नागालैंड के दीमापुर में 7 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण, मणिपुर के सेनापति जिले से 15 हथियार बरामद

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नागालैंड के दीमापुर में 7 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण, मणिपुर के सेनापति जिले से 15 हथियार बरामद

सारांश

नागालैंड के दीमापुर में सात उग्रवादियों का आत्मसमर्पण और मणिपुर के सेनापति जिले से AK-47 सहित 15 हथियारों की बरामदगी — एक ही दिन में असम राइफल्स की दोहरी कार्रवाई पूर्वोत्तर में खुफिया-आधारित विद्रोह-रोधी रणनीति की बढ़ती धार को उजागर करती है।

मुख्य बातें

7 मई 2026 को नागालैंड के दीमापुर में विभिन्न उग्रवादी गुटों से जुड़े सात उग्रवादियों ने असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण में जमा हथियारों में चार .22 कैलिबर पिस्तौल , एक 7.65 मिमी पिस्तौल , एक शॉटगन , एक बंदूक और एक कार्बाइन शामिल थे।
मणिपुर के सेनापति जिले की मारनमेई पहाड़ी श्रृंखला से 15 हथियार बरामद हुए, जिनमें एक एके-47 और एक एमपी5 राइफल शामिल हैं।
बरामद हथियार आगे की जाँच के लिए मणिपुर पुलिस को सौंपे गए।
दोनों अभियान खुफिया जानकारी पर आधारित समन्वित कार्रवाई का हिस्सा थे।

असम राइफल्स के समन्वित अभियानों के बीच नागालैंड के दीमापुर में 7 मई 2026 को विभिन्न उग्रवादी संगठनों से जुड़े सात कट्टर उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसी दिन पड़ोसी राज्य मणिपुर के सेनापति जिले की मारनमेई पहाड़ी श्रृंखला से खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान के दौरान 15 हथियारों सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया। रक्षा प्रवक्ता ने दोनों घटनाओं की पुष्टि की।

दीमापुर में आत्मसमर्पण का घटनाक्रम

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, दीमापुर पुलिस स्टेशन में असम राइफल्स के जवानों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह आत्मसमर्पण समारोह आयोजित हुआ। विभिन्न गुटों से संबंधित इन सात उग्रवादियों को सुरक्षा बलों द्वारा लगातार किए गए प्रयासों और समन्वित संपर्क अभियान के ज़रिए मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया था। दीमापुर के कुछ क्षेत्रों में इन गुटों की मौजूदगी की विशिष्ट खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह लक्षित जनसंपर्क अभियान चलाया गया।

आत्मसमर्पण में जमा हथियारों का विवरण

आत्मसमर्पण के दौरान उग्रवादियों ने हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा सौंपा। इसमें गोला-बारूद सहित चार .22 कैलिबर पिस्तौल, एक 7.65 मिमी पिस्तौल, एक सिंगल-बैरल शॉटगन, एक सिंगल-बैरल बंदूक और एक मैगजीन सहित एक कार्बाइन शामिल थी। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि यह सफल आत्मसमर्पण खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों की प्रभावशीलता और सुरक्षा बलों के मानवीय एवं प्रेरक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

मणिपुर में हथियार बरामदगी अभियान

इसी दिन एक अलग अभियान में असम राइफल्स के जवानों ने सेनापति जिले की मारनमेई पहाड़ी श्रृंखला से 15 हथियार बरामद किए। इनमें एक एके-47 राइफल, एक एमपी5 राइफल, एक .303 राइफल, कई .22 राइफलें, स्थानीय स्तर पर निर्मित बोल्ट-एक्शन राइफलें, पिस्तौलें, एक शॉटगन और विभिन्न कैलिबर का गोला-बारूद शामिल था। गौरतलब है कि यह अभियान भी खुफिया जानकारी पर आधारित समन्वित कार्रवाई का हिस्सा था।

आगे की कानूनी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर से बरामद हथियार और गोला-बारूद आगे की जाँच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। असम राइफल्स ने स्पष्ट किया कि वह अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में पूर्वोत्तर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में विद्रोह-रोधी प्रयासों को नई गति मिल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास और पुनः एकीकरण की दीर्घकालिक योजना अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है। मणिपुर में जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में हथियारों की इतनी बड़ी बरामदगी यह भी संकेत देती है कि सशस्त्र गुट अभी भी सक्रिय हैं और आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हुई है। सुरक्षा बलों की सफलताएँ तब तक अधूरी रहेंगी जब तक राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया को समानांतर गति नहीं मिलती।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के दीमापुर में किन उग्रवादी संगठनों के सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया?
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, 7 मई 2026 को दीमापुर में आत्मसमर्पण करने वाले सात उग्रवादी विभिन्न उग्रवादी गुटों से संबंधित थे। हालाँकि, आधिकारिक बयान में किसी विशेष संगठन का नाम नहीं लिया गया।
मणिपुर के सेनापति जिले से कौन-कौन से हथियार बरामद हुए?
असम राइफल्स ने सेनापति जिले की मारनमेई पहाड़ी श्रृंखला से कुल 15 हथियार बरामद किए, जिनमें एक एके-47 राइफल, एक एमपी5 राइफल, एक .303 राइफल, कई .22 राइफलें, स्थानीय निर्मित बोल्ट-एक्शन राइफलें, पिस्तौलें, एक शॉटगन और विभिन्न कैलिबर का गोला-बारूद शामिल है।
आत्मसमर्पण के दौरान जमा हथियारों का क्या होगा?
मणिपुर से बरामद हथियार और गोला-बारूद आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। दीमापुर में जमा हथियारों के बारे में अधिकारियों ने समान प्रक्रिया का पालन किए जाने का संकेत दिया है।
असम राइफल्स ने उग्रवादियों का आत्मसमर्पण कैसे सुनिश्चित किया?
असम राइफल्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर लक्षित जनसंपर्क अभियान चलाया और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा। इसका उद्देश्य गुमराह युवाओं को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करना था।
पूर्वोत्तर भारत में इस तरह की कार्रवाइयों का क्या महत्व है?
पूर्वोत्तर भारत में दशकों से सक्रिय विभिन्न उग्रवादी गुटों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा खुफिया-आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं। एक ही दिन में दो राज्यों में सफल कार्रवाई इस क्षेत्र में विद्रोह-रोधी रणनीति की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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