संजय राउत का केंद्र पर हमला: '56 इंच का सीना बच्चों से डर गया', जंतर-मंतर पर युवाओं का आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 20 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राउत ने कहा कि सरकार बच्चों के आंदोलन से घबरा गई है, जो उसकी कमज़ोरी को उजागर करता है।
राउत का सरकार पर सीधा प्रहार
पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा, '56 इंच के सीने वाले लोग बच्चों से डर गए हैं। उनको समझ नहीं आया कि क्या होने जा रहा है।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सत्ता पक्ष को लगा था कि वे विपक्ष को कीड़े-मकोड़ों की तरह खत्म कर देंगे, लेकिन जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा डटे हुए हैं। राउत ने यह भी कहा कि 'जंतर-मंतर पर बैठा हर बच्चा नेता है।'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आंदोलन
राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले को लेकर राउत ने बताया कि देश के बड़े शहरों में इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में बड़ा प्रदर्शन हुआ, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और हज़ारों कार्यकर्ता शामिल थे। पुणे और नागपुर में भी आंदोलन हुए। राउत के अनुसार, 'हज़ारों की संख्या में लोग चढ़ावा विवाद मामले के खिलाफ सड़क पर उतर रहे हैं।'
संसद में विपक्ष की गरिमा पर सवाल
राउत ने संसद की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि 'संसद में विपक्ष की जो गरिमा होनी चाहिए थी, वह बची नहीं है।' उन्होंने सत्ता पक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग वंदे मातरम की बात करते हैं, वे बिना पढ़े इसकी चार पंक्तियाँ गाकर दिखाएँ। उनका कहना था कि जो स्वतंत्रता आंदोलन में नहीं थे, उन्हें राष्ट्रभक्ति का प्रमाण देना होगा।
चंद्रशेखर की अपील: युवाओं की बात सुने सरकार
आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर ने भी सरकार से युवाओं की माँगें सुनने की अपील की। उन्होंने कहा, 'नौजवानों की बात को सरकार को माननी चाहिए। अगर नौजवानों के खिलाफ होंगे तो कोई सांसद भी नहीं जीतेगा।' चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान मेट्रो सेवाएँ बाधित होने के बावजूद युवा डरे नहीं हैं, जो उनके संकल्प को दर्शाता है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर युवाओं का आंदोलन और देशभर में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर बढ़ती सक्रियता आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है।