग पर सरकार कब जवाब देगी।

मुख्य बातें

रांची में जेपीएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई जाँच की माँग को लेकर छात्र पिछले 20 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा — माँगें न मानी गईं तो एक सप्ताह बाद भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन करेंगे।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा — दास ने 2014-2019 के अपने कार्यकाल में एक भी जेसीएसपी परीक्षा नहीं कराई।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दास पर भ्रष्टाचार के आरोप और पेपर लीक का हवाला देते हुए उनकी 'साख' पर सवाल उठाए।
भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट की सूचना है।

रांची में जारी छात्र आंदोलन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के शामिल होने की घोषणा के बाद 13 अगस्त 2026 को राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज हो गया। कांग्रेस और निर्दलीय सांसदों ने दास पर सीधा हमला बोलते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।

कांग्रेस सांसद का तीखा हमला

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने रघुवर दास की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'इतना जो छात्रों के प्रति प्रेम दिखा रहे हैं — मैं आपको बता दूं कि 2014 से 2019 तक रघुवर दास राज्य के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इन पाँच सालों में एक भी जेसीएसपी परीक्षा नहीं कराई। इसलिए पहले उसका जवाब दें कि उनके अपने कार्यकाल में परीक्षा न कराने के लिए कौन जिम्मेदार है?'

भगत ने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि भूख हड़ताल करनी चाहिए, लेकिन वह अपने पश्चाताप के लिए करनी चाहिए।' यह बयान सीधे तौर पर दास की उस घोषणा पर था जिसमें उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन शुरू करने की बात कही थी।

पप्पू यादव का भी निशाना

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी रघुवर दास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोला। उन्होंने कहा, 'रघुवर दास और भाजपा का अब कोई भविष्य नहीं बचा है। उन पर और उनके नेताओं पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।' यादव ने यह भी कहा कि दास को पहले भाजपा के भीतर ही विरोध-प्रदर्शन करना चाहिए और झारखंड की जनता से हुई 'लूट' का जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दास की सरकार के कार्यकाल में कई पेपर लीक हुए।

रघुवर दास की घोषणा क्या थी

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गुरुवार को रांची में आंदोलनरत छात्रों से मिलने पहुँचे थे। इस मुलाकात में उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की माँगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो वह स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह एक सप्ताह बाद भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन शुरू करेंगे।

छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि

जेपीएसएससी समेत अन्य परीक्षाओं की सीबीआई जाँच कराने की माँग को लेकर रांची में छात्र पिछले 20 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट की सूचना है। यह आंदोलन ऐसे समय में और तेज हुआ है जब झारखंड में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

आगे क्या

रघुवर दास ने एक सप्ताह का समय-सीमा दी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। छात्रों की सेहत को देखते हुए प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तथ्यात्मक दृष्टि से असहज करने वाला भी — क्योंकि 2014-2019 के उनके कार्यकाल में जेसीएसपी परीक्षाएँ न होना एक दर्ज तथ्य है। विपक्ष का यह पलटवार केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जवाबदेही की माँग भी है। असली चिंता यह है कि 20 दिन से जारी आंदोलन और बिगड़ती छात्रों की सेहत के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है — और इस राजनीतिक बयानबाजी में छात्रों की मूल माँग — सीबीआई जाँच — दब न जाए, यह देखना ज़रूरी है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्र किस माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं?
छात्र जेपीएसएससी समेत अन्य परीक्षाओं की सीबीआई जाँच कराने की माँग को लेकर पिछले 20 दिनों से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं और उनके स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है।
रघुवर दास ने क्या घोषणा की है?
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची में आंदोलनरत छात्रों से मिलकर कहा कि यदि उनकी माँगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो वह स्वयं आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर अनशन शुरू करने की बात भी कही।
कांग्रेस ने रघुवर दास की घोषणा पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि 2014-2019 के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में दास ने एक भी जेसीएसपी परीक्षा नहीं कराई, इसलिए पहले उसका जवाब दें। भगत ने व्यंग्य में कहा कि भूख हड़ताल करनी चाहिए, लेकिन 'अपने पश्चाताप के लिए।'
पप्पू यादव ने रघुवर दास पर क्या आरोप लगाए?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि रघुवर दास और भाजपा पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं और दास की सरकार के समय कई पेपर लीक हुए। उन्होंने दास से पहले झारखंड की जनता से हुई 'लूट' का जवाब देने को कहा।
जेपीएसएससी विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से असंतुष्ट हैं। छात्रों की माँग है कि इन परीक्षाओं की निष्पक्ष जाँच सीबीआई से कराई जाए।
राष्ट्र प्रेस
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