संबित पात्रा का विपक्ष पर हमला: JPSC परीक्षा पर चुप्पी और संसद बाधित करने पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद एक के बाद एक अवरोध खड़े कर संसद की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित कर रहे हैं और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा विवाद पर कोई जवाब देने को तैयार नहीं हैं। पात्रा ने इसे कांग्रेस का 'डबल स्टैंडर्ड' करार दिया।
संसद में बाधा और विपक्ष पर आरोप
पात्रा ने कहा कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही प्रश्नकाल और जीरो आवर बाधित हो रहे हैं। उनके अनुसार, एक संसद सत्र पर करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि खर्च होती है, लेकिन कांग्रेस और उसके INDIA ब्लॉक के सहयोगी दल किसी भी विधेयक पर सार्थक चर्चा नहीं होने दे रहे। उन्होंने कहा, 'विपक्ष केवल सदन में शोर कर रहा है, किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार नहीं है।'
JPSC परीक्षा विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी
पात्रा ने विशेष रूप से झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र आंदोलन पर बैठे हैं, लेकिन कांग्रेस के विधायक सदन में इस विषय को उठाने से बच रहे हैं। उनके अनुसार, 'झारखंड की JPSC परीक्षा को लेकर एक तख्ती भी कांग्रेस के हाथों में नहीं देखी गई — यह चयनात्मक आक्रोश है।'
प्रियांक खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार
पात्रा ने कर्नाटक में हुए पेपर लीक और पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती घोटाले के विरोध में उठे छात्र आंदोलन का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मीडिया के सवालों के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र एवं कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कथित तौर पर कहा, 'उन्हें भूख हड़ताल करने दो, फिर हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद ही मैं इस्तीफे के बारे में सोचूंगा।' पात्रा ने इस बयान को 'असंवेदनशील और अमानवीय' बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर अब तक चुप हैं।
महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा न होने की चिंता
पात्रा ने यह भी रेखांकित किया कि सदन में हुड़दंग के कारण दो अहम विधेयकों पर कोई बहस नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 — जो नागरिकों के अधिकारों से सीधे जुड़ा है — और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को पेश किया गया बैंकर बुक एविडेंस बिल 2026, दोनों पर कोई सार्थक चर्चा नहीं हो पाई। उनके अनुसार बैंकिंग से जुड़ा यह विधेयक देश की आम जनता को सीधे प्रभावित करता है।
आगे क्या
मानसून सत्र में बाधाओं का यह सिलसिला जारी रहने की आशंका के बीच BJP ने विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। पात्रा ने दावा किया कि विपक्ष आज भी सदन नहीं चलने देगा। यह देखना होगा कि संसद के शेष दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव किस दिशा में जाता है।