25 जुलाई 2026
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रियासी पुलिस की उद्घोषणा कार्रवाई: वांटेड आतंकी हैंडलर मोहम्मद कासिम को 21 अगस्त तक अदालत में पेश होने का आदेश

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रियासी पुलिस की उद्घोषणा कार्रवाई: वांटेड आतंकी हैंडलर मोहम्मद कासिम को 21 अगस्त तक अदालत में पेश होने का आदेश

सारांश

रियासी पुलिस ने कटरा-नरवाल विस्फोट मामलों के वांटेड हैंडलर मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान के खिलाफ अदालती उद्घोषणा जारी की है। कथित तौर पर पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क चला रहे इस आरोपी को 21 अगस्त 2026 तक पेश होने का आदेश दिया गया है — वरना BNSS धारा 85 के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

रियासी पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को वांटेड आतंकी हैंडलर मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान के खिलाफ BNSS धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की।
आरोपी 2022-23 के कटरा और नरवाल विस्फोट मामलों सहित कई मामलों में वांछित है; एफआईआर में UAPA की धाराएं 13, 17, 18, 20, 38 व 39 लागू।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान में है और वहीं से आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है।
अदालत ने आरोपी को 21 अगस्त 2026 तक नामित न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है।
समय-सीमा में पेश न होने पर BNSS धारा 85 के तहत संपत्ति कुर्की सहित आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
उद्घोषणा कार्रवाई एसडीपीओ महोरे पारुल भारद्वाज (JKPS) के नेतृत्व में अंग्रल्ला गांव में संपन्न हुई।

जम्मू-कश्मीर के रियासी में आतंकवाद-रोधी अभियान को नई धार देते हुए रियासी पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को सीमा पार से आतंकी नेटवर्क संचालित करने वाले वांटेड हैंडलर मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान के खिलाफ औपचारिक उद्घोषणा की कार्रवाई की। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम के तहत नामित न्यायालय — जम्मू के तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश — के आदेश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के अंतर्गत की गई।

आरोपी की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान, मोहम्मद शफी का पुत्र है और महोरे क्षेत्र के अंग्रल्ला गांव का मूल निवासी है। वह वर्ष 2022-23 के चर्चित कटरा और नरवाल विस्फोट मामलों सहित कई गंभीर मामलों में वांछित है। उसके विरुद्ध पुलिस थाना महोरे में दर्ज एफआईआर में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं 13, 17, 18, 20, 38 और 39 लागू की गई हैं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी कथित तौर पर अवैध रूप से पाकिस्तान भाग चुका है और वहीं से आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू संभाग में सीमा पार आतंकवाद से जुड़े मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

उद्घोषणा की प्रक्रिया

उद्घोषणा की यह कार्रवाई एसडीपीओ महोरे पारुल भारद्वाज (JKPS) के नेतृत्व में संपन्न हुई। पुलिस दल अंग्रल्ला गांव पहुंचा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में आरोपी के घर पर न्यायालय के आदेश को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया। परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों को अदालत के निर्देशों से विधिवत अवगत कराया गया।

अदालत का निर्देश और समय-सीमा

न्यायालय द्वारा जारी उद्घोषणा के अनुसार, आरोपी मोहम्मद कासिम को 21 अगस्त 2026 तक अथवा उससे पूर्व नामित अदालत के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है। यदि वह निर्धारित समय-सीमा के भीतर पेश नहीं होता, तो BNSS की धारा 85 के तहत उसके विरुद्ध अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि BNSS की धारा 85 के तहत फरार आरोपी की संपत्ति कुर्क किए जाने का प्रावधान है।

पुलिस का संदेश और आम जनता से अपील

रियासी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादियों, देश-विरोधी तत्वों और फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास आरोपी के ठिकाने या उससे संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी हो, तो वह तत्काल निकटतम पुलिस थाने को सूचित करें। यह कदम फरार आतंकियों को कानून के दायरे में लाने के व्यापक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठकर नेटवर्क चला रहा है, तो 21 अगस्त की समय-सीमा व्यावहारिक रूप से कितनी प्रभावी होगी। BNSS धारा 85 के तहत संपत्ति कुर्की का प्रावधान घरेलू स्तर पर दबाव बना सकता है, परंतु सीमा पार फरार आरोपियों के मामले में यह उपकरण सीमित साबित होता रहा है। कटरा-नरवाल विस्फोट जैसे गंभीर मामलों में अभी तक मुकदमे की गति सुस्त रही है — उद्घोषणा से कागज़ी कार्रवाई पूरी होती है, लेकिन न्याय के लिए प्रत्यर्पण या अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दरकार है जो अभी दूर की कौड़ी बनी हुई है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान के खिलाफ उद्घोषणा क्यों जारी की गई?
मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान एक वांटेड आतंकी हैंडलर है जो कथित तौर पर पाकिस्तान से सीमा पार आतंकी नेटवर्क संचालित कर रहा है। वह 2022-23 के कटरा और नरवाल विस्फोट मामलों सहित कई मामलों में वांछित है और अदालत में पेश नहीं हो रहा था, इसलिए BNSS धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी की गई।
BNSS धारा 84 के तहत उद्घोषणा का क्या मतलब है?
BNSS धारा 84 के तहत अदालत किसी फरार आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक उद्घोषणा जारी करती है, जिसमें उसे एक निर्धारित तिथि तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया जाता है। इस मामले में आरोपी को 21 अगस्त 2026 तक पेश होना है; न आने पर BNSS धारा 85 के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।
मोहम्मद कासिम पर कौन-से आरोप हैं?
आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना महोरे में दर्ज एफआईआर में UAPA की धाराएं 13, 17, 18, 20, 38 और 39 लागू की गई हैं। वह 2022-23 के कटरा और नरवाल विस्फोट मामलों सहित कई आतंकवाद से जुड़े मामलों में वांछित है।
उद्घोषणा की कार्रवाई कहां और कैसे हुई?
यह कार्रवाई एसडीपीओ महोरे पारुल भारद्वाज के नेतृत्व में रियासी के महोरे क्षेत्र के अंग्रल्ला गांव में हुई। पुलिस दल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में आरोपी के घर पर अदालती आदेश सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया।
यदि आरोपी 21 अगस्त तक पेश नहीं हुआ तो क्या होगा?
यदि मोहम्मद कासिम 21 अगस्त 2026 तक नामित अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होता, तो BNSS की धारा 85 के तहत उसके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उसकी संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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