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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: इमरान मसूद ने SIT जांच में पारदर्शिता की मांग की, योगी के बयान को भी नकारा

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राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: इमरान मसूद ने SIT जांच में पारदर्शिता की मांग की, योगी के बयान को भी नकारा

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT की भूमिका पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखे सवाल उठाए — जब FIR ट्रस्ट ने दर्ज कराई और आरोप भी ट्रस्ट पर हों, तो SIT की अलग FIR क्यों नहीं? साथ ही उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को जमीन पर साबित करने की चुनौती दी।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT जांच पर पारदर्शिता की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब FIR ट्रस्ट की ओर से दर्ज है और आरोप भी ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर हैं, तो SIT ने अलग FIR क्यों नहीं की।
योगी आदित्यनाथ के रामलीला-कांवड़ यात्रा पर रोक के दावे को मसूद ने नकारा; कहा — रामलीला सभी वर्गों की है।
धार भोजशाला मामले में 800 वर्षों की परंपरा समाप्त होने पर चिंता जताई, पर न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी से परहेज किया।
2024 में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 37 सीटें जीतीं; मसूद ने कहा गठबंधन जमीन पर दिखना चाहिए, सिर्फ बयानों में नहीं।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 15 जुलाई 2026 को राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चल रही SIT जांच पर गंभीर सवाल उठाए और जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (सपा)-कांग्रेस गठबंधन का अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व का अधिकार है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT पर सवाल

इमरान मसूद ने कहा कि इस प्रकरण में एफआईआर स्वयं ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई थी, जबकि चोरी के आरोप भी ट्रस्ट से जुड़े व्यक्तियों पर ही लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर आरोप गंभीर हैं तो SIT ने अब तक अलग से एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की।" उनके अनुसार, किसी भी संस्था से जुड़े मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और जांच में पारदर्शिता अनिवार्य है।

योगी के रामलीला-कांवड़ बयान पर प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जिन लोगों ने कभी रामलीला और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई, वे अब आस्था की बात कर रहे हैं। इस पर इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी रोक की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "रामलीला हमेशा समाज के सभी वर्गों के लिए रही है और इसके मंचन में कभी कलाकारों या दर्शकों को धर्म के आधार पर नहीं देखा गया।" उनके अनुसार धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

भोजशाला मामले पर संयमित रुख

धार भोजशाला विवाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने और उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखे जाने पर इमरान मसूद ने न्यायालय के फैसले पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि 800 वर्षों से चली आ रही एक परंपरा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने जोर दिया कि भारत में सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं और हर समुदाय की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर स्पष्टीकरण

गठबंधन को लेकर चल रही बयानबाजी पर इमरान मसूद ने कहा कि गठबंधन का अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को लेना है, न कि उन्हें। उन्होंने कहा, "अगर गठबंधन की बात हो रही है तो उसे जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए — केवल टीवी बहस और बयानों तक सीमित रहने वाले गठबंधन का कोई मतलब नहीं है।"

चुनावी आंकड़ों से दिया तर्क

इमरान मसूद ने सीट बंटवारे पर तर्क देते हुए बताया कि 2014 में सपा ने अकेले चुनाव लड़कर 5 सीटें जीती थीं। 2019 में सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद सीटों की संख्या 5 ही रही, जबकि 2024 में कांग्रेस-सपा गठबंधन ने मिलकर 37 सीटें हासिल कीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस को केवल 17 सीटें दी गई थीं, तो मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखने वालों को भी उसी तरह सहयोग और समझदारी दिखानी चाहिए। आगे की राजनीतिक दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों दल जमीनी स्तर पर किस हद तक एकजुट दिखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो SIT की स्वतंत्रता और उसकी FIR दर्ज न करने की चुप्पी स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा करती है। लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि विपक्ष राम मंदिर से जुड़े मामलों पर तब बोलता है जब जांच की दिशा सत्तापक्ष से जुड़े लोगों की ओर मुड़ती दिखती है। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर मसूद का 'जमीन पर दिखे' वाला बयान दरअसल अपने ही गठबंधन की आंतरिक खींचतान को उजागर करता है। 2024 की 37 सीटों की सफलता के बावजूद सीट बंटवारे की कड़वाहट अभी भी बनी हुई है, और यही कांग्रेस की उत्तर प्रदेश रणनीति की सबसे बड़ी अनसुलझी गाँठ है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT जांच पर इमरान मसूद ने क्या कहा?
इमरान मसूद ने कहा कि इस मामले में FIR ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई थी, जबकि चोरी के आरोप भी ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोप गंभीर हैं, तो SIT ने अब तक अलग FIR क्यों दर्ज नहीं की और जांच में पारदर्शिता की मांग की।
योगी आदित्यनाथ के रामलीला बयान पर इमरान मसूद की क्या प्रतिक्रिया रही?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने रामलीला और कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इमरान मसूद ने इसे नकारते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी रोक की जानकारी नहीं है और रामलीला हमेशा समाज के सभी वर्गों के लिए रही है।
भोजशाला मामले पर इमरान मसूद का क्या रुख है?
इमरान मसूद ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सीधी टिप्पणी से परहेज किया। हालांकि उन्होंने कहा कि 800 वर्षों से चली आ रही एक परंपरा समाप्त कर दी गई है और भारत में सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर इमरान मसूद ने क्या कहा?
इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व का अधिकार है। उन्होंने कहा कि गठबंधन केवल टीवी बहस और बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर भी दिखना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन के चुनावी आंकड़े क्या रहे हैं?
इमरान मसूद के अनुसार 2014 में सपा ने अकेले 5 सीटें जीतीं, 2019 में सपा-बसपा गठबंधन में भी 5 सीटें रहीं, लेकिन 2024 में कांग्रेस-सपा गठबंधन ने मिलकर 37 सीटें हासिल कीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस को केवल 17 सीटें दी गई थीं, तो मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा रखने वालों को भी उसी अनुपात में सहयोग दिखाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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