24 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संसद में चर्चा नहीं — राहुल गांधी का माइक बंद करने का आरोप

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक संसद में चर्चा नहीं — राहुल गांधी का माइक बंद करने का आरोप

सारांश

मॉनसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव चरम पर है। राहुल गांधी का माइक बंद करने का आरोप, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अनिवार्य शर्त और 12 वर्षों में 150 से अधिक पेपर लीक का दावा — नीट विवाद अब सीधे संसदीय कार्यवाही को ठप कर रहा है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 24 जुलाई को संसद में किरेन रिजिजू के बयान का जवाब देते समय उनका माइक बंद कर दिया गया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक मॉनसून सत्र में किसी चर्चा में भाग नहीं लिया जाएगा।
विपक्ष की तीन मांगें: प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर कथित हिंसा के जिम्मेदारों पर कार्रवाई, और PM मोदी द्वारा सार्वजनिक माफी।
सांसद हिबी ईडन का दावा — पिछले 12 वर्षों में 150 से अधिक बार विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक हुए।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि PM का फास्ट-ट्रैक कोर्ट का सुझाव छात्रों या विपक्ष की मांग नहीं था।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 जुलाई को आरोप लगाया कि संसद में उनका माइक बंद कर उन्हें बोलने से रोका गया, जब वे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान का जवाब देना चाहते थे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया जाता, विपक्ष मॉनसून सत्र में किसी भी चर्चा में भाग नहीं लेगा।

विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें

राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए छात्रों की तीन मांगें गिनाईं। पहली — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। दूसरी — छात्रों पर कथित कार्रवाई और हिंसा के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। तीसरी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार यदि किसी सदस्य का नाम लिया जाए तो उसे जवाब देने का अधिकार होता है, परंतु उन्हें यह अधिकार नहीं दिया गया।

नीट पेपर लीक पर जवाबदेही की मांग

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि विपक्ष नीट पेपर लीक मामले पर गंभीर बहस और ठोस जवाबदेही चाहता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा संपन्न होने तक पेपर लीक रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट केवल भवन नहीं होते — उनके लिए न्यायाधीश, कोर्ट मास्टर और अन्य स्टाफ की भी आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर सवाल

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग न छात्रों ने उठाई थी, न विपक्ष ने। उनके अनुसार सरकार उन मुद्दों पर बात कर रही है जिनकी मांग ही नहीं थी, जबकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई जैसी वास्तविक मांगों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया।

कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि नीट सहित अन्य परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और छात्रों के विरुद्ध कथित हिंसा की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सभी राजनीतिक दलों, छात्रों और सांसदों की यही राय है कि जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पिछले १२ वर्षों में १५० से अधिक पेपर लीक का दावा

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने प्रधानमंत्री से संसद में उपस्थित होकर विस्तृत बयान देने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में 150 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जांच समिति बनाने का सुझाव पहले भी दिया जा चुका है, परंतु उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

यह गतिरोध ऐसे समय में गहरा हो रहा है जब मॉनसून सत्र में नीट विवाद पर सार्थक संसदीय बहस की उम्मीद थी। देश के छात्र, अभिभावक और नागरिक समाज इस मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे नीट विवाद पर वह विस्तृत जांच भी रुक जाती है जिसकी असली जरूरत छात्रों को है। माइक बंद करने का आरोप गंभीर है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित होना चाहिए — संसदीय परंपराओं की रक्षा दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि 150 से अधिक पेपर लीक का दावा अगर सही है, तो यह किसी एक मंत्री की विफलता नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली की संरचनागत खामी है — जिस पर राजनीतिक गतिरोध से परे ठोस संसदीय बहस जरूरी है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने माइक बंद करने का आरोप क्यों लगाया?
राहुल गांधी के अनुसार जब वे संसद में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान का जवाब देना चाहते थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। संसदीय परंपरा के अनुसार यदि किसी सदस्य का नाम लिया जाए तो उसे जवाब देने का अधिकार होता है, जिसका कथित तौर पर उल्लंघन हुआ।
कांग्रेस ने मॉनसून सत्र में चर्चा से इनकार क्यों किया?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया जाता, विपक्ष किसी भी संसदीय चर्चा या बातचीत में भाग नहीं लेगा। पार्टी इसे नीट पेपर लीक विवाद में जवाबदेही की पूर्वशर्त मानती है।
विपक्ष की नीट विवाद पर क्या तीन मांगें हैं?
विपक्ष की तीन मांगें हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर कथित हिंसा और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से सार्वजनिक माफी।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट के सुझाव पर विपक्ष ने आपत्ति क्यों जताई?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग न छात्रों ने की थी, न विपक्ष ने। उनके अनुसार प्रधानमंत्री उन मुद्दों पर बात कर रहे हैं जिनकी मांग ही नहीं थी, जबकि असली मांगों पर सरकार चुप है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने यह भी जोड़ा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए न्यायाधीश, स्टाफ और बुनियादी ढांचे की भी जरूरत होती है।
पिछले 12 वर्षों में कितनी बार पेपर लीक हुए हैं?
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में 150 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जांच समिति बनाने का सुझाव पहले भी दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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