7 अगस्त 2026
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रांची में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही हमला, जेपीएससी-जेएसएससी मार्च के दौरान बवाल

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रांची में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही हमला, जेपीएससी-जेएसएससी मार्च के दौरान बवाल

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी सुधारों की माँग को लेकर निकले छात्र मार्च के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर काली स्याही फेंकी गई। हमलावर युवक को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया। आइसा ने RSS-BJP पर आरोप लगाए, जबकि स्थानीय अभ्यर्थियों ने आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से इनकार किया।

मुख्य बातें

आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर 7 अगस्त 2026 को रांची के बिरसा चौक पर काली स्याही फेंकी गई।
घटना जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के विरोध में निकाले गए वाम छात्र मार्च के दौरान हुई।
आरोपी युवक को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया; उसने पूछताछ में नेहा बोरा को 'राष्ट्रविरोधी' बताने का दावा किया।
आइसा नेताओं ने हमले के पीछे RSS और BJP से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया।
नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर स्याही-सनी तस्वीर साझा कर कहा — 'इसे गर्व से धारण करती हूँ।' घटना के बाद विधानसभा क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

रांची के बिरसा चौक पर 7 अगस्त 2026 को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर भीड़ में मौजूद एक युवक ने काली स्याही फेंक दी। यह घटना जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और सुधारों की मांग को लेकर वाम छात्र संगठनों द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान हुई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में शामिल एक युवक ने 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए नेहा बोरा पर स्याही फेंकी। उस समय बिरसा चौक पर हजारों की संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा और तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मौके पर तैनात पुलिस बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।

आरोपी का दावा

पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि वह नेहा बोरा को 'राष्ट्रविरोधी' और उमर खालिद का समर्थक मानता है, और इसी विरोध में उसने यह कदम उठाया। पुलिस इस दावे की जाँच कर रही है और मामले की विस्तृत पड़ताल जारी है।

आइसा का पलटवार

आइसा के नेताओं ने इस हमले के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया है। हालाँकि, प्रदर्शन में शामिल कुछ स्थानीय अभ्यर्थियों ने कहा कि वे नहीं चाहते कि कोई बाहरी संगठन या राजनीतिक दल उनके स्वतंत्र छात्र आंदोलन को प्रभावित करे।

नेहा बोरा की प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर अपनी स्याही से सनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे इस स्याही को गर्व के साथ धारण करती हैं। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पुलिस लाठीचार्ज और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों का सामना कर चुकी हैं, इसलिए ऐसी हरकतों से उनके हौसले और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को कमज़ोर नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा व्यवस्था और आगे की स्थिति

घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए विधानसभा क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आंदोलनकारी छात्र जेपीएससी और जेएसएससी सुधारों की अपनी मूल माँगों पर डटे हुए हैं, और यह घटना झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा सुधारों को लेकर जारी तनाव को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो स्थानीय अभ्यर्थियों की यह चिंता भी उतनी ही वैध है कि उनकी माँगें राजनीतिक एजेंडे में न दब जाएँ। आरोपी का 'राष्ट्रविरोधी' वाला बयान और आइसा का RSS-BJP पर पलटवार — दोनों ही इस आंदोलन को परीक्षा सुधार से हटाकर पहचान की राजनीति की ओर धकेलने का जोखिम पैदा करते हैं, जिसका सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों अभ्यर्थियों को होगा जो सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही हमला क्यों हुआ?
7 अगस्त 2026 को रांची के बिरसा चौक पर जेपीएससी-जेएसएससी सुधारों की माँग को लेकर निकले वाम छात्र मार्च के दौरान एक युवक ने 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर काली स्याही फेंकी। हिरासत में लिए गए आरोपी ने दावा किया कि वह नेहा बोरा को 'राष्ट्रविरोधी' मानता है।
आरोपी युवक को पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मौके पर तैनात पुलिस बलों ने तत्काल आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रशासन उससे पूछताछ कर मामले की विस्तृत जाँच कर रहा है।
जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन किस माँग को लेकर है?
झारखंड में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और व्यापक सुधारों की माँग को लेकर वाम छात्र संगठन यह आंदोलन चला रहे हैं। हजारों अभ्यर्थी निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया की माँग पर डटे हुए हैं।
नेहा बोरा ने स्याही हमले पर क्या कहा?
नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर अपनी स्याही-सनी तस्वीर साझा करते हुए कहा कि वे इस स्याही को गर्व के साथ धारण करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी पुलिस लाठीचार्ज और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों का सामना कर चुकी हैं, इसलिए ऐसी हरकतें उनके हौसले को कमज़ोर नहीं कर सकतीं।
आइसा ने हमले के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया है?
आइसा के नेताओं ने इस हमले के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोगों का हाथ होने का सीधा आरोप लगाया है। हालाँकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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