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रेलवे पेपर लीक: सीबीआई ने बेंगलुरु से दो मुख्य आरोपी किए गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत मंजूर

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रेलवे पेपर लीक: सीबीआई ने बेंगलुरु से दो मुख्य आरोपी किए गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत मंजूर

सारांश

साउथ वेस्टर्न रेलवे के GDCE-2022 पेपर लीक रैकेट में CBI ने बेंगलुरु से दो मुख्य सूत्रधारों को दबोचा। मामले में पहले से 23 आरोपी, अब फोरेंसिक जाँच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद।

मुख्य बातें

CBI ने 3 जुलाई 2026 को बेंगलुरु से साउथ वेस्टर्न रेलवे GDCE-2022 पेपर लीक मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अदालत ने 4 जुलाई को दोनों आरोपियों को 4 दिन की CBI हिरासत में भेजा।
इस मामले में पहले से 23 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और रिश्वत की धाराओं में FIR दर्ज है।
छापेमारी में स्कैनर, प्रिंटर , परीक्षा रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों का विवरण बरामद; फोरेंसिक जाँच जारी।
CBI का दावा — दोनों आरोपी रैकेट के मुख्य सूत्रधार थे और संगठित तरीके से भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे थे।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 3 जुलाई 2026 को बेंगलुरु से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर साउथ वेस्टर्न रेलवे के 'गुड्स ट्रेन मैनेजर' पद के लिए आयोजित जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (GDCE)-2022 का प्रश्न पत्र लीक करने और परीक्षा से पूर्व चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुँचाने का आरोप है। CBI के अनुसार, दोनों आरोपी इस संगठित रैकेट के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं।

गिरफ्तारी और अदालती कार्रवाई

दोनों आरोपियों को 4 जुलाई को सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें चार दिन की CBI हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एजेंसी अब इन दोनों से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला साउथ वेस्टर्न रेलवे की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। CBI पहले ही इस प्रकरण में 23 आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। जाँच के दौरान गिरफ्तार किए गए इन दोनों व्यक्तियों को अतिरिक्त आरोपी के रूप में इस मामले में जोड़ा गया है।

छापेमारी में मिले अहम सबूत

CBI ने आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। जब्त सामग्री में स्कैनर, प्रिंटर और अन्य उपकरण शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर प्रश्न पत्र की प्रतियाँ तैयार करने और परीक्षा में धाँधली करने के लिए किया जाता था। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और कई अभ्यर्थियों का विवरण भी एजेंसी के हाथ लगा है।

साजिश की संरचना

CBI के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य दोनों आरोपियों को प्रश्न पत्र लीक करने और परीक्षा से पहले चुनिंदा उम्मीदवारों तक उसे पहुँचाने की साजिश से सीधे जोड़ते हैं। एजेंसी का दावा है कि दोनों संगठित तरीके से भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को अंजाम दे रहे थे। गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक चिंता की पृष्ठभूमि में आया है, जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे की जाँच

CBI अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्न पत्र लीक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे, किन अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुँचाया गया और इसके बदले कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जाँच भी कराई जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को बार-बार निशाना बनाती है। CBI की गिरफ्तारी स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न पत्र पहुँचाने की आंतरिक प्रक्रिया में सेंध कैसे लगी और रेलवे की आंतरिक निगरानी इसे रोकने में क्यों विफल रही। 23 आरोपियों वाला यह मामला बताता है कि यह कोई व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र था — और जब तक भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा-श्रृंखला की जवाबदेही तय नहीं होती, गिरफ्तारियाँ लक्षण का उपचार करती रहेंगी, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने रेलवे पेपर लीक मामले में किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
CBI ने 3 जुलाई 2026 को बेंगलुरु से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन पर साउथ वेस्टर्न रेलवे के GDCE-2022 का प्रश्न पत्र लीक करने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार, दोनों इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार हैं।
GDCE-2022 पेपर लीक मामला क्या है?
यह 'गुड्स ट्रेन मैनेजर' पद के लिए साउथ वेस्टर्न रेलवे द्वारा आयोजित जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (GDCE)-2022 के प्रश्न पत्र को लीक करने और परीक्षा से पहले चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुँचाने से जुड़ा मामला है। साउथ वेस्टर्न रेलवे की शिकायत पर CBI ने जाँच शुरू की थी।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी हैं और उन पर क्या धाराएँ लगाई गई हैं?
इस मामले में अब तक कुल 25 आरोपी हो गए हैं — पहले से 23 के खिलाफ FIR दर्ज थी, अब दो नए गिरफ्तार आरोपियों को भी जोड़ा गया है। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
छापेमारी में CBI को क्या मिला?
CBI को आरोपियों के ठिकानों से स्कैनर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर प्रश्न पत्र की प्रतियाँ तैयार करने में हुआ। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और कई अभ्यर्थियों का विवरण भी बरामद किया गया है।
आगे जाँच में CBI क्या पता लगाने की कोशिश कर रही है?
CBI अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे, किन अभ्यर्थियों को लाभ पहुँचाया गया और इसके बदले कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ। बरामद उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जाँच भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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